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मृतक के परिजनों को मिला नौकरी और मुआवजे का आश्वासन
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दनकौर। क्षेत्र में स्थित एक विश्वविद्यालय में संचालित अस्पताल के कर्मी की सोमवार शाम को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के परिजनों ने शव मंगलवार को विवि के गेट पर रखकर मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर हंगामा किया। देर रात विवि प्रशासन ने मृतक की पत्नी को मुआवजा और नौकरी देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिवार के लोगों ने वहां से शव हटाकर अंतिम संस्कार किया।
कस्बा निवासी संदीप (30) विश्वविद्यालय में संचालित अस्पताल में कर्मचारी था। परिवार के लोगों का कहना था कि सोमवार की शाम विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उसे किसी काम के चलते दनकौर कस्बे भेजा गया था। जब वह वापस बाइक से लौट रहा था, तो यमुना एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड के डिवाइडर की फेंसिंग से टकराकर उसकी मौत हो गई थी।
परिवार के लोगों का आरोप है कि इस घटना का जिम्मेदार विवि प्रशासन है, जिसके चलते मंगलवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचा, तो परिवार ने वहां से शव को ले जाकर विवि के गेट पर रखकर हंगामा किया। बाद में मामले की सूचना मिलते ही एसीपी ब्रजनंदन राय समेत पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। साथ ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी भी पहुंच गए, जो पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग करते हुए उनके साथ वहीं धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष का कहना था कि मृतक संदीप घर पर अकेला कमाने वाला था, जिसके छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। बाद में देर रात विवि प्रशासन ने मृतक की पत्नी को मुआवजा और नौकरी देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही परिवार के लोग शव को लेकर हटे।
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कस्बा निवासी संदीप (30) विश्वविद्यालय में संचालित अस्पताल में कर्मचारी था। परिवार के लोगों का कहना था कि सोमवार की शाम विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उसे किसी काम के चलते दनकौर कस्बे भेजा गया था। जब वह वापस बाइक से लौट रहा था, तो यमुना एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड के डिवाइडर की फेंसिंग से टकराकर उसकी मौत हो गई थी।
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परिवार के लोगों का आरोप है कि इस घटना का जिम्मेदार विवि प्रशासन है, जिसके चलते मंगलवार की दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचा, तो परिवार ने वहां से शव को ले जाकर विवि के गेट पर रखकर हंगामा किया। बाद में मामले की सूचना मिलते ही एसीपी ब्रजनंदन राय समेत पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। साथ ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी भी पहुंच गए, जो पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग करते हुए उनके साथ वहीं धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष का कहना था कि मृतक संदीप घर पर अकेला कमाने वाला था, जिसके छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। बाद में देर रात विवि प्रशासन ने मृतक की पत्नी को मुआवजा और नौकरी देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही परिवार के लोग शव को लेकर हटे।
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