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Noida News: निपुण विद्यालय आकलन की तैयारी तेज
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कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों का होगा मूल्यांकन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर और निपुण लक्ष्यों की प्रगति परखने के लिए निपुण विद्यालय आकलन कराने की तैयारी शुरू हो गई है। प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों में यह आकलन कराया जाएगा। आकलन में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य सिर्फ बच्चों की परीक्षा लेना नहीं, बल्कि यह पता लगाना है कि विद्यार्थी निर्धारित निपुण लक्ष्यों के अनुरूप कितना सीख पाए हैं। इसके आधार पर विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि निपुण विद्यालय आकलन 20 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 के बीच कराया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों को दायरे में रखा गया है। इस प्रक्रिया में डीएलएड प्रशिक्षुओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। प्रशिक्षु निर्धारित विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों के सीखने के स्तर का आकलन करेंगे। प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए ‘निपुण प्लस एप का इस्तेमाल किया जाएगा। आकलन के बाद संबंधित जानकारी एप के माध्यम से दर्ज की जाएगी। राज्य परियोजना कार्यालय ने 2025-26 और 2026-27 बैच के डीएलएड प्रशिक्षुओं का नाम और मोबाइल नंबर मांगा है। इसी जानकारी के आधार पर प्रशिक्षुओं की लॉगिन आईडी तैयार की जाएगी। प्रशिक्षुओं का डाटा 25 अगस्त 2026 तक गूगल फाॅर्म के माध्यम से राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। डाटा मिलने के बाद लॉगिन आईडी तैयार करने और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर और निपुण लक्ष्यों की प्रगति परखने के लिए निपुण विद्यालय आकलन कराने की तैयारी शुरू हो गई है। प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों में यह आकलन कराया जाएगा। आकलन में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य सिर्फ बच्चों की परीक्षा लेना नहीं, बल्कि यह पता लगाना है कि विद्यार्थी निर्धारित निपुण लक्ष्यों के अनुरूप कितना सीख पाए हैं। इसके आधार पर विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि निपुण विद्यालय आकलन 20 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 के बीच कराया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों को दायरे में रखा गया है। इस प्रक्रिया में डीएलएड प्रशिक्षुओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। प्रशिक्षु निर्धारित विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों के सीखने के स्तर का आकलन करेंगे। प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए ‘निपुण प्लस एप का इस्तेमाल किया जाएगा। आकलन के बाद संबंधित जानकारी एप के माध्यम से दर्ज की जाएगी। राज्य परियोजना कार्यालय ने 2025-26 और 2026-27 बैच के डीएलएड प्रशिक्षुओं का नाम और मोबाइल नंबर मांगा है। इसी जानकारी के आधार पर प्रशिक्षुओं की लॉगिन आईडी तैयार की जाएगी। प्रशिक्षुओं का डाटा 25 अगस्त 2026 तक गूगल फाॅर्म के माध्यम से राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। डाटा मिलने के बाद लॉगिन आईडी तैयार करने और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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