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प्रयागराज में फर्जी पीएमओ अधिकारी बनकर लाखों रुपये वसूले

Sat, 03 Aug 2019 12:28 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2019 12:28 AM IST
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Recovering millions of rupees as fake PMO officer in Prayagraj
Recovering millions of rupees as fake PMO officer in Prayagraj
फर्जी पीएमओ अधिकारी बनकर लाखों वसूले
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आईएएस-आईपीएस बन अफसरों को करता था फोन
आरोपी के साथ उसका रिश्तेदार भी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागगराज। पीएमओ का अधिकारी बनकर उगाही करने वाले बीटेक पास युवक को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह आईएएस-आईपीएस बनकर अधिकारियों से धनउगाही कर रहा था। उसके साले को भी पुलिस ने पकड़ा है। जो भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री के नाम पर वसूली कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रयागराज निवासी आदित्य उर्फ गौरव मिश्रा और बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर निवासी सत्यवीर राठी के रूप में हुई है। आदित्य, सत्यवीर का जीजा है। उसने 2012 में ग्रेटर नोएडा के आईईसी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक किया। इसके बाद इंटरनेट पर वीडियो देखकर वह चंडीगढ़ से वर्दी तैयार कराकर फर्जी आईपीएस बन गया। जिसके बाद कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने उसे जेल भेजा लेकिन 2014 में बाहर आने के बाद से वह आईएएस-आईपीएस बन उगाही करने लगा। वहीं, आशुतोष भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल के नाम पर अधिकारियों को फोन कर ट्रांसफर, पोस्टिंग व समझौते कराता था। 26 जुलाई को भाजपा नेता राजीव शर्मा ने आशुतोष के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज कराया। तब पुलिस ने जांच की तो जीजा-साले के इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। खास बात यह कि आरोपी आदित्य ने जेल से छूटने के बाद गुजरात निवासी सुजीत के साथ आठ महीने रहकर ट्रेनिंग ली कि किस तरह अधिकारियों व नेताओं से काम कराया जाता है। सुजीत के माध्यम से गौरव की मुलाकात दिल्ली में एक आईएएस से हुई। इसके बाद मंत्रालय में कई अधिकारियों से मित्रवत संबंध हुए। यहां से वह पीएमओ का वरिष्ठ अधिकारी बताकर जनपद के अधिकारियों को फोन कर काम करवाने लगा।
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ऐसे देता था अधिकारियों को झांसा
आरोपी गौरव खुद को आईएएस-आईपीएस बताकर किसी अधिकारी से संपर्क करता था फिर कुछ काम करवाता था। इसके बाद उसी अधिकारी के रेफरेंस से दूसरे अधिकारी से संपर्क करता था। इस कारण दूसरे अधिकारी को कभी यह संदेह नहीं होता था कि यह फर्जी है। इस तरह एक के बाद एक अधिकारियों की चेन बनती गई और उन लोगों के बीच खुद को अधिकारी के रूप में स्थापित कर लिया।
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फर्जी आईएएस, आईपीएस व राजनेता बताकर उगाही करने वाले जीजा-साले को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग कई वर्षों से इस तरह की उगाही कर रहे थे।
-वैभव कृष्ण, एसएसपी।
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