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शिक्षा का अधिकार पाने की राह में रोड़ा बन रहे निजी स्कूल

Wed, 22 Sep 2021 02:11 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 02:11 AM IST
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Private schools are becoming an obstacle in the way of getting the right to education
नोएडा। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत हर साल आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश दिया जाता है, लेकिन इसकी राह आसान नहीं है। निजी स्कूल ही शिक्षा का अधिकार पाने की राह में रोड़ा बन रहे हैं। प्रबंधन कई तरह के बहाने बनाकर इस प्रक्रिया से बचने का प्रयास करते हैं। यही कारण है कि आरटीई के तहत तय लक्ष्य के आधे दाखिले ही हो पाते हैं। इस साल की लॉटरी प्रक्रिया पूरी हुए लंबा वक्त हो चुका है। अब तक 50 प्रतिशत छात्रों का ही दाखिला निजी स्कूलों में हो सका है। जबकि, अन्य बच्चों के अभिभावक विभागीय अधिकारियों और निजी स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं।
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इस साल शिक्षा विभाग ने लॉटरी के माध्यम से 4000 से अधिक बच्चों को निजी स्कूल आवंटित किए थे। इनमें से अब तक 50 प्रतिशत बच्चों का दाखिला हो चुका है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने जून में आरटीई के तहत दाखिला प्रक्रिया शुरू की थी। पहले चरण में 2100 एवं दूसरे में 1400 से अधिक बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए। वहीं, तीसरे चरण में 500 से अधिक बच्चों की सूची जारी की गई। दाखिला प्रक्रिया में विलंब पर शिक्षा विभाग कई बार स्कूलों को नोटिस भी भेज चुका है। इसके बाद भी अभिभावकों को भटकना पड़ रहा है। इस बाबत बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना का कहना है कि जिन स्कूलों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, उनसे जवाब मांगा गया है। बता दें कि पिछले सत्र में भी करीब 4000 छात्रों को निजी स्कूलों में सीटें आवंटित की गई थीं। इनमें से 2500 छात्रों का ही दाखिला हो सका था। स्कूलों की मनमानी के कारण कई बच्चे प्रवेश पाने से वंचित रह गए।
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ये हैं नियम और शर्तें
आरटीई के तहत निजी स्कूल में दाखिला के लिए कुछ नियम व शर्तें हैं। इसके तहत वार्षिक आय एक लाख या इससे कम होनी चाहिए। आरटीई के तहत नर्सरी से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई का मौका मिलता है। इसके लिए बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और बैंक पासबुक होना जरूरी है। इन सभी दस्तावेज के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। दस्तावेज जमा करने केे लिए 34 दिन का समय मिलता है। यदि इस अवधि में सभी दस्तावेज बीएसए कार्यालय ग्रेटर नोएडा में जमा नहीं करा पाते हैं तो आवेदन रद्द कर दिया जाता है।
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निजी स्कूल में 25 प्रतिशत कोटा आरक्षित
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2011 के तहत सभी निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें आरक्षित होती हैं। इनमें सीटों पर दाखिला लेने वाले बच्चों से स्कूल कोई प्रवेश शुल्क नहीं ले सकते हैं। वहीं, बच्चे का दाखिला घर से एक किलोमीटर की परिधि के अंदर आने वाले स्कूल में ही किया जाता है। वहीं, इस सत्र के लिए लॉटरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अगले सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया मार्च व अप्रैल से शुरू होगी। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में पहुंचे आवेदनों की लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें चयनित छात्रों को ही दाखिला मिलेगा।
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