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Noida News: प्रिया भार्गव ने जीता मिस ग्लोबल इंटरनेशनल व्हील चेयर का खिताब
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इससे पहले मिस एशिया इंटरनेशनल व्हील चेयर खिताब भी जीत चुकी हैं
नोएडा। सेक्टर-37 अरुण विहार में रहने वाली प्रिया भार्गव अपनी दिव्यांगता को हराकर मिस ग्लोबल इंटरनेशनल व्हील चेयर का खिताब अपने नाम करने में सफल रहीं। इस प्रतियोगिता का आयोजन दुबई में 14 सितंबर को हुआ था। उन्होंने अपनी इस उपलिब्ध को अमर उजाला के साथ साझा किया है। वह मनोवैज्ञानिक भी हैं। इसके माध्याम से उन्होंने अपनी दिव्यांगता को हराकर निरंतर ऊंचाइयों की ओर रुख करना सीखा है।
दरअसल, अरूण विहार में रहने वाली प्रिया भार्गव ने इससे पहले भी कई बार नोएडा का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। मिस ग्लोबल इंटरनेशनल व्हील चेयर का खिताब जीतने से पहले प्रिया अप्रैल 2024 में मिस एशिया इंटरनेशनल व्हील चेयर का खिताब भी अपने नाम कर चुकी हैं। इसके अलावा दिसंबर 2015 में मिस व्हील चेयर ऑफ इंडिया और इसके अलावा भी कई खिताब इनके नाम दर्ज हैं। वह मनोवैज्ञानिक डॉक्टर भी हैं। इसके अलावा अमेजन अलेक्सा के लिए मॉडलिंग कर चुकी हैं। वह फाइन आर्टिस्ट, लेखिका, यू-टयूबर भी हैं। उनकी एक पुस्तक जेम्स फॉर लाइफ भी प्रकाशित हुई हैं। अपने हौंसलों व उड़ानों से प्रिया भार्गव दिव्यांगता के प्रति समाज की मानसिकता को बदलना चाहती है। जिसके लिए वह अपनी उपलिब्धयों से दिव्यांगों को हर कदम पर प्रेरित भी कर रही हैं।
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19 साल की उम्र में दुर्लभ बीमारी का हो गई थीं शिकार
प्रिया भार्गव बताती हैं कि जब वो 19 साल की थी उस समय वो लुपस नाम की दुर्लभ बीमारी से ग्रसित हो गई थीं। इसका ईलाज शुरू कराया, लेकिन पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकी। यह बीमारी करीब 45 लाख में से किसी एक इंसान में होती है। इसी के कारण उन्हें दिव्यांग घोषित किया गया।
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ऑनलाइन देती हैं साइकोलॉजी की क्लास
प्रिया भार्गव एमसीए और साइकोलॉजी से एमए हैं। ऑनलाइन क्लास के माध्यम से लोगों को ट्रेनिंग भी देती हैं। इसके साथ ही एमएनसी के क्लाइंट को ऑनलाइन डील करती हैं, जिससे वो अपना और अपने परिवार का बेहतर ख्याल रख सकें।
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नोएडा। सेक्टर-37 अरुण विहार में रहने वाली प्रिया भार्गव अपनी दिव्यांगता को हराकर मिस ग्लोबल इंटरनेशनल व्हील चेयर का खिताब अपने नाम करने में सफल रहीं। इस प्रतियोगिता का आयोजन दुबई में 14 सितंबर को हुआ था। उन्होंने अपनी इस उपलिब्ध को अमर उजाला के साथ साझा किया है। वह मनोवैज्ञानिक भी हैं। इसके माध्याम से उन्होंने अपनी दिव्यांगता को हराकर निरंतर ऊंचाइयों की ओर रुख करना सीखा है।
दरअसल, अरूण विहार में रहने वाली प्रिया भार्गव ने इससे पहले भी कई बार नोएडा का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। मिस ग्लोबल इंटरनेशनल व्हील चेयर का खिताब जीतने से पहले प्रिया अप्रैल 2024 में मिस एशिया इंटरनेशनल व्हील चेयर का खिताब भी अपने नाम कर चुकी हैं। इसके अलावा दिसंबर 2015 में मिस व्हील चेयर ऑफ इंडिया और इसके अलावा भी कई खिताब इनके नाम दर्ज हैं। वह मनोवैज्ञानिक डॉक्टर भी हैं। इसके अलावा अमेजन अलेक्सा के लिए मॉडलिंग कर चुकी हैं। वह फाइन आर्टिस्ट, लेखिका, यू-टयूबर भी हैं। उनकी एक पुस्तक जेम्स फॉर लाइफ भी प्रकाशित हुई हैं। अपने हौंसलों व उड़ानों से प्रिया भार्गव दिव्यांगता के प्रति समाज की मानसिकता को बदलना चाहती है। जिसके लिए वह अपनी उपलिब्धयों से दिव्यांगों को हर कदम पर प्रेरित भी कर रही हैं।
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19 साल की उम्र में दुर्लभ बीमारी का हो गई थीं शिकार
प्रिया भार्गव बताती हैं कि जब वो 19 साल की थी उस समय वो लुपस नाम की दुर्लभ बीमारी से ग्रसित हो गई थीं। इसका ईलाज शुरू कराया, लेकिन पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकी। यह बीमारी करीब 45 लाख में से किसी एक इंसान में होती है। इसी के कारण उन्हें दिव्यांग घोषित किया गया।
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ऑनलाइन देती हैं साइकोलॉजी की क्लास
प्रिया भार्गव एमसीए और साइकोलॉजी से एमए हैं। ऑनलाइन क्लास के माध्यम से लोगों को ट्रेनिंग भी देती हैं। इसके साथ ही एमएनसी के क्लाइंट को ऑनलाइन डील करती हैं, जिससे वो अपना और अपने परिवार का बेहतर ख्याल रख सकें।