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Noida News: आठवीं पास करने के बाद फीस देने को बाध्य कर रहे निजी स्कूल

Thu, 21 Mar 2024 06:55 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 21 Mar 2024 06:55 PM IST
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Private schools are forcing to pay fees after passing 8th
-ईडब्ल्यूएस-वंचित वर्ग के बच्चों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र लेने पर किया जा रहा मजबूर
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-शिकायतों के बाद हरकत में आया शिक्षा निदेशालय
-आदेशों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को चेतावनी

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। डीडीए की ओर से आवंटित भूमि पर बने गैर सहायता मान्यता प्राप्त निजी स्कूल आठवीं पास करने के बाद ईडब्ल्यूएस व वंचित वर्ग के छात्रों को फीस देने के लिए बाध्य कर रहे हैं। फीस न देने की सूरत में उन्हें स्कूल से स्थानांतरण प्रमाणपत्र लेने(स्कूल छोडऩे) के लिए मजबूर किया जा रहा है। अभिभावकों से मिली ऐसी शिकायतों के बाद शिक्षा निदेशालय हरकत में आया है। निदेशालय ने स्कूलों को अभिभावकों को मजबूर न करने का आदेश दिया है।
शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश में सभी जिला उप शिक्षा निदेशकों को यह सुनिश्चित करने के लिए स्कूल बच्चों पर किसी प्रकार की कठोर कार्रवाई न करें। निदेशालय को उन छात्रों के माता-पिता से कई शिकायतें मिल रही हैं, जिन्हें प्रवेश स्तर की कक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, वंचित वर्ग व सीडब्ल्यूएसएन वर्ग के तहत प्रवेश दिया गया था। आदेश में कहा गया है कि मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून 2009 की धारा 12(1)(सी) के अनुसार सभी निजी स्कूल का 22 फीसदी ईडब्ल्यूएस व वंचित वर्ग व तीन फीसदी सीडब्ल्यूएसएन वर्ग के बच्चों को दाखिला देने का दायित्व है।
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लेकिन शिक्षा निदेशालय को शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ स्कूल जो इस वर्ग के बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे थे। अचानक आठवीं कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने के प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के लिए कह रहे हैं। निदेशालय का कहना है कि न तो नीति में और न ही नियम में कोई तथ्यात्मक परिवर्तन किया गया है। स्थिति पिछले वर्षों की तरह ही बनी हुई है। ऐसे में डीडीए या अन्य सरकारी भूमि पर बने निजी स्कूलों को निर्देश दिया जाता है कि स्कूल अभिभावकों को स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करने या प्रवेशित छात्रों को शुल्क का भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। यह स्कूलों की प्राथमिक जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है।
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