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Noida News: हीमोग्लोबिन की कमी से समय से पहले हो रहा प्रसव
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-80 प्रतिशत प्रसूताओं में खून की कमी की समस्या
-10 फीसदी महिलाओं में मात्र 3-4 ग्राम हीमोग्लोबिन
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। गर्भवती महिलाओं में खून की कमी के कारण गर्भपात और समय से पहले प्रसव के मामले बढ़ रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में प्रति माह करीब 3400 गर्भवती महिलाएं पहुंच रही हैं। इनमें करीब 80 फीसदी महिलाएं खून की कमी (एनीमिया) से जूझ रही हैं। वहीं, करीब 10 फीसदी महिलाओं में 3 से 4 ग्राम ही हीमोग्लोबिन रहता है।
जिम्स के गायनो विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ऋतु और डॉ. रुचि वर्मा के अनुसार प्रति माह करीब 250 से 300 डिलीवरी की जाती हैं। इसमें से 60 से 70 फीसदी नॉर्मल और बाकी ऑपरेशन से की जाती हैं। डिलीवरी के लिए आने वाली 30 फीसदी सीवियर से पीड़ित महिलाओं को ऑपरेशन से पहले खून चढ़ाकर आयरन थैरेपी दी जाती है। डॉक्टरों के अनुसार हर माह करीब 20 फीसदी प्रसव समय से पहले हो जाता है। वहीं, करीब 5 फीसदी महिलाओं का गर्भपात हो रहा है। बताया कि गर्भवती महिलाओं में 11 ग्राम हीमोग्लोबिन होना जरूरी है। अगर सात ग्राम से कम खून है तो महिलाओं को आयरन थैरेपी दी जाती है। गर्भवती को जागरूक होने की आवश्यकता है।
वर्जन
महिलाओं को आशा व एएनएम की मदद से डॉक्टरों से सही समय पर सही सलाह लेते रहना चाहिए। इसके अलावा खानपान पर खास ध्यान रखना चाहिए।
- राकेश गुप्ता, राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान निदेशक
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-10 फीसदी महिलाओं में मात्र 3-4 ग्राम हीमोग्लोबिन
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। गर्भवती महिलाओं में खून की कमी के कारण गर्भपात और समय से पहले प्रसव के मामले बढ़ रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में प्रति माह करीब 3400 गर्भवती महिलाएं पहुंच रही हैं। इनमें करीब 80 फीसदी महिलाएं खून की कमी (एनीमिया) से जूझ रही हैं। वहीं, करीब 10 फीसदी महिलाओं में 3 से 4 ग्राम ही हीमोग्लोबिन रहता है।
जिम्स के गायनो विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ऋतु और डॉ. रुचि वर्मा के अनुसार प्रति माह करीब 250 से 300 डिलीवरी की जाती हैं। इसमें से 60 से 70 फीसदी नॉर्मल और बाकी ऑपरेशन से की जाती हैं। डिलीवरी के लिए आने वाली 30 फीसदी सीवियर से पीड़ित महिलाओं को ऑपरेशन से पहले खून चढ़ाकर आयरन थैरेपी दी जाती है। डॉक्टरों के अनुसार हर माह करीब 20 फीसदी प्रसव समय से पहले हो जाता है। वहीं, करीब 5 फीसदी महिलाओं का गर्भपात हो रहा है। बताया कि गर्भवती महिलाओं में 11 ग्राम हीमोग्लोबिन होना जरूरी है। अगर सात ग्राम से कम खून है तो महिलाओं को आयरन थैरेपी दी जाती है। गर्भवती को जागरूक होने की आवश्यकता है।
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वर्जन
महिलाओं को आशा व एएनएम की मदद से डॉक्टरों से सही समय पर सही सलाह लेते रहना चाहिए। इसके अलावा खानपान पर खास ध्यान रखना चाहिए।
- राकेश गुप्ता, राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान निदेशक