फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   rape case decision

Noida News: दो वर्षीय बच्ची के अपहरण और फिरौती के मामले में तीन दोषी को उम्रकैद

Mon, 01 Dec 2025 08:27 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 01 Dec 2025 08:27 PM IST
विज्ञापन
rape case decision
(अदालत से)
विज्ञापन

- दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना, नहीं जमा करने पर होगी तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दो वर्षीय मासूम के अपहरण और 40 लाख रुपये की फिरौती मांगने के 15 वर्ष पुराने चर्चित मामले में सोनू कश्यप, शिव कुमार और रिड़कू को दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
घटना 27 अप्रैल 2010 की है। वादी ने सेक्टर-24 कोतवाली में केस दर्ज कराया था कि दो वर्षीय पुत्री घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान शिकायतकर्ता की मौसी का नाबालिग लड़का (मौसेरा भाई) घर आया और बच्ची को नीचे लेकर गया। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया, जो पहले रिसीव नहीं हुआ और बाद में बंद हो गया। परिवार ने गुमशुदगी की तहरीर दी थी। अगली सुबह 28 अप्रैल 2010 को शिकायकर्ता के घर के लैंडलाइन नंबर पर फोन आया। कॉलर ने धमकी देते हुए कहा उनकी पुत्री आरोपियों के कब्जे में है, 40 लाख रुपये की व्यवस्था करो। किसी को बताया तो बच्ची को जान से मार देंगे। इसी कॉल के बाद परिवार को यकीन हो गया कि बच्ची का अपहरण मौसी के लड़के ने अपने साथियों के साथ किया है। मुखबिर व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में मेरठ पहुंची थी। पुलिस ने सोनू की निशानदेही पर रिड़कू के मकान पर पहुंची। जहां से शिकायतकर्ता की मौसी के लड़के की गोद से बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया था। मौके पर सोनू, रिड़कू और सह आरोपी दिनेश मौजूद थे।
विज्ञापन

--पुलिस गवाहों के बयानों पर कोर्ट ने जताया भरोसा-
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि वादी प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। बरामदगी के समय कोई स्वतंत्र गवाह नहीं था। लेकिन अदालत ने इन सभी तर्कों को निरस्त करते हुए कहा कि बरामदगी पुलिस टीम की मौजूदगी में हुई। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस गवाहों के बयान मात्र इस आधार पर खारिज नहीं किए जा सकते कि स्वतंत्र गवाह नहीं थे। मुख्य आरोपी शिकायतकर्ता की मौसी के लड़का का किशोर न्यायालय में अलग मामला चल रहा है। इस मामले में पांच आरोपी थे। जिनमें शिकायतकर्ता की मौसी का लड़का, सोनू, शिव कुमार, दिनेश और रिड़कू है। अदालत ने दिनेश की कार्यवाही उसके निधन के कारण 2014 में समाप्त कर दी। शिकायतकर्ता की मौसी का लड़का घटना के समय किशोर था, इसलिए उसकी पत्रावली किशोर न्यायालय भेजी गई। जबकि शेष तीन आरोपियों का विचारण इस सत्र न्यायालय में चला। अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed