जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को बड़ा प्रदर्शन: सीजेपी समेत अन्य छात्र संगठनों का एलान, नेहा बोरा बोलीं- एकजुट हों
10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को लेकर बुधवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में संयुक्त प्रेस वार्ता हुई। इसमें सीजेपी, आइसा, एसएफआई, एआईएसएफ और एएसएपी के प्रतिनिधि शामिल थे।
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बुधवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें सीजेपी, आइसा, एसएफआई, एआईएसएफ और एएसएपी जैसे प्रमुख छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस वार्ता का उद्देश्य 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े प्रदर्शन के लिए समर्थन जुटाना था।
प्रेस वार्ता के दौरान नागरिकों, छात्रों और देश के युवाओं से इस प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की गई। छात्र संगठनों ने एकजुट होकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान किया है। आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने इस पहल का नेतृत्व किया।
उन्होंने कहा कि सभी छात्र संगठन मिलकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाएंगे। यह प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित होगा। संगठनों का आरोप है कि निर्वाचन आयोग छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रहा है। वे आयोग से अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन का लक्ष्य सरकार और निर्वाचन आयोग पर दबाव बनाना है।
छात्र संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आयोग ने हाल के चुनावों में निष्पक्षता नहीं बरती है। छात्रों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया में कई खामियां हैं जिन्हें दूर किया जाना चाहिए। वे निर्वाचन आयोग से इन मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की मांग कर रहे हैं। यह प्रदर्शन छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।