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Greater Noida: कोरोना काल के योद्धाओं पर पुलिस ने भांजी लाठी, ओपीडी के पर्ची हॉल से खदेड़ा, कई कर्मचारी घायल

Wed, 24 Jun 2026 11:29 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 24 Jun 2026 11:29 PM IST
सार

ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित जिम्स अस्पताल में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बुधवार रात पुलिस ने बल प्रयोग कर धरना स्थल से खदेड़ दिया। कर्मचारी पिछले 10 दिन से हड़ताल पर बैठे है।

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Police lathi charged COVID 19 warriors chased them out OPD prescription hall injuring several staff members in
कई कर्मचारी घायल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित जिम्स अस्पताल में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बुधवार रात पुलिस ने बल प्रयोग कर धरना स्थल से खदेड़ दिया। कर्मचारी पिछले 10 दिन से हड़ताल पर बैठे है। आरोप है कि पुलिस ने लाठी चार्ज भी की। जबरन कर्मचारियों को धरना स्थल से उठाकर पास के कमरे में बैठा दिया गया। बल प्रयोग में कई कर्मचारी घायल हो गए है। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की कुछ वीडियो भी सामने आई हैं। 

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जिम्स अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारी नियमित करने की मांग को लेकर 10 दिन से हड़ताल पर है। पहले कुछ दिन जिम्स में इलाज पूरी तरह बंद हो गया था। जिस पर अस्पताल में भर्ती मरीजों की छुट्टी कर दी गई। आईसीयू में भर्ती दो से 3 मरीजों की मौत भी हो गई थी। हालांकि मौत का कारण हड़ताल को नहीं माना गया था। हालात बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने निजी अस्पतालों की मदद से ओपीडी और इलाज शुरू कराया। वहीं कर्मचारी ओपीडी पर्ची हाल में दिन रात धरना दे रहे हैं। आरोप है कि बुधवार रात करीब 10 बजे कासना कोतवाली पुलिस फोर्स के साथ अस्पताल पहुंची। पुलिस ने धरने पर बैठे पुरुष व महिला कर्मचारियों को खदेडना शुरू किया। 
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कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज की। एक महिला के सिर में भी लाठी लगी है। जिससे वो बुरी तरह जख्मी हो गई। आरोप है कि पुलिस ने जबरन खींचातानी कर सभी कर्मचारियों को धरना स्थल से हटाकर दूसरे हॉल में बैठा दिया। धुक्का मुक्की व बल प्रयोग के कारण कई कर्मचारी घायल हो गए है। उनको अस्पताल में इलाज चल रहा है। 
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वहीं कासना कोतवाली पुलिस का कहना है कि किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया गया है। धरना स्थल पर जाने के समय किसी पुलिसकर्मी के पास लाठी भी नहीं थी। कर्मचारी ओपीडी हॉल में बैठे थे। वहां सुबह मरीजों की काफी भीड़ रहती है। धरने के कारण मरीजों के इलाज में परेशानी आ रही है। धरने पर बैठे कर्मचारियों को दूसरी जगह बैठने को बोला गया पर वो नहीं माने। उसके बाद पुलिस ने उनको उठाकर दूसरी जगह बैठाया है। 


किसी भी आउटसोर्सिंग कर्मचारी पर कोई लाठी नहीं चलाई गई है, किसी को खडेदा नहीं गया है। फार्मेसी के पास धरना स्थल बनाया गया। वहां पर सब शांतिपूर्वक बैठे हैं।  डॉ ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक, जिम्स
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