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Noida News: सिटी बस टर्मिनल से निजी बस-कैब का भी हो सकेगा संचालन
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-नोएडा प्राधिकरण ने नए सिरे से आरएफपी का ड्राफ्ट किया तैयार, जून के अंत तक संचालन के लिए चुनी जाएगी एजेंसी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-82 के सिटी बस टर्मिनल से निजी बसों और कैब का भी संचालन संभव होगा। नोएडा प्राधिकरण की ओर से नए सिरे से तैयार किए जा रहे ड्राफ्ट में इसे शामिल किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। यही नहीं प्राधिकरण ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) का ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है। अब इसे निकालना बाकी है।
दरअसल, करीब 157 करोड़ की लागत से निर्मित सिटी बस टर्मिनल को सबसे पहले परिवहन निगम को देने की योजना बनाई गई थी। लेकिन परिवहन निगम ने हाथ खींच लिए। हालांकि गिनती के बसों के साथ इस टर्मिनल को शुरू किया गया। इससे प्राधिकरण की किरकिरी भी हुई। आलम यह रहा कि सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट में भी इस परियोजना के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए। रिपोर्ट में कहा गया कि इतना पैसा खर्च करने के बाद भी इसका कोई फायदा नहीं हो पाया। इसके बाद प्राधिकरण हरकत में आया और टर्मिनल के संचालन के लिए टेंडर निकाला। लेकिन टेंडर में कोई भी एजेंसी नहीं आई। इसके बाद प्री-बिड मीटिंग आदि भी की गई। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इसमें कुछ एजेंसियां आईं हैं और उन्होंने इसके संचालन की इच्छा जताई है। उनकी ओर से प्राधिकरण को कुछ सलाह भी दी गई है, जिसे आरएफपी में शामिल किया गया है। इसके बाद अब जल्द ही एजेंसी चयन के लिए आगे का रास्ता निकाला जाएगा।
तीन भाग में बंटा हुआ है सिटी बस टर्मिनल
सिटी बस टर्मिनल को तीन भागों में बांट कर संचालन की योजना बनाई गई है। फिलहाल भूतल के टर्मिनल के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसमें करीब 40 बसों के खड़ी होने की सुविधा है। इसके अलावा यहां 600 कारों की पार्किंग की भी सुविधा है। इसके लिए भी प्रयास किया जाएगा। भूतल पर टिकट बुकिंग सेंटर, शॉपिंग सेंटर, पुलिस पोस्ट, वेटिंग एरिया, फूड कोर्ट, बस रिपेयर एरिया आदि बने हुए हैं। पहले तल पर दुकानें, फूड कोर्ट और लाइब्रेरी हैं। दूसरे तल पर यात्री निवास, साइबर कैफे आदि हैं। इसके अलावा आठ फ्लोर तक वाणिज्यिक और संस्थागत गतिविधियों के लिए स्पेस है। फिलहाल इसके लिए स्कीम आदि निकाली जानी बाकी है।
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सिटी बस टर्मिनल के लिए आरएफपी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। जल्द ही एजेंसी चयन का काम शुरू होगा। इसके बाद इसका संचालन कराया जाएगा।
एसपी सिंह, डीजीएम, नोएडा ट्रैफिक सेल, नोएडा प्राधिकरण
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-82 के सिटी बस टर्मिनल से निजी बसों और कैब का भी संचालन संभव होगा। नोएडा प्राधिकरण की ओर से नए सिरे से तैयार किए जा रहे ड्राफ्ट में इसे शामिल किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। यही नहीं प्राधिकरण ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) का ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है। अब इसे निकालना बाकी है।
दरअसल, करीब 157 करोड़ की लागत से निर्मित सिटी बस टर्मिनल को सबसे पहले परिवहन निगम को देने की योजना बनाई गई थी। लेकिन परिवहन निगम ने हाथ खींच लिए। हालांकि गिनती के बसों के साथ इस टर्मिनल को शुरू किया गया। इससे प्राधिकरण की किरकिरी भी हुई। आलम यह रहा कि सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट में भी इस परियोजना के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए। रिपोर्ट में कहा गया कि इतना पैसा खर्च करने के बाद भी इसका कोई फायदा नहीं हो पाया। इसके बाद प्राधिकरण हरकत में आया और टर्मिनल के संचालन के लिए टेंडर निकाला। लेकिन टेंडर में कोई भी एजेंसी नहीं आई। इसके बाद प्री-बिड मीटिंग आदि भी की गई। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इसमें कुछ एजेंसियां आईं हैं और उन्होंने इसके संचालन की इच्छा जताई है। उनकी ओर से प्राधिकरण को कुछ सलाह भी दी गई है, जिसे आरएफपी में शामिल किया गया है। इसके बाद अब जल्द ही एजेंसी चयन के लिए आगे का रास्ता निकाला जाएगा।
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तीन भाग में बंटा हुआ है सिटी बस टर्मिनल
सिटी बस टर्मिनल को तीन भागों में बांट कर संचालन की योजना बनाई गई है। फिलहाल भूतल के टर्मिनल के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसमें करीब 40 बसों के खड़ी होने की सुविधा है। इसके अलावा यहां 600 कारों की पार्किंग की भी सुविधा है। इसके लिए भी प्रयास किया जाएगा। भूतल पर टिकट बुकिंग सेंटर, शॉपिंग सेंटर, पुलिस पोस्ट, वेटिंग एरिया, फूड कोर्ट, बस रिपेयर एरिया आदि बने हुए हैं। पहले तल पर दुकानें, फूड कोर्ट और लाइब्रेरी हैं। दूसरे तल पर यात्री निवास, साइबर कैफे आदि हैं। इसके अलावा आठ फ्लोर तक वाणिज्यिक और संस्थागत गतिविधियों के लिए स्पेस है। फिलहाल इसके लिए स्कीम आदि निकाली जानी बाकी है।
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सिटी बस टर्मिनल के लिए आरएफपी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। जल्द ही एजेंसी चयन का काम शुरू होगा। इसके बाद इसका संचालन कराया जाएगा।
एसपी सिंह, डीजीएम, नोएडा ट्रैफिक सेल, नोएडा प्राधिकरण