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Noida News: निजी बसों में नहीं चल रहे रोडवेज के पास, खामियाजा भुगत रहे विद्यार्थी

Tue, 11 Nov 2025 12:21 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Tue, 11 Nov 2025 12:21 AM IST
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Private buses are not running near roadways, students are suffering the consequences
यमुनानगर में बस में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। रोडवेज की कार्यप्रणाली का खामियाजा स्कूल, कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। विद्यार्थियों के जिस पास को सरकार बनाकर दे रही है वही सहकारी समिति की बसों में नहीं चल रहा। परेशान छात्र-छात्राएं अपना दुखड़ा लेकर रोडवेज जीएम कार्यालय में जाते हैं तो वहां से जवाब मिलता है कि वह इसमें कुछ नहीं कर सकते। वहीं प्राइवेट बसों के खिलाफ कार्रवाई आरटीए कार्यालय की तरफ से की जाती है। आरटीए कार्यालय की तरफ से प्राइवेट बसों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। पिछले दिनों इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ था,जिसमें रादौर रोड पर लगी प्राइवेट बस का परिचालक पास धारक विद्यार्थियों को बस से नीचे उतार रहा है। जब वीडियो बनाने वाले इसकी शिकायत रोडवेज जीएम से करने की बात कही तो परिचालक धमकाता है कि उनसे जो होता है वह कर ले।
रोडवेज के बेड़े में बसों की बहुत कमी है। यमुनानगर डिपो में केवल 150 बसें हैं। इनमें से भी काफी तो सर्विस व अन्य मरम्मत के लिए रोडवेज वर्कशॉप में ही खड़ी रहती हैं। इसके अलावा को-ऑप्रेटिव सोसाइटी की जिले में 32 प्राइवेट बसें विभिन्न रूटों पर चल रही हैं। नियमानुसार रोडवेज द्वारा बनाए गए बस पास प्राइवेट बसों में भी मान्य है।
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यदि कोई छात्र-छात्राओं को बैठाने से मना करता है तो कार्रवाई करने का प्रावधान है। वहीं निजी बसों में कॉलेजों में पढ़ने वाली पास धारक छात्राओं को सफर नहीं करने दिया जा रहा। प्राइवेट बस संचालक गिन कर छह या सात छात्राओं को बस में बिठाते हैं। यदि एक छात्रा भी ज्यादा चढ़ जाती है तो उन्हें बस से नीचे उतार दिया जाता है। प्राइवेट बस संचालकों का तर्क है कि यदि वह ज्यादा पास धारकों को बिठाएंगे तो उन्हें रोजाना काफी नुकसान होगा।
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स्कूल, कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं हरियाणा रोडवेज से अब 150 किलोमीटर दूरी तक का बस पास बनवा सकते हैं। परंतु प्राइवेट बसों में विद्यार्थियों को नहीं बिठाया जा रहा। कॉलेज छात्रा सीमा, अंजू व संध्या ने बताया कि दोपहर को कॉलेजों से छुट्टी के समय जब वह प्राइवेट बस में चढ़ती हैं तो पिछली खिड़की के पास खड़ा परिचालक साफ शब्दों में बोल देता है छह से ज्यादा छात्राएं न चढ़े। इतना ही नहीं उन्हें सबसे आखिरी सीट पर बिठाया जाता है। इसलिए वह केवल रोडवेज बस के भरोसे हैं। रोडवेज बसों की दोपहर में काफी कमी है। इसलिए लटक कर जाना उनकी मजबूरी हो गया है।

रोडवेज की ओर से बनाया गया बस पास सरकारी व निजी दोनों बसों में मान्य होता है। यदि कोई निजी बस संचालक पास धारक विद्यार्थियों को बसों में बैठाने से मना कर रहा है तो वह गलत है। इसकी जांच की जाएगी। पासधारक किसी भी छात्र-छात्रा को बस से नीचे उतारा गया तो संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - हैरतजीत कौर, सचिव, आरटीए।

यमुनानगर में बस में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करते लोग। संवाद

यमुनानगर में बस में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करते लोग। संवाद

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