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Noida News: पीएम सर! हमारे पास तो सार्वजनिक वाहनों की सुविधा ही नहीं, कैसे बचाएं पट्रोल
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- प्रधानमंत्री की पेट्रोल-डीजल बचाने के आह्वान पर बोले ग्रेनोवासी- इसी वजह से मेट्रो की सुविधा जरूरी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने के आह्वान पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों ने कहा कि हमारे पास तो सार्वजनिक वाहनों की सुविधा ही नहीं है। 10 वर्षों से हम मेट्रो की मांग करते-करते थक गए, लेकिन आज तक परियोजना पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में ऑफिस या कहीं और जाने के लिए या तो निजी या फिर कैब ही एकमात्र सहारा हैं। हम पेट्रोल और डीजल कैसे बचाएं।
लोगों ने कहा कि यहां 120 से अधिक सोसाइटियों में 10 लाख से अधिक लोग रहते हैं। सब निजी वाहनों से अपने ऑफिस या दूसरी जगहों पर जाने को मजबूर हैं। कोई दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण सब अपनी कारों से जाते हैं। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों में से एक अभिषेक कहते हैं कि रोजाना ग्रेनो वेस्ट में लाखों गाड़ियां सड़कों पर उतरती हैं। लोगों के सामने भी मजबूरी है। इसके अलावा कई घरों में पति-पत्नी दोनों काम करते हैं। दोनों के ऑफिस जाने का समय अलग है। दोनों चाह कर भी एक साथ एक ही गाड़ी में नहीं जा सकते।
इसी तरह व्हाइट ऑर्किड सोसाइटी के विकास ने बताया कि सोसाइटी में करीब 800 से अधिक फ्लैट हैं। हर परिवार में एक से दो गाड़ियां हैं। सार्वजनिक परिवहन न होने के कारण प्रतिदिन दोनों गाड़ियों का इस्तेमाल होता है। अधिक गाड़ियों की वजह से जाम भी लगता है और ईंधन की भी बर्बादी होती है। पीएम मोदी की हर बात लोग मानते हैं, लेकिन यह बात मानना निवासियों के लिए संभव नहीं।
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पिछले 10 वर्षों से मेट्रो के लिए लड़ रहे हैं। अगर मेट्रो होती तो उसका इस्तेमाल किया जाता। -शशि भूषण, इकोविलेज-दो
पीएम की अपील को चाह कर भी नहीं मान सकते। वेस्ट के लोगों के पास कोई विकल्प नहीं है। -आरसी भट्ट, एसकेए ग्रीन आर्च
हर सोसाइटी के लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास कोई सुविधा ही नहीं है। -नवीन सिंह, सेंचुरियन पार्क टेरेस होम्स
10 लाख की आबादी निजी वाहनों के भरोसे है। यदि सुविधा होती तो सब अपना पैसा सकते औरर देशहित में अपना योगदान देते। -समीर भारद्वाज, इकोविलेज एक
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- प्रधानमंत्री की पेट्रोल-डीजल बचाने के आह्वान पर बोले ग्रेनोवासी- इसी वजह से मेट्रो की सुविधा जरूरी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने के आह्वान पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों ने कहा कि हमारे पास तो सार्वजनिक वाहनों की सुविधा ही नहीं है। 10 वर्षों से हम मेट्रो की मांग करते-करते थक गए, लेकिन आज तक परियोजना पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में ऑफिस या कहीं और जाने के लिए या तो निजी या फिर कैब ही एकमात्र सहारा हैं। हम पेट्रोल और डीजल कैसे बचाएं।
लोगों ने कहा कि यहां 120 से अधिक सोसाइटियों में 10 लाख से अधिक लोग रहते हैं। सब निजी वाहनों से अपने ऑफिस या दूसरी जगहों पर जाने को मजबूर हैं। कोई दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण सब अपनी कारों से जाते हैं। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों में से एक अभिषेक कहते हैं कि रोजाना ग्रेनो वेस्ट में लाखों गाड़ियां सड़कों पर उतरती हैं। लोगों के सामने भी मजबूरी है। इसके अलावा कई घरों में पति-पत्नी दोनों काम करते हैं। दोनों के ऑफिस जाने का समय अलग है। दोनों चाह कर भी एक साथ एक ही गाड़ी में नहीं जा सकते।
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इसी तरह व्हाइट ऑर्किड सोसाइटी के विकास ने बताया कि सोसाइटी में करीब 800 से अधिक फ्लैट हैं। हर परिवार में एक से दो गाड़ियां हैं। सार्वजनिक परिवहन न होने के कारण प्रतिदिन दोनों गाड़ियों का इस्तेमाल होता है। अधिक गाड़ियों की वजह से जाम भी लगता है और ईंधन की भी बर्बादी होती है। पीएम मोदी की हर बात लोग मानते हैं, लेकिन यह बात मानना निवासियों के लिए संभव नहीं।
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पिछले 10 वर्षों से मेट्रो के लिए लड़ रहे हैं। अगर मेट्रो होती तो उसका इस्तेमाल किया जाता। -शशि भूषण, इकोविलेज-दो
पीएम की अपील को चाह कर भी नहीं मान सकते। वेस्ट के लोगों के पास कोई विकल्प नहीं है। -आरसी भट्ट, एसकेए ग्रीन आर्च
हर सोसाइटी के लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास कोई सुविधा ही नहीं है। -नवीन सिंह, सेंचुरियन पार्क टेरेस होम्स
10 लाख की आबादी निजी वाहनों के भरोसे है। यदि सुविधा होती तो सब अपना पैसा सकते औरर देशहित में अपना योगदान देते। -समीर भारद्वाज, इकोविलेज एक