{"_id":"6610107577ef0518110f2df1","slug":"rapid-rail-22-stations-will-be-built-in-the-first-phase-grnoida-news-c-23-1-noi1091-29204-2024-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"रैपिड रेल: गाजियाबाद और नोएडा एयरपोर्ट के बीच पहले चरण में बनेंगे 22 स्टेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रैपिड रेल: गाजियाबाद और नोएडा एयरपोर्ट के बीच पहले चरण में बनेंगे 22 स्टेशन
विज्ञापन
- वर्ष 2030 तक नोएडा एयरपोर्ट और गाजियाबाद के बीच दौड़ेगी रैपिड रेल और मेट्रो
- एनसीआरटीसी ने यमुना प्राधिकरण को सौंपी डीपीआर, मंजूरी के लिए शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
नंबर
35 स्टेशन होंगे गाजियाबाद और नोएडा एयरपोर्ट के बीच
72़ 29 किमी लंबा एलिवेटेड रूट बनेगा, एक ही ट्रैक पर दौड़ेगी रैपिड रेल व मेट्रो
114 किमी प्रति घंटे होगी रैपिड रेल की अधिकतम गति
46 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी मेट्रो
17343 करोड़ आएगी लागत
--
नोएडा हवाई अड्डा पहुंचने में लगने वाला समय
56 मिनट सराय काले खां से
66 मिनट इंदिरा गांधी इंटरनेशनल हवाई अड्डे से
72 मिनट मेरठ से
-- --
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नोएडा हवाईअड्डा को गाजियाबाद को रैपिड रेल (नमो भारत) से जोड़ने की परियोजना एक कदम और आगे बढ़ी है। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) यमुना प्राधिकरण को सौंप दी। यमुना प्राधिकरण की ओर से डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। डीपीआर के मुताबिक गाजियाबद, मेरठ और दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट को जोड़ने वाले रैपिड रेल परियोजना का निर्माण दो चरणों में होगा। पहले चरण में 22 स्टेशन बनाए जाएंगे। जबकि दूसरे चरण में 13 और स्टेशनों का निर्माण होगा।
प्रस्तावित रूट पर अप्रैल 2030 तक रैपिड रेल/ मेट्रो दौड़ने की तैयारी है। यात्री सराय काले खां से 56 मिनट, दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से 66 मिनट और मेरठ से 72 मिनट में एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। रैपिड रेल ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए भी लाइफलाइन साबित होगी। दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए कई विकल्पों पर काम चल रहा है। एनसीआरटीसी ने गाजियाबाद वाया ग्रेनो वेस्ट, सूरजपुर, जगत फार्म व परीचौक, यीडा सिटी रूट की फाइनल डीपीआर सौंपी है। डीपीआर के मुताबिक गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट के बीच 72़ 29 किमी लंबा एलिवेटेड रूट बनेगा। एक ही ट्रैक पर रैपिड रेल और मेट्रो दोनों का संचालन किया जाएगा। हाईस्पीड रैपिड रेल कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर ही रूकेगी, ताकि एयरपोर्ट के यात्री कम कम में यात्रा कर सकें।
हाईस्पीड रैपिड रेल के लिए बनेगा लूप
नोएडा एयरपोर्ट और इंदिरा गांधी एयरपोर्ट दिल्ली के बीच कम समय में सफर पूरा किया जा सके, इसके लिए एयरपोर्ट के लिए स्पेशल हाईस्पीड रैपिड रेल चलाई जाएगी। स्टेशन पर लूप का निर्माण किया जाएगा, ताकि हाईस्पीड रैपिड रेल बिना रुके एयरपोर्ट पहुंच सकें। हाईस्पीड रैपिड रेल कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर ही रुकेगी। हाईस्पीड रैपिड रेल की अधिकतम गति 114 किमी प्रति घंटे होगी। जबकि सामान्य रैपिड रेल की अधिकतम गति 80 किमी प्रति घंटा होगी।
विज्ञापन
एनसीआरटीसी करेगा संचालन
नोएडा एयरपोर्ट और गाजियााद के बीच चलने वाली रैपिड रेल और मेट्रो का संचालन एनसीआरटीसी द्वारा किया जाएगा। ऐसा पहली बार होगा, जब मेट्रो का संचालन एनसीआरटीसी द्वारा किया जाएगा। गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट तक के एलिवेटेड रूट के निर्माण का लक्ष्य 2030 रखा गया है। इसके निर्माण पर लगभग 17,343 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 20, राज्य सरकार की 50 व नायल की 30 फीसदी होगी। इस रूट पर वर्ष 2031 में 3़ 09 लाख यात्रियों के सालाना सफर करने का अनुमान है। जिसके 2054-55 में यात्रियों की बढ़कर 7़ 04 लाख होने की बात कही गई है।
गाजियाबाद और नोएडा एयरपोर्ट के बीच प्रथम चरण में बनने वाले स्टेशन
1़ सिद्धार्थ विहार (गाजियाबाद), गाजियाबाद साउथ, ग्रेनो वेस्ट सेक्टर-16 सी, ग्रेनो वेस्ट- 4, ईकोटेक- 12, ग्रेनो वेस्ट सेक्टर-2 , ग्रेनो वेस्ट सेक्टर-3, ग्रेनो वेस्ट - 10, ग्रेनो वेस्ट सेक्टर-12, नॉलेज पार्क- 5, पुलिस लाइन सूरजपुर ,मलकपुर ,ईकोटेक-2 ,नॉलेज पार्क- 3, अल्फा-1, ओमेगा-3, ईकोटेक-1ई, ईकोटेक- 6, दनकौर, यीडा नार्थ सेक्टर- 18, यीडा सेक्टर- 21 , नोएडा एयरपोर्ट
विज्ञापन
- एनसीआरटीसी ने यमुना प्राधिकरण को सौंपी डीपीआर, मंजूरी के लिए शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
नंबर
35 स्टेशन होंगे गाजियाबाद और नोएडा एयरपोर्ट के बीच
72़ 29 किमी लंबा एलिवेटेड रूट बनेगा, एक ही ट्रैक पर दौड़ेगी रैपिड रेल व मेट्रो
114 किमी प्रति घंटे होगी रैपिड रेल की अधिकतम गति
46 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी मेट्रो
17343 करोड़ आएगी लागत
नोएडा हवाई अड्डा पहुंचने में लगने वाला समय
56 मिनट सराय काले खां से
66 मिनट इंदिरा गांधी इंटरनेशनल हवाई अड्डे से
72 मिनट मेरठ से
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नोएडा हवाईअड्डा को गाजियाबाद को रैपिड रेल (नमो भारत) से जोड़ने की परियोजना एक कदम और आगे बढ़ी है। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) यमुना प्राधिकरण को सौंप दी। यमुना प्राधिकरण की ओर से डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। डीपीआर के मुताबिक गाजियाबद, मेरठ और दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट को जोड़ने वाले रैपिड रेल परियोजना का निर्माण दो चरणों में होगा। पहले चरण में 22 स्टेशन बनाए जाएंगे। जबकि दूसरे चरण में 13 और स्टेशनों का निर्माण होगा।
प्रस्तावित रूट पर अप्रैल 2030 तक रैपिड रेल/ मेट्रो दौड़ने की तैयारी है। यात्री सराय काले खां से 56 मिनट, दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से 66 मिनट और मेरठ से 72 मिनट में एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। रैपिड रेल ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए भी लाइफलाइन साबित होगी। दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए कई विकल्पों पर काम चल रहा है। एनसीआरटीसी ने गाजियाबाद वाया ग्रेनो वेस्ट, सूरजपुर, जगत फार्म व परीचौक, यीडा सिटी रूट की फाइनल डीपीआर सौंपी है। डीपीआर के मुताबिक गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट के बीच 72़ 29 किमी लंबा एलिवेटेड रूट बनेगा। एक ही ट्रैक पर रैपिड रेल और मेट्रो दोनों का संचालन किया जाएगा। हाईस्पीड रैपिड रेल कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर ही रूकेगी, ताकि एयरपोर्ट के यात्री कम कम में यात्रा कर सकें।
विज्ञापन
हाईस्पीड रैपिड रेल के लिए बनेगा लूप
नोएडा एयरपोर्ट और इंदिरा गांधी एयरपोर्ट दिल्ली के बीच कम समय में सफर पूरा किया जा सके, इसके लिए एयरपोर्ट के लिए स्पेशल हाईस्पीड रैपिड रेल चलाई जाएगी। स्टेशन पर लूप का निर्माण किया जाएगा, ताकि हाईस्पीड रैपिड रेल बिना रुके एयरपोर्ट पहुंच सकें। हाईस्पीड रैपिड रेल कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर ही रुकेगी। हाईस्पीड रैपिड रेल की अधिकतम गति 114 किमी प्रति घंटे होगी। जबकि सामान्य रैपिड रेल की अधिकतम गति 80 किमी प्रति घंटा होगी।
विज्ञापन
एनसीआरटीसी करेगा संचालन
नोएडा एयरपोर्ट और गाजियााद के बीच चलने वाली रैपिड रेल और मेट्रो का संचालन एनसीआरटीसी द्वारा किया जाएगा। ऐसा पहली बार होगा, जब मेट्रो का संचालन एनसीआरटीसी द्वारा किया जाएगा। गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट तक के एलिवेटेड रूट के निर्माण का लक्ष्य 2030 रखा गया है। इसके निर्माण पर लगभग 17,343 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 20, राज्य सरकार की 50 व नायल की 30 फीसदी होगी। इस रूट पर वर्ष 2031 में 3़ 09 लाख यात्रियों के सालाना सफर करने का अनुमान है। जिसके 2054-55 में यात्रियों की बढ़कर 7़ 04 लाख होने की बात कही गई है।
गाजियाबाद और नोएडा एयरपोर्ट के बीच प्रथम चरण में बनने वाले स्टेशन
1़ सिद्धार्थ विहार (गाजियाबाद), गाजियाबाद साउथ, ग्रेनो वेस्ट सेक्टर-16 सी, ग्रेनो वेस्ट- 4, ईकोटेक- 12, ग्रेनो वेस्ट सेक्टर-2 , ग्रेनो वेस्ट सेक्टर-3, ग्रेनो वेस्ट - 10, ग्रेनो वेस्ट सेक्टर-12, नॉलेज पार्क- 5, पुलिस लाइन सूरजपुर ,मलकपुर ,ईकोटेक-2 ,नॉलेज पार्क- 3, अल्फा-1, ओमेगा-3, ईकोटेक-1ई, ईकोटेक- 6, दनकौर, यीडा नार्थ सेक्टर- 18, यीडा सेक्टर- 21 , नोएडा एयरपोर्ट