{"_id":"61b2481c4c40e93caf0bab65","slug":"potholes-on-the-highway-difficult-to-get-out-mewat-news-noi62044701","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईवे पर गड्ढे, निकलना दुश्वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईवे पर गड्ढे, निकलना दुश्वार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तावडू। जिले की सीमा से गुजर रहे कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस वे की हालत इन दिनों जर्जर हो गई है। मार्ग के दोनों ओर लगते गांवों के ग्रामीणों ने अपनी सुविधा अनुसार अवैध कट बनाए हुए हैं। जगह-जगह से सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। तावडू के धुलावट टोल प्लाजा के आसपास सड़क मार्ग की हालत सबसे ज्यादा जर्जर है। सर्दी के मौसम में धुंध के चलते हादसों का अंदेशा बना हुआ है। बड़े वाहन चालकों और क्षेत्र के लोगों ने एक्सप्रेस वे की देखरेख व प्रबंधन का जिम्मा देख रही एजेंसी से जर्जर मार्ग को मरम्मत करने की मांग की है।
इधर से गुजरने वाले वाहन चालक इरफान, आबिद, हसन मोहम्मद, अयाश, अनिल व वसीम आदि ने बताया कि कहने को तो एक्सप्रेस वे है लेकिन यात्रा के दौरान यहां पर एक्सप्रेस वे जैसा सुविधाजनक एहसास नहीं होता। देखरेख के अभाव में इसकी हालत जर्जर हो रही है। प्रबंधन एजेंसी सिर्फ टोल वसूलने तक सीमित है। वाहन चालकों ने बताया कि लगभग 135 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे की नूंह जिले की सीमा में सबसे ज्यादा हालत जर्जर है। यहां पर कई जगह से सड़क मार्ग में बीच-बीच में खड्डे होने के साथ साथ टूटी हुई भी है। मार्ग के साथ आसपास के लगते ग्रामीणों ने लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार अवैध कट बनाए हुए हैं। जिनके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। धुलावट टोल प्लाजा के लगभग डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सड़क की हालत सबसे जर्जर है। कई जगहों पर सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील है। सर्दियों में धुंध के चलते हादसों का अंदेशा बना हुआ है। टोल प्लाजा के साथ ही रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के रेलवे लाइन के निर्माण से काफी सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। वाहन चालकों ने एक्सप्रेस वे की देखरेख करने वाली कंपनी से अवैध कटों को रोकने और गड्ढों की मरम्मत की मांग की है।
धुलावट टोल प्लाजा के साथ एलएनटी कंपनी द्वारा रेलवे लाइन के कुछ हिस्से का निर्माण किया गया है। जिससे मार्ग का एक हिस्सा अवरुद्ध हो गया था। जिसे निर्माण करने वाली कंपनी द्वारा ही मरम्मत कराया जाना है। इसके अलावा गड्ढों की मरम्मत की जा रही है।
विज्ञापन
- रविंद्र छोकर, टोल प्लाजा प्रबंधक
रेलवे लाइन निर्माण के दौरान केएमपी एक्सप्रेस वे के एक छोटे से भूभाग को अनुमति लेकर अवरुद्ध किया गया था। कई जगह से इसे तोड़ा भी गया था। जिसकी शर्तों के मुताबिक कंपनी द्वारा मरम्मत कराई जा रही है।
- विजय राज शर्मा, अभियंता, एलएनटी कंपनी
आर्बिटल रेलवे लाइन प्रस्तावित
पलवल से कुंडली तक लगभग 135 किलोमीटर एक्सप्रेस वे नूंह जिले में लगभग 10-12 किलोमीटर की सीमा से गुजर रहा है। जिसमें रेवासन और धुलावट टोल प्लाजा भी शामिल है। धुलावट टोल प्लाजा के साथ से ही वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक और आर्बिटल रेलवे लाइन बिछाई जानी प्रस्तावित है।
विज्ञापन
इधर से गुजरने वाले वाहन चालक इरफान, आबिद, हसन मोहम्मद, अयाश, अनिल व वसीम आदि ने बताया कि कहने को तो एक्सप्रेस वे है लेकिन यात्रा के दौरान यहां पर एक्सप्रेस वे जैसा सुविधाजनक एहसास नहीं होता। देखरेख के अभाव में इसकी हालत जर्जर हो रही है। प्रबंधन एजेंसी सिर्फ टोल वसूलने तक सीमित है। वाहन चालकों ने बताया कि लगभग 135 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे की नूंह जिले की सीमा में सबसे ज्यादा हालत जर्जर है। यहां पर कई जगह से सड़क मार्ग में बीच-बीच में खड्डे होने के साथ साथ टूटी हुई भी है। मार्ग के साथ आसपास के लगते ग्रामीणों ने लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार अवैध कट बनाए हुए हैं। जिनके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। धुलावट टोल प्लाजा के लगभग डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सड़क की हालत सबसे जर्जर है। कई जगहों पर सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील है। सर्दियों में धुंध के चलते हादसों का अंदेशा बना हुआ है। टोल प्लाजा के साथ ही रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के रेलवे लाइन के निर्माण से काफी सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। वाहन चालकों ने एक्सप्रेस वे की देखरेख करने वाली कंपनी से अवैध कटों को रोकने और गड्ढों की मरम्मत की मांग की है।
विज्ञापन
धुलावट टोल प्लाजा के साथ एलएनटी कंपनी द्वारा रेलवे लाइन के कुछ हिस्से का निर्माण किया गया है। जिससे मार्ग का एक हिस्सा अवरुद्ध हो गया था। जिसे निर्माण करने वाली कंपनी द्वारा ही मरम्मत कराया जाना है। इसके अलावा गड्ढों की मरम्मत की जा रही है।
विज्ञापन
- रविंद्र छोकर, टोल प्लाजा प्रबंधक
रेलवे लाइन निर्माण के दौरान केएमपी एक्सप्रेस वे के एक छोटे से भूभाग को अनुमति लेकर अवरुद्ध किया गया था। कई जगह से इसे तोड़ा भी गया था। जिसकी शर्तों के मुताबिक कंपनी द्वारा मरम्मत कराई जा रही है।
- विजय राज शर्मा, अभियंता, एलएनटी कंपनी
आर्बिटल रेलवे लाइन प्रस्तावित
पलवल से कुंडली तक लगभग 135 किलोमीटर एक्सप्रेस वे नूंह जिले में लगभग 10-12 किलोमीटर की सीमा से गुजर रहा है। जिसमें रेवासन और धुलावट टोल प्लाजा भी शामिल है। धुलावट टोल प्लाजा के साथ से ही वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक और आर्बिटल रेलवे लाइन बिछाई जानी प्रस्तावित है।