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2200 रुपये का रेमडेसिविर 50 हजार में बेचते थे, चार गिरफ्तार
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ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि मुख्य आरोपियों में से एक सीएमओ कार्यालय का संविदा कर्मचारी और दूसरा दिल्ली एम्स का लैब टेक्नीशियन है। दोनों गिरोह बनाकर 50 हजार रुपये तक में इंजेक्शन बेच रहे थे। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो रेमडेसिविर इंजेक्शन, 49600 रुपये और लग्जरी कार बरामद की है। पुलिस आरोपियों पर रासुका लगाने की तैयारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार को नॉलेज पार्क थाना पुलिस को कैलाश अस्पताल के बाहर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी होने की सूचना मिली। मौके से पुलिस ने सिकंदराबाद के चौधरी वाडा कस्बा निवासी शुभम गोयल, तुगलपुर निवासी वैभव शर्मा, सेक्टर ईटा दो निवासी शिवम शर्मा और मुरादनगर निवासी योगेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। सभी ने ग्रेटर नोएडा के सिग्मा सेक्टर में ठिकाना बनाया हुआ था। एडिशनल डीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि सरगना विकास कौशिक है जो सीएमओ कार्यालय में संविदा कर्मचारी है। जबकि दूसरा आरोपी सुमित है जो दिल्ली एम्स का लैब टेक्नीशियन है।
विकास ने ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी की साजिश रची थी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वह एक इंजेक्शन को 30 से 50 हजार रुपये में बेचते थे। जबकि बाजार में इसकी कीमत 2200 रुपये है। वैभव शर्मा छात्र है। वैभव और शिवम अस्पतालों के बाहर रेकी करते थे। वहां मरीजों के परिजनों को फोन पर इंजेक्शन के लिए बात करते सुनते थे। उसी का फायदा उठाकर मरीजों के परिजनों से बात करते थे। हालांकि, कीमत सुनकर परिजनों के होश उड़ जाते थे, लेकिन मजबूरी में इंजेक्शन लेना पड़ता था। आरोपी कई इंजेक्शन बेच चुके हैं।
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सूरजपुर ऑक्सीजन प्लांट में आई तकनीकी खराबी, आपूर्ति बाधित
जिले का इकलौता सूरजपुर ऑक्सीजन प्लांट आईनॉक्स भी लगातार काम के दबाव को सह नहीं पा रहा। इसमें बुधवार को तकनीकी खराबी आ गई। इससे कई स्थानों पर ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। कई अस्पतालों के लिए बाहर से ऑक्सीजन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। प्लांट के जीएम मार्केटिंग मनोज गुप्ता ने बताया कि प्लांट की क्षमता 35 एमटी की है। अस्पतालों में बढ़ी मांग के कारण प्लांट पर करीब चार गुना लोड बढ़ गया है। इसे तीन शिफ्टों में चलाया जा रहा है। बुधवार को इसमें तकनीकी खामी आ गई। शाम करीब छह बजे दूर कर इसे दोबारा से शुरू किया गया, लेकिन ऑक्सीजन तैयार करने के लिए लिक्विड कम हो गया। इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। इस बारे में एसडीएम सदर प्रसून द्विवेदी से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
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पुलिस के अनुसार, बुधवार को नॉलेज पार्क थाना पुलिस को कैलाश अस्पताल के बाहर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी होने की सूचना मिली। मौके से पुलिस ने सिकंदराबाद के चौधरी वाडा कस्बा निवासी शुभम गोयल, तुगलपुर निवासी वैभव शर्मा, सेक्टर ईटा दो निवासी शिवम शर्मा और मुरादनगर निवासी योगेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। सभी ने ग्रेटर नोएडा के सिग्मा सेक्टर में ठिकाना बनाया हुआ था। एडिशनल डीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि सरगना विकास कौशिक है जो सीएमओ कार्यालय में संविदा कर्मचारी है। जबकि दूसरा आरोपी सुमित है जो दिल्ली एम्स का लैब टेक्नीशियन है।
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विकास ने ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी की साजिश रची थी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वह एक इंजेक्शन को 30 से 50 हजार रुपये में बेचते थे। जबकि बाजार में इसकी कीमत 2200 रुपये है। वैभव शर्मा छात्र है। वैभव और शिवम अस्पतालों के बाहर रेकी करते थे। वहां मरीजों के परिजनों को फोन पर इंजेक्शन के लिए बात करते सुनते थे। उसी का फायदा उठाकर मरीजों के परिजनों से बात करते थे। हालांकि, कीमत सुनकर परिजनों के होश उड़ जाते थे, लेकिन मजबूरी में इंजेक्शन लेना पड़ता था। आरोपी कई इंजेक्शन बेच चुके हैं।
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सूरजपुर ऑक्सीजन प्लांट में आई तकनीकी खराबी, आपूर्ति बाधित
जिले का इकलौता सूरजपुर ऑक्सीजन प्लांट आईनॉक्स भी लगातार काम के दबाव को सह नहीं पा रहा। इसमें बुधवार को तकनीकी खराबी आ गई। इससे कई स्थानों पर ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। कई अस्पतालों के लिए बाहर से ऑक्सीजन की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। प्लांट के जीएम मार्केटिंग मनोज गुप्ता ने बताया कि प्लांट की क्षमता 35 एमटी की है। अस्पतालों में बढ़ी मांग के कारण प्लांट पर करीब चार गुना लोड बढ़ गया है। इसे तीन शिफ्टों में चलाया जा रहा है। बुधवार को इसमें तकनीकी खामी आ गई। शाम करीब छह बजे दूर कर इसे दोबारा से शुरू किया गया, लेकिन ऑक्सीजन तैयार करने के लिए लिक्विड कम हो गया। इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। इस बारे में एसडीएम सदर प्रसून द्विवेदी से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।