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नोएडा एयरपोर्ट के चारों ओर बसेगी प्रदूषण रहित स्मार्ट सिटी
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ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित होगा। पूरा क्षेत्र प्रदूषण रहित होगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मास्टर प्लान-2041 में इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। मास्टर प्लान के मुताबिक एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र को एरोट्रोपोलिस की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यानी यहां वह सब कुछ होगा, जो कि किसी विकसित शहर के बीच बने एयरपोर्ट के आसपास होना चाहिए।
दरअसल, यीडा के जिला गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर क्षेत्र हेतु मास्टर प्लान-2041 को तैयार किए जाने का कार्य कंसल्टेंसी फर्म मेसर्स मार्स प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। यमुना प्राधिकरण के सभागार कक्ष में सोमवार को परामर्शदाता संस्था के प्रतिनिधियों की ओर से सीईओ के सामने मास्टर प्लान-2041 का प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र को एरोट्रोपोलिस के रुप में विकसित किए जाने की योजना पेश की गई।
मास्टर प्लान में शामिल है ओलंपिक पार्क और ओलंपिक विलेज
मास्टर प्लान में क्षेत्र में ओलंपिक पार्क और ओलंपिक विलेज विकसित किए जाने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें बताया गया है कि विश्व के कई बड़े शहरों को इसी आधार पर विकसित करने का प्रयास किया जाता है। यही वजह है कि मास्टर प्लान में इसके लिए अलग से स्पोर्ट्स सेक्टर बसाने की योजना है। इसमें तमाम खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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बहुविकल्पीय उपयोग के लिए होंगी जमीनें
मास्टर प्लान में गोल्फ कोर्स, सेंट्रल बिजनेस सेंटर, वेयरहाउस लॉजिस्टिक आदि प्रस्ताव के साथ संस्था की ओर से एयरपोर्ट के समीपवर्ती क्षेत्रों में नए मल्टीपल यूज हॉस्पिटेलिटी भू उपयोग तथा मल्टीयूज इंडस्ट्रीयल भू उपयोग जिसमें इंडस्ट्री के साथ कामगारों हेतु सस्ते मकान को भी विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है। यानी मास्टर प्लान के मुताबिक हॉस्पिटेलिटी सेक्टर के अंतर्गत पूरा सेक्टर विकसित करने की योजना है। इससे यहां आने वाले लोगों को होटल समेत अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा औद्योगिक सेक्टर ऐसे होंगे जहां कामगारों के लिए मकान भी बनाए जा सकें। यह मकान सस्ते होंगे।
नए आवासीय सेक्टर भी होंगे विकसित
मास्टर प्लान में नए आवासीय सेक्टर के विकसित करने की योजना है। इसके मुुताबिक नए सेक्टर की योजना बनाकर वहां प्लॉट बेचने के लिए स्कीम आदि निकाली जाएगी। इससे आवासीय सेक्टर में रहने के लिए लोगों को निवेश का मौका मिलेगा। साथ ही एयरपोर्ट के पास स्मार्ट सिटी में रहने का आनंद भी मिलेगा।
कार्बन फुट प्रिंट को मास्टर प्लान में किया जाएगा शामिल
मास्टर प्लान बनाने वाली संस्था को कहा गया है कि इसमें जीरो कार्बन फुट प्रिंट जैसे कंसेप्ट को भी शामिल किया जाएगा। इसे शामिल करने से आवासीय, औद्योगिक और अन्य संरचनात्मक ढांचों को इस तरह से बनाया जाएगा और चलाया जाएगा कि उनसे प्रदूषण आदि नहीं हो पाए। इसका मकसद एक प्रकार से प्रदूषणरहित शहर का विकास होगा। वहीं यह स्मार्ट सिटी भी होगा।
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दरअसल, यीडा के जिला गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर क्षेत्र हेतु मास्टर प्लान-2041 को तैयार किए जाने का कार्य कंसल्टेंसी फर्म मेसर्स मार्स प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। यमुना प्राधिकरण के सभागार कक्ष में सोमवार को परामर्शदाता संस्था के प्रतिनिधियों की ओर से सीईओ के सामने मास्टर प्लान-2041 का प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र को एरोट्रोपोलिस के रुप में विकसित किए जाने की योजना पेश की गई।
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मास्टर प्लान में शामिल है ओलंपिक पार्क और ओलंपिक विलेज
मास्टर प्लान में क्षेत्र में ओलंपिक पार्क और ओलंपिक विलेज विकसित किए जाने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें बताया गया है कि विश्व के कई बड़े शहरों को इसी आधार पर विकसित करने का प्रयास किया जाता है। यही वजह है कि मास्टर प्लान में इसके लिए अलग से स्पोर्ट्स सेक्टर बसाने की योजना है। इसमें तमाम खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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बहुविकल्पीय उपयोग के लिए होंगी जमीनें
मास्टर प्लान में गोल्फ कोर्स, सेंट्रल बिजनेस सेंटर, वेयरहाउस लॉजिस्टिक आदि प्रस्ताव के साथ संस्था की ओर से एयरपोर्ट के समीपवर्ती क्षेत्रों में नए मल्टीपल यूज हॉस्पिटेलिटी भू उपयोग तथा मल्टीयूज इंडस्ट्रीयल भू उपयोग जिसमें इंडस्ट्री के साथ कामगारों हेतु सस्ते मकान को भी विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है। यानी मास्टर प्लान के मुताबिक हॉस्पिटेलिटी सेक्टर के अंतर्गत पूरा सेक्टर विकसित करने की योजना है। इससे यहां आने वाले लोगों को होटल समेत अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा औद्योगिक सेक्टर ऐसे होंगे जहां कामगारों के लिए मकान भी बनाए जा सकें। यह मकान सस्ते होंगे।
नए आवासीय सेक्टर भी होंगे विकसित
मास्टर प्लान में नए आवासीय सेक्टर के विकसित करने की योजना है। इसके मुुताबिक नए सेक्टर की योजना बनाकर वहां प्लॉट बेचने के लिए स्कीम आदि निकाली जाएगी। इससे आवासीय सेक्टर में रहने के लिए लोगों को निवेश का मौका मिलेगा। साथ ही एयरपोर्ट के पास स्मार्ट सिटी में रहने का आनंद भी मिलेगा।
कार्बन फुट प्रिंट को मास्टर प्लान में किया जाएगा शामिल
मास्टर प्लान बनाने वाली संस्था को कहा गया है कि इसमें जीरो कार्बन फुट प्रिंट जैसे कंसेप्ट को भी शामिल किया जाएगा। इसे शामिल करने से आवासीय, औद्योगिक और अन्य संरचनात्मक ढांचों को इस तरह से बनाया जाएगा और चलाया जाएगा कि उनसे प्रदूषण आदि नहीं हो पाए। इसका मकसद एक प्रकार से प्रदूषणरहित शहर का विकास होगा। वहीं यह स्मार्ट सिटी भी होगा।