फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   PM Sir! We don't even have public transport, so how can we save petrol?

Noida News: पीएम सर! हमारे पास तो सार्वजनिक वाहनों की सुविधा ही नहीं, कैसे बचाएं पट्रोल

Mon, 11 May 2026 08:25 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 08:25 PM IST
विज्ञापन
PM Sir! We don't even have public transport, so how can we save petrol?
फोटो
विज्ञापन


- प्रधानमंत्री की पेट्रोल-डीजल बचाने के आह्वान पर बोले ग्रेनोवासी- इसी वजह से मेट्रो की सुविधा जरूरी


माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने के आह्वान पर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों ने कहा कि हमारे पास तो सार्वजनिक वाहनों की सुविधा ही नहीं है। 10 वर्षों से हम मेट्रो की मांग करते-करते थक गए, लेकिन आज तक परियोजना पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में ऑफिस या कहीं और जाने के लिए या तो निजी या फिर कैब ही एकमात्र सहारा हैं। हम पेट्रोल और डीजल कैसे बचाएं।
लोगों ने कहा कि यहां 120 से अधिक सोसाइटियों में 10 लाख से अधिक लोग रहते हैं। सब निजी वाहनों से अपने ऑफिस या दूसरी जगहों पर जाने को मजबूर हैं। कोई दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण सब अपनी कारों से जाते हैं। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों में से एक अभिषेक कहते हैं कि रोजाना ग्रेनो वेस्ट में लाखों गाड़ियां सड़कों पर उतरती हैं। लोगों के सामने भी मजबूरी है। इसके अलावा कई घरों में पति-पत्नी दोनों काम करते हैं। दोनों के ऑफिस जाने का समय अलग है। दोनों चाह कर भी एक साथ एक ही गाड़ी में नहीं जा सकते।
विज्ञापन

इसी तरह व्हाइट ऑर्किड सोसाइटी के विकास ने बताया कि सोसाइटी में करीब 800 से अधिक फ्लैट हैं। हर परिवार में एक से दो गाड़ियां हैं। सार्वजनिक परिवहन न होने के कारण प्रतिदिन दोनों गाड़ियों का इस्तेमाल होता है। अधिक गाड़ियों की वजह से जाम भी लगता है और ईंधन की भी बर्बादी होती है। पीएम मोदी की हर बात लोग मानते हैं, लेकिन यह बात मानना निवासियों के लिए संभव नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले 10 वर्षों से मेट्रो के लिए लड़ रहे हैं। अगर मेट्रो होती तो उसका इस्तेमाल किया जाता। -शशि भूषण, इकोविलेज-दो


पीएम की अपील को चाह कर भी नहीं मान सकते। वेस्ट के लोगों के पास कोई विकल्प नहीं है। -आरसी भट्ट, एसकेए ग्रीन आर्च


हर सोसाइटी के लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास कोई सुविधा ही नहीं है। -नवीन सिंह, सेंचुरियन पार्क टेरेस होम्स


10 लाख की आबादी निजी वाहनों के भरोसे है। यदि सुविधा होती तो सब अपना पैसा सकते औरर देशहित में अपना योगदान देते। -समीर भारद्वाज, इकोविलेज एक




विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed