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Noida News: ग्रेनो में भी पीजी और किराये के कमरे बने आग का जाल, सुरक्षा इंतजाम नदारद
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- नियमों को ताक पर रखकर चल रहे सैकड़ों पीजी और किराये के रूम, फायर एनओसी, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास तक नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो और ग्रेनो वेस्ट में तेजी से बढ़ रही पीजी (पेइंग गेस्ट) और किराये के कमरों की संख्या के साथ आग का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। अधिकांश पीजी संचालक सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर व्यवसाय चला रहे हैं। बहुमंजिला मकानों और संकरी गलियों में संचालित इन पीजी में न तो अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं और न ही आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने का कोई इंतजाम। कई इमारतों में एक ही सीढ़ी के सहारे दर्जनों लोगों को ठहराया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रेटर नोएडा, नॉलेज पार्क, जगत फार्म, तुगलपुर, गामा, बीटा, डेल्टा, अल्फा, ऐच्छर, गौड़ सिटी और आसपास के इलाकों में हजारों छात्र और नौकरीपेशा लोग पीजी में रहते हैं।
कोट
पीजी में सुरक्षा संबंधी जानकारी नहीं दी जाती। आग लगने पर क्या करना है इसकी जानकारी भी किसी के पास नहीं है। -विकास कुमार, छात्र
इमारत की सीढ़ियों पर सामान रखा रहता है, जिससे आपात स्थिति में बाहर निकलना और मुश्किल हो सकता है। -सुधीर सिंह, छात्र
समय-समय पर जांच होनी चाहिए। बिना पंजीकरण और बिना सुरक्षा मानकों वाले पीजी पर कार्रवाई होनी चाहिए। - अरुण सिंह, छात्र
जिन भवनों में नियमों का पालन नहीं हो रहा, उन्हें निर्धारित समय में इंतजाम करने के बाद ही अनुमति दी जाए।। पूजा कुमारी, छात्रा
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो और ग्रेनो वेस्ट में तेजी से बढ़ रही पीजी (पेइंग गेस्ट) और किराये के कमरों की संख्या के साथ आग का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। अधिकांश पीजी संचालक सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर व्यवसाय चला रहे हैं। बहुमंजिला मकानों और संकरी गलियों में संचालित इन पीजी में न तो अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं और न ही आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने का कोई इंतजाम। कई इमारतों में एक ही सीढ़ी के सहारे दर्जनों लोगों को ठहराया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रेटर नोएडा, नॉलेज पार्क, जगत फार्म, तुगलपुर, गामा, बीटा, डेल्टा, अल्फा, ऐच्छर, गौड़ सिटी और आसपास के इलाकों में हजारों छात्र और नौकरीपेशा लोग पीजी में रहते हैं।
कोट
पीजी में सुरक्षा संबंधी जानकारी नहीं दी जाती। आग लगने पर क्या करना है इसकी जानकारी भी किसी के पास नहीं है। -विकास कुमार, छात्र
इमारत की सीढ़ियों पर सामान रखा रहता है, जिससे आपात स्थिति में बाहर निकलना और मुश्किल हो सकता है। -सुधीर सिंह, छात्र
समय-समय पर जांच होनी चाहिए। बिना पंजीकरण और बिना सुरक्षा मानकों वाले पीजी पर कार्रवाई होनी चाहिए। - अरुण सिंह, छात्र
जिन भवनों में नियमों का पालन नहीं हो रहा, उन्हें निर्धारित समय में इंतजाम करने के बाद ही अनुमति दी जाए।। पूजा कुमारी, छात्रा