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सुकून भरी बारिश ने थाम दी वाहनों की रफ्तार
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रजनीगंधा लूप पर जलजमाव के बीच से गुजरती गाडियां
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नोएडा/ग्रेटर नोएडा। भीषण गर्मी और उमस से सुकून देने वाली बारिश ने सोमवार को सड़कों पर उतरे वाहनोें की रफ्तार थाम दी। मानसून की पहली जोरदार बारिश ने लोगों को राहत दी, लेकिन सड़कें और अंडरपास लबालब होने से वाहन चालक परेशान रहे। रविवार आधी रात से शुरू हुई बरसात दिनभर रुक-रुककर होती रही। पूरे दिन सूरज नहीं निकाल और मौसम सुहावना बना रहा, लेकिन मुख्य मार्गों पर जलभराव होने से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। कई प्वाइंट पर ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई। बारिश के दौरान कई सेक्टरों में सुबह और दोपहर में बिजली गुल हो गई। इस कारण सुबह कार्यालय जाने वाले लोगों को पानी तक मुहैया नहीं हो सका।
सेक्टर-60, अट्टा मार्केट, एनटीपीसी अंडरपास, सेक्टर-71 चौराहे के पास जलभराव होने से यहां वाहनों की रफ्तार धीमी रही। ऐसे में नौकरीपेशा लोग पीक ऑवर में जलभराव के बीच सड़क पर जाम से जूझते दिखे। सबसे बुरे हालात चिल्ला रोड, डीएनडी लूप, महामाया, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, मॉडल टाउन, डीएससी रोड, उद्योग मार्ग, भंगेल, बरौला आदि स्थानों पर रहे। यहां वाहनों की लंबी कतारें लगीं थीं। पांच से दस मिनट का सफर तय करने में ही लोगों को 30 से 40 मिनट लग रहे थे।
डीएनडी लूप पर राहत, महामाया फ्लाईओवर के नीचे नहीं बदले हालात
डीएनडी लूप मार्ग और महामाया फ्लाईओवर के पास जलभराव की समस्या कई साल से चली आ रही थी। मानसून से पहले ही नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया था कि किसी भी हालत में इन प्वाइंट पर जलभराव की समस्या नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों ने दोनों ही जगह 1.24 करोड़ की योजना तैयार की थी। डीएनडी लूप मार्ग पर संपवेल लगाया गया। महामाया फ्लाईओवर के पास 50 लाख की लागत से चैनल बनाकर पाइप लाइन डाली गई थी, जोकिएक गटर से जोड़ी गई थी। सोमवार को इसका असर डीएनडी लूप पर देखने को मिला। बारिश होने के बावजूद यहां जलभराव न के बराबर था। हालांकि महामाया फ्लाईओवर के नीचे अंडरपास में हालात ज्यादा बदतर थे।
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नालों की सफाई का भी था दावा
बरसात से पहले ही नोएडा प्राधिकरण ने शहर के सभी नालों को साफ कराने का दावा किया था। मगर बारिश के बाद सब फेल साबित हुआ। नालों की सफाई के बाद सिल्ट नहीं उठाने के कारण पानी निकासी ठीक से नहीं हो सकी। सड़क पर घुटनों तक पानी से कई दुपहिया बीच में ही बंद हो गए।
कई सेक्टरों में बिजली गुल
बारिश से शहर के आधे से अधिक सेक्टरों में बत्ती गुल हो गई। लोगों ने सोशल मीडिया से लेकर अफसरों तक पत्र भेजकर शिकायत करते हुए तंज कसे। लोगों का आरोप है कि नोएडा में बारिश की जरा सी बूंदे क्या गिर गई बिजली ही गुल हो गई। सुबह जैसे ही बारिश शुरू हुई अंडरग्राउंड केबल और ओवरहेड लाइनों में फाल्ट होने लगे। बिजली न आने के कारण कई सेक्टरों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई और लोग आफिस जाने के लिए तैयार तक नहीं हो पाए। सुबह 8 बजे से सेक्टर-122 में करीब चार घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। सेक्टर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा ने आरोप लगाया कि शहर में जरा सी बरसात होने पर ही बिजली गुल हो जाती है। सेक्टर-51 स्थित केंद्रीय विहार, 12-22, 74, 46, 39,40, 45,125, 126, 127, 104, 105, 135, 128, आदि समेत करीब 20 सेक्टर औ सदरपुर, सलारपुर, बरौला, निठारी, हरौला आदि समेत क्षेत्र अधिकतर गांवों में आपूर्ति सुबह से लेकर शाम तक प्रभावित रही।
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क्या कहते हैं अधिकारी
बारिश के कारण सेक्टर-122 में ही ट्रांसफार्मर जलने की वजह से करीब 4 घंटे तक बिजली प्रभावित हुई थी। ट्रांसफार्मर बदलने के बाद समस्या दूर हो गई। किसी विशेष स्थान पर इससे ज्यादा बिजली आपूर्ति बाधित नहीं रही है।
- वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम।
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सेक्टर और मुख्य रास्तों पर जलभराव
ग्रेटर नोएडा। बारिश ने गर्मी और प्रदूषण से राहत दी, लेकिन कई सेक्टरों और मुख्य सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों ने परेशानी भी भुगती। जाम के कारण लोग पीक टाइम में समय से दफ्तर नहीं पहुंच पाए। ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ग्रीन जोन में पहुंच गया है। एक्यूआई 96 रहा। वहीं नोएडा का एक्यूआई 46 रहा। यहां वायु प्रदूषण डार्क ग्रीन जोन में पहुंच गया है।
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कलेक्ट्रेट परिसर में भरा पानी
कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर पानी भरने की समस्या से निजात नहीं मिल रही है। परिसर में पानी भरने से लोग कार्यालयों तक नहीं पहुंच सके। अफसरों को भी काफी दिक्कत हुई। अफसरों का कहना है कि कलेक्ट्रेट परिसर मुख्य रोड से नीचे है। सूरजपुर से आ रहे नाले में कलेक्ट्रेट परिसर का पानी जाता है। नाला ओवरफ्लो होने के कारण कलेक्ट्रेट के अंदर पानी भर गया। प्राधिकरण की टीम बुलाकर पानी को बाहर निकाला गया।
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जेवर बांगर टाउनशिप में बन रहे मकानों में आई दरार
जेवर। बारिश की वजह से जगह-जगह जलभराव हो गया। वही, एयरपोर्ट के विस्थापित किसानों को बचाने के लिए जेवर बांगर में बसाई जा रही टाउनशिप में बन रहे मकानों में जमीन धंसने की वजह से दरार आ गई। लोगों का आरोप है प्रशासन ने टाउनशिप की जमीन में कई फुट तक का भराव किया था पानी भरने के बाद जमीन धंस गई और मकानों में दरार पड़ गई।
रोही गांव निवासी कालू सिंह जेवर बांगर की टाउनशिप के पॉकेट वन में आवंटित हुए प्लॉट पर मकान का निर्माण करा रहे थे। रविवार रात बारिश के बाद टाउनशिप में जलभराव हो गया जिसकी वजह से उनके मकान की दीवार में लगभग 2 इंची की दरार आ गई वही, और भी मकानों की नींव में पानी पहुंचने की वजह से नुकसान की सूचना है।
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सेक्टर-60, अट्टा मार्केट, एनटीपीसी अंडरपास, सेक्टर-71 चौराहे के पास जलभराव होने से यहां वाहनों की रफ्तार धीमी रही। ऐसे में नौकरीपेशा लोग पीक ऑवर में जलभराव के बीच सड़क पर जाम से जूझते दिखे। सबसे बुरे हालात चिल्ला रोड, डीएनडी लूप, महामाया, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, मॉडल टाउन, डीएससी रोड, उद्योग मार्ग, भंगेल, बरौला आदि स्थानों पर रहे। यहां वाहनों की लंबी कतारें लगीं थीं। पांच से दस मिनट का सफर तय करने में ही लोगों को 30 से 40 मिनट लग रहे थे।
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डीएनडी लूप पर राहत, महामाया फ्लाईओवर के नीचे नहीं बदले हालात
डीएनडी लूप मार्ग और महामाया फ्लाईओवर के पास जलभराव की समस्या कई साल से चली आ रही थी। मानसून से पहले ही नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया था कि किसी भी हालत में इन प्वाइंट पर जलभराव की समस्या नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों ने दोनों ही जगह 1.24 करोड़ की योजना तैयार की थी। डीएनडी लूप मार्ग पर संपवेल लगाया गया। महामाया फ्लाईओवर के पास 50 लाख की लागत से चैनल बनाकर पाइप लाइन डाली गई थी, जोकिएक गटर से जोड़ी गई थी। सोमवार को इसका असर डीएनडी लूप पर देखने को मिला। बारिश होने के बावजूद यहां जलभराव न के बराबर था। हालांकि महामाया फ्लाईओवर के नीचे अंडरपास में हालात ज्यादा बदतर थे।
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नालों की सफाई का भी था दावा
बरसात से पहले ही नोएडा प्राधिकरण ने शहर के सभी नालों को साफ कराने का दावा किया था। मगर बारिश के बाद सब फेल साबित हुआ। नालों की सफाई के बाद सिल्ट नहीं उठाने के कारण पानी निकासी ठीक से नहीं हो सकी। सड़क पर घुटनों तक पानी से कई दुपहिया बीच में ही बंद हो गए।
कई सेक्टरों में बिजली गुल
बारिश से शहर के आधे से अधिक सेक्टरों में बत्ती गुल हो गई। लोगों ने सोशल मीडिया से लेकर अफसरों तक पत्र भेजकर शिकायत करते हुए तंज कसे। लोगों का आरोप है कि नोएडा में बारिश की जरा सी बूंदे क्या गिर गई बिजली ही गुल हो गई। सुबह जैसे ही बारिश शुरू हुई अंडरग्राउंड केबल और ओवरहेड लाइनों में फाल्ट होने लगे। बिजली न आने के कारण कई सेक्टरों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई और लोग आफिस जाने के लिए तैयार तक नहीं हो पाए। सुबह 8 बजे से सेक्टर-122 में करीब चार घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। सेक्टर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा ने आरोप लगाया कि शहर में जरा सी बरसात होने पर ही बिजली गुल हो जाती है। सेक्टर-51 स्थित केंद्रीय विहार, 12-22, 74, 46, 39,40, 45,125, 126, 127, 104, 105, 135, 128, आदि समेत करीब 20 सेक्टर औ सदरपुर, सलारपुर, बरौला, निठारी, हरौला आदि समेत क्षेत्र अधिकतर गांवों में आपूर्ति सुबह से लेकर शाम तक प्रभावित रही।
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क्या कहते हैं अधिकारी
बारिश के कारण सेक्टर-122 में ही ट्रांसफार्मर जलने की वजह से करीब 4 घंटे तक बिजली प्रभावित हुई थी। ट्रांसफार्मर बदलने के बाद समस्या दूर हो गई। किसी विशेष स्थान पर इससे ज्यादा बिजली आपूर्ति बाधित नहीं रही है।
- वीएन सिंह, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम।
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सेक्टर और मुख्य रास्तों पर जलभराव
ग्रेटर नोएडा। बारिश ने गर्मी और प्रदूषण से राहत दी, लेकिन कई सेक्टरों और मुख्य सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों ने परेशानी भी भुगती। जाम के कारण लोग पीक टाइम में समय से दफ्तर नहीं पहुंच पाए। ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ग्रीन जोन में पहुंच गया है। एक्यूआई 96 रहा। वहीं नोएडा का एक्यूआई 46 रहा। यहां वायु प्रदूषण डार्क ग्रीन जोन में पहुंच गया है।
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कलेक्ट्रेट परिसर में भरा पानी
कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर पानी भरने की समस्या से निजात नहीं मिल रही है। परिसर में पानी भरने से लोग कार्यालयों तक नहीं पहुंच सके। अफसरों को भी काफी दिक्कत हुई। अफसरों का कहना है कि कलेक्ट्रेट परिसर मुख्य रोड से नीचे है। सूरजपुर से आ रहे नाले में कलेक्ट्रेट परिसर का पानी जाता है। नाला ओवरफ्लो होने के कारण कलेक्ट्रेट के अंदर पानी भर गया। प्राधिकरण की टीम बुलाकर पानी को बाहर निकाला गया।
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जेवर बांगर टाउनशिप में बन रहे मकानों में आई दरार
जेवर। बारिश की वजह से जगह-जगह जलभराव हो गया। वही, एयरपोर्ट के विस्थापित किसानों को बचाने के लिए जेवर बांगर में बसाई जा रही टाउनशिप में बन रहे मकानों में जमीन धंसने की वजह से दरार आ गई। लोगों का आरोप है प्रशासन ने टाउनशिप की जमीन में कई फुट तक का भराव किया था पानी भरने के बाद जमीन धंस गई और मकानों में दरार पड़ गई।
रोही गांव निवासी कालू सिंह जेवर बांगर की टाउनशिप के पॉकेट वन में आवंटित हुए प्लॉट पर मकान का निर्माण करा रहे थे। रविवार रात बारिश के बाद टाउनशिप में जलभराव हो गया जिसकी वजह से उनके मकान की दीवार में लगभग 2 इंची की दरार आ गई वही, और भी मकानों की नींव में पानी पहुंचने की वजह से नुकसान की सूचना है।

सूरजपुर कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम ऑफिस के बाहर भरा पानी- फोटो : Grnoida