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ऑनलाइन-ऑफलाइन गेम्स से बच्चों की सुरक्षा नीति बनाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर

Sat, 17 Jul 2021 01:06 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jul 2021 01:06 AM IST
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petition for policy on online-offline games
नई दिल्ली। बच्चों की ऑनलाइन गेम्स की लत से सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने पर केंद्र सरकार कोे निर्देश देने का आग्रह करते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इसके अलावा याचिका में ऑफलाइन-ऑनलाइन गेम्स की निगरानी व उनकी विषय वस्तु की रेटिंग तय करने के लिए एक नियामक प्राधिकरण भी बनाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है।
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पेश याचिका एक ट्रस्ट डिस्ट्रेस मैनेजमेंट कलैक्टिव (डीएमसी) ने अधिवक्ता रॉबिन राजू और दीपा जोसेफ के जरिये दायर की है। याचिका में कहा गया है कि ये याचिका कई अभिभावकों से शिकायतें मिलने के बाद दायर की गई है। उन अभिभावकों ने कहा था कि उनके बच्चों को ऑनलाइन गेम्स की लत लग रही है इससे उनमें कई तरह की मानसिक परेशानियां सामने आ रही हैं।
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याचिका में कहा गया है कि ऑनलाइन गेम्स की लत के कारण बच्चों द्वारा आत्महत्या करने या अवसाद में जाने या चोरी जैसे अपराध करने की खबरों ने याची को ये याचिका दायर करने के लिए विवश किया है।
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याचिका में कहा गया है कि खासतौर से चिंता की बात है कि दस साल से कम उम्र के बच्चे भी ऑनलाइन गेम्स की लत का शिकार हो रहे हैं। महामारी काल में बच्चों द्वारा गैजेट्स के अत्यधिक प्रयोग के नियंत्रण एवं निगरानी में भारी परेशानी आ रही है। चूंकि पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है तो ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को मोबाइल का प्रयोग करने से नहीं रोक पा रहे है। जबकि वह पहले उन्हें ऐसा करने से रोक पाते थे।
याचिका में कहा गया है कि ऐसे कई शोध हैं जो छह से दस साल के बच्चों व 11 से 19 साल के किशोरों पर ऑनलाइन गेम्स के दुष्प्रभावों को दर्शाते हैं। एक प्रमुख मेडिकल जर्नल लांसेट का एक शोध का नतीजा है कि लोग जब अपनी तुलना एक हिंसक किरदार से करते हैं तो वह वास्तविक दुनिया में काफी आक्रामक व्यवहार करते हैं।
याचिका में कहा गया है कि स्कूलों को भी ऑनलाइन गेम्स के दुष्प्रभावों को लेकर बच्चों के काउंसलिंग सेशन और आवधिक काउंसलिंग कराने की जरूरत है। याचिका में ऑनलाइन गेम्स के दीवानगी और उसके कारण वित्तीय शोषण को रोकने के लिए साइबर सेल की भूमिका को भी बढ़ाने पर विचार करने का आग्रह किया गया है। इस तरह एक राष्ट्रीय नीति बनाने की जरूरत है जिसमें स्कूलों एवं साइबर सेल की भूमिका पर खास तौर से जोर दिया जाए।

याचिका में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर यूनिसेफ तथा अन्य संगठन गेम्स की लत के मुद्दे को बेहद गंभीरता से देख रहे हैं। वहीं यूके तथा अन्य यूरोपीय देशों ने प्रत्येक गेम को पैन यूरोपियन गेम इंफोरमेशन (पीईजीआई) की रेटिंग के आधार पर वर्गीकरण करना शुरू कर दिया है। - एजेंसी
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