UP: अब क्रिकेट मैच खेलने से पहले लेनी होगी अनुमति, नहीं तो होगी कार्रवाई; आयोजकों को देना होगा जीएसटी
खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में बड़े पैमाने पर क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किए जा रहे हैं। निजी प्लाॅटों पर अकादमियों के नाम से बने मैदानों में मैच खेलने के लिए ग्राउंड फीस के तौर पर अच्छी खासी राशि वसूली जाती है।
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अब नोएडा और ग्रेनो में क्रिकेट मैच खेलने के लिए प्रशासन और खेल विभाग से अनुमति लेनी होगी। आयोजकों को वसूली जाने वाली ग्राउंड फीस पर जीएसटी देना होगा। जल्द ही प्रशासन और खेल विभाग इस बाबत आदेश जारी करेगा। अनुमति नहीं लेने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में बड़े पैमाने पर क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किए जा रहे हैं। निजी प्लाॅटों पर अकादमियों के नाम से बने मैदानों में मैच खेलने के लिए ग्राउंड फीस के तौर पर अच्छी खासी राशि वसूली जाती है। शनिवार और रविवार को इनमें से ज्यादातर मैदान बुक रहते हैं। आमतौर पर हर वीकेंड ज्यादातर मैदानों पर एक दिन में तीन से छह मैच खेले जाते हैं। दिन के मैच के लिए ग्राउंड फीस 5 से 8 हजार तक और रात के मैच की ग्राउंड फीस 12 से 20 हजार तक होती है। हालांकि इस पर जीएसटी जमा नहीं किया जा रहा। जबकि ऐसे आयोजनों पर 18 प्रतिशत जीएसटी देना होता है।
अधिकारियों के मुताबिक नोएडा और ग्रेनो में ऐसे मैदानों की संख्या 500 के करीब है। इनमें ज्यादातर डूब क्षेत्र में संचालित हैंं। इन मैचों के दौरान किसी तरह का हादसा होने पर इसकी जिम्मेदारी प्रशासन व खेल विभाग की होती है। जिसे देखते हुए प्रशासन और खेल विभाग ने मैचों के आयोजन के लिए अनुमति जरूरी करने का फैसला लिया है।
टीमों के िलए जरूरी नहीं अनुमति
अधिकारियों ने बताया कि मैच खेलने वाली टीमों को अनुमति नहीं लेनी होगी। वह फीस ग्राउंड संचालक को देंगे। ग्राउंड संचालक को फीस लेने के बाद अनुमति लेनी होगी।
ग्राउंड पर किसी भी तरह की गतिविधि या मैच के आयोजन की अनुमति लेनी जरूरी है। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी किया जाएगा। ग्राउंड फीस के नाम पर वसूली जाने वाली राशि पर आयोजकों को जीएसटी जमा करना होगा। - जेपी चंद, जिला मनोरंजन अधिकारी
मैदानों पर काॅरपोरेट टूर्नामेंट खेले जा रहे हैं। आयोजन के नाम पर मोटा शुल्क लिया जा रहा हैं। कई अकादमी ने जीएसटी देने का दावा किया है, लेकिन साक्ष्य नहीं दिए हैं। खेलों के आयोजन से पहले अनुमति लेनी होगी। - अनिता नागर, उप जिला क्रीड़ा अधिकारी
हर मैच की निगरानी रखना मुश्किल
प्रशासन ने मैचों के आयोजन के लिए अनुमति जरूरी करने का फैसला लिया है। हालांकि हर मैच पर निगरानी रखना मुश्किल होगा। मैदानों पर रोजाना खेले जाने वाले मैचों की जानकारी जुटाना चुनौती होगी।