{"_id":"68fd29a673b50b1fa60052a7","slug":"pollution-and-changing-weather-have-led-to-a-sharp-increase-in-patients-suffering-from-asthma-and-copd-in-opds-na-news-c-36-1-sknl1017-151890-2025-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: प्रदूषण व बदलते मौसम से ओपीडी में तेजी से बढ़े अस्थमा व सीओपीडी के ग्रस्त मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: प्रदूषण व बदलते मौसम से ओपीडी में तेजी से बढ़े अस्थमा व सीओपीडी के ग्रस्त मरीज
Sun, 26 Oct 2025 01:18 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sun, 26 Oct 2025 01:18 AM IST
विज्ञापन
अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में फिजिशियन डॉ. संजीव गोयल सीओपीडी के मरीज की जांच करते हुए: संव
- फोटो : आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। दिवाली के बाद वायु प्रदूषण बढ़ने से जिले में अस्थमा, सीओपीडी (क्रानिक ऑबस्ट्रेक्टिव पल्मोनरी डिजीज) से ग्रस्त मरीजों की उखड़ी सांसें अभी तक ठीक नहीं हुई है। यही कारण है कि नागरिक अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना इस तरह के 20 प्रतिशत तक मरीज सामने आ रहे हैं। मरीजों का कहना है कि प्रदूषण के बाद से अभी तक छाती में दर्द, सांस बार-बार चढ़ रहा है, रातें करवटें बदल-बदल कर ले रहे हैं। डॉक्टर इन्हें मुंह पर मास्क पहनकर या जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकालने की सलाह दे रहे हैं। इसके अलावा गंभीर मरीजों को पंप यानी इनहेलर के इस्तेमाल के लिए बोल रहे हैं।
फिजीशियन डॉ. संजीव गोयल का कहना है कि ओपीडी में आने वाले हर 10 मरीजों में से दो मरीज अस्थमा व सीओपीडी के आ रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ गई है। महिलाएं ज्यादा अस्थमा तो पुरुष सीओपीडी से ग्रस्त है। हालांकि सभी की तबीयत ठीक है। किसी को भी अभी तक दाखिल करने की स्थिति नहीं बनी है।
अस्पताल की ओपीडी में इनहेलर सहित दवाओं का स्टॉक मंगाया
उधर, जिले के नागरिक अस्पतालों में दिवाली के बाद से ही इन मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसलिए अस्पताल प्रबंधन की तरफ से दवाओं के स्टॉक अतिरिक्त मंगवाया गया है। इनमें दवाओं से लेकर अस्थमा व सीओपीडी के मरीजों के लिए इनहेलर भी शामिल है। इसके अलावा फिजीशियन की ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी में भी इस तरह से मरीजों के आने को लेकर विशेष दिशा निर्देश दिए गए है कि कोई मरीज आता है तो तुरंत संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करेंगे।
विज्ञापन
मरीजों की बढ़ाई जा रही है दवाई
प्रदूषण व बदलते मौसम के कारण अस्थमा, दमा और सीओपीडी मरीजों को दवा की खुराक बढ़ानी पड़ रही है। पहले जो मरीज दिन में दो बार दवा लेता था अब उसे चार-पांच बार दवा देने का परामर्श दिया जा रहा है। मरीज नींद न आने की परेशानी भी बता रहे हैं। हर उम्र का व्यक्ति उपचार के लिए आ रहा है। इसके अलावा खांसी की समस्या भी आ रही है। डॉक्टर ने बताया कि प्रदूषण में मौजूद छोटे कण फेफड़ों में इंफेक्शन करते हैं और इनके काम करने की क्षमता पर असर डालते हैं। यही कारण है कि सांस लेने में परेशानी होती है। इसके अलावा एलर्जन अस्थमा के मरीजों की एलर्जी को बढ़ा देते हैं। मरीज कच्चा बाजार निवासी कुलभूषण ने बताया कि दिवाली के बाद से ही सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। अस्थमा के कारण परेशानी बढ़ गई है। दवा लेने के बावजूद भी ज्यादा असर नहीं पड़ रहा है। यही कारण है कि गली मोहल्लों से बिना मुंह ढके गुजरना बंद कर रखा है।
विज्ञापन
अंबाला। दिवाली के बाद वायु प्रदूषण बढ़ने से जिले में अस्थमा, सीओपीडी (क्रानिक ऑबस्ट्रेक्टिव पल्मोनरी डिजीज) से ग्रस्त मरीजों की उखड़ी सांसें अभी तक ठीक नहीं हुई है। यही कारण है कि नागरिक अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना इस तरह के 20 प्रतिशत तक मरीज सामने आ रहे हैं। मरीजों का कहना है कि प्रदूषण के बाद से अभी तक छाती में दर्द, सांस बार-बार चढ़ रहा है, रातें करवटें बदल-बदल कर ले रहे हैं। डॉक्टर इन्हें मुंह पर मास्क पहनकर या जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकालने की सलाह दे रहे हैं। इसके अलावा गंभीर मरीजों को पंप यानी इनहेलर के इस्तेमाल के लिए बोल रहे हैं।
फिजीशियन डॉ. संजीव गोयल का कहना है कि ओपीडी में आने वाले हर 10 मरीजों में से दो मरीज अस्थमा व सीओपीडी के आ रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ गई है। महिलाएं ज्यादा अस्थमा तो पुरुष सीओपीडी से ग्रस्त है। हालांकि सभी की तबीयत ठीक है। किसी को भी अभी तक दाखिल करने की स्थिति नहीं बनी है।
विज्ञापन
अस्पताल की ओपीडी में इनहेलर सहित दवाओं का स्टॉक मंगाया
उधर, जिले के नागरिक अस्पतालों में दिवाली के बाद से ही इन मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसलिए अस्पताल प्रबंधन की तरफ से दवाओं के स्टॉक अतिरिक्त मंगवाया गया है। इनमें दवाओं से लेकर अस्थमा व सीओपीडी के मरीजों के लिए इनहेलर भी शामिल है। इसके अलावा फिजीशियन की ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी में भी इस तरह से मरीजों के आने को लेकर विशेष दिशा निर्देश दिए गए है कि कोई मरीज आता है तो तुरंत संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करेंगे।
विज्ञापन
मरीजों की बढ़ाई जा रही है दवाई
प्रदूषण व बदलते मौसम के कारण अस्थमा, दमा और सीओपीडी मरीजों को दवा की खुराक बढ़ानी पड़ रही है। पहले जो मरीज दिन में दो बार दवा लेता था अब उसे चार-पांच बार दवा देने का परामर्श दिया जा रहा है। मरीज नींद न आने की परेशानी भी बता रहे हैं। हर उम्र का व्यक्ति उपचार के लिए आ रहा है। इसके अलावा खांसी की समस्या भी आ रही है। डॉक्टर ने बताया कि प्रदूषण में मौजूद छोटे कण फेफड़ों में इंफेक्शन करते हैं और इनके काम करने की क्षमता पर असर डालते हैं। यही कारण है कि सांस लेने में परेशानी होती है। इसके अलावा एलर्जन अस्थमा के मरीजों की एलर्जी को बढ़ा देते हैं। मरीज कच्चा बाजार निवासी कुलभूषण ने बताया कि दिवाली के बाद से ही सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। अस्थमा के कारण परेशानी बढ़ गई है। दवा लेने के बावजूद भी ज्यादा असर नहीं पड़ रहा है। यही कारण है कि गली मोहल्लों से बिना मुंह ढके गुजरना बंद कर रखा है।

अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल में फिजिशियन डॉ. संजीव गोयल सीओपीडी के मरीज की जांच करते हुए: संव- फोटो : आयोजक