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Noida News: आत्महत्या की सूचना देने में देरी करने वालों की भूमिका की जांच कर रही पुलिस
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शारदा विश्वविद्यालय में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा के आत्महत्या किए जाने का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा के आत्महत्या की सूचना देने में हुई देरी के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस पता लगा रही है कि सूचना देने का काम किसका है। घटना वाले दिन सूचना देने में देरी क्यों की गई।
गुरुग्राम निवासी छात्रा ज्योति शर्मा ने 18 जुलाई को छात्रावास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जांच के लिए पांच सदस्यों की टीम बनाई थी जो मामले की जांच कर रही है। पुलिस की जांच सामने आया है कि छात्रा ने करीब 7ः30 बजे आत्महत्या की। 8ः30 बजे छात्रा की सहपाठी को इसकी जानकारी हुई। बावजूद 10 बजे के बाद मेमो के माध्यम से पुलिस को सूचना भेजी गई।
वहीं, छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने विश्वविद्यालय आने के बाद डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि सूचना देने में इसलिए देरी की गई जिससे मामले को रफा-दफा किया जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा।
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डीसीपी ग्रेटर नोएडा साद मियां खान ने बताया कि छात्रा के आत्महत्या करने के बाद इसकी सूचना देरी से दी गई। घटना की रात कोई जिम्मेदार भी विश्वविद्यालय में नहीं आया। इन सभी कारणों और परिजन के आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है।
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परीक्षा से पहले लौटने लगे छात्र
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति ने मामले में सोमवार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने की बात कही है। वहीं, सोमवार से ही बीडीएस विभाग की परीक्षाएं भी शुरू होंगी। इस कारण बीडीएस विभाग में पढ़ाई करने वाले छात्र अब अपने घरों से हॉस्टल आने लगे हैं। घटना के बाद परीक्षा स्थगित होने से छात्र अपने घर चले गए थे। इससे पहले घटना के बाद पुलिस की ओर से विभाग को सील कर दिया गया था लेकिन दो दिन पूर्व यह सील हटा ली गई थी।
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सुसाइड नोट को लैब भेजा
छात्रा के सुसाइड नोट की अलग से जांच कराई जाएगी। इसे समिति की रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने सुसाइड नोट को फोरेंसिक लैब भेजा है। पुलिस ने उसे घटना के बाद सील कर दिया था। फॉरेंसिक टीम फिर से कमरे की जांच करेगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा के आत्महत्या की सूचना देने में हुई देरी के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस पता लगा रही है कि सूचना देने का काम किसका है। घटना वाले दिन सूचना देने में देरी क्यों की गई।
गुरुग्राम निवासी छात्रा ज्योति शर्मा ने 18 जुलाई को छात्रावास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जांच के लिए पांच सदस्यों की टीम बनाई थी जो मामले की जांच कर रही है। पुलिस की जांच सामने आया है कि छात्रा ने करीब 7ः30 बजे आत्महत्या की। 8ः30 बजे छात्रा की सहपाठी को इसकी जानकारी हुई। बावजूद 10 बजे के बाद मेमो के माध्यम से पुलिस को सूचना भेजी गई।
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वहीं, छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने विश्वविद्यालय आने के बाद डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि सूचना देने में इसलिए देरी की गई जिससे मामले को रफा-दफा किया जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा।
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डीसीपी ग्रेटर नोएडा साद मियां खान ने बताया कि छात्रा के आत्महत्या करने के बाद इसकी सूचना देरी से दी गई। घटना की रात कोई जिम्मेदार भी विश्वविद्यालय में नहीं आया। इन सभी कारणों और परिजन के आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है।
परीक्षा से पहले लौटने लगे छात्र
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति ने मामले में सोमवार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने की बात कही है। वहीं, सोमवार से ही बीडीएस विभाग की परीक्षाएं भी शुरू होंगी। इस कारण बीडीएस विभाग में पढ़ाई करने वाले छात्र अब अपने घरों से हॉस्टल आने लगे हैं। घटना के बाद परीक्षा स्थगित होने से छात्र अपने घर चले गए थे। इससे पहले घटना के बाद पुलिस की ओर से विभाग को सील कर दिया गया था लेकिन दो दिन पूर्व यह सील हटा ली गई थी।
सुसाइड नोट को लैब भेजा
छात्रा के सुसाइड नोट की अलग से जांच कराई जाएगी। इसे समिति की रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने सुसाइड नोट को फोरेंसिक लैब भेजा है। पुलिस ने उसे घटना के बाद सील कर दिया था। फॉरेंसिक टीम फिर से कमरे की जांच करेगी।