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गांधी और हुड्डा के आश्वासन के बाद भी विकास को तरस रहे लोग

Sat, 19 Dec 2020 12:26 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2020 12:26 AM IST
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people yearning for development even after assurance of gandhi and hudda
गांधी और हुड्डा के आश्वासन के बाद भी विकास को तरस रहे लोग
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पुुन्हाना/नूूूंह। देश के बंटवारे के समय जब मेवात के मुसलमान पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहे थे, तब महात्मा गांधी ने जान-माल की हिफाजत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणबीर सिंह ने गांव घासेड़ा के विकास का आश्वासन दिया था। लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि आज तक घासेड़ा गांव का विकास नहीं किया गया है। लोग आज भी बदहाली झेलने को मजब्रूर हैं। स्वतंत्रता मिलने के बाद देश पूर्ण रूप से आजाद तो हो गया, लेकिन बटवारा भी हुआ। उस समय मेवात (हरियाणा, राजस्थान) के मुसलमानों को जबरदस्ती पाकिस्तान भेजा जा रहा था जबकि यहां के मुसलमान जाने के लिए कतई राजी नहीं थे। उस समय मेवात, गुरुग्राम और फरीदाबाद पर अंग्रेजों और राजस्थान के अलवर, भरतपुर पर राजाओं का राज था। मेवातियों के देश प्रेम को देखते हुऐ महात्मा गांधी 19 दिसंबर 1947 को गांव घासेडा पहुंचे। पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री गोपी चंद भार्गव, रणबीर सिंह सहित काफी नेता उनके साथ थे। अलवर, भरतपुर रियासत से आए मुस्लिम समाज के लोग और मेवात के लोग जब पाकिस्तान जाने के लिए गांव घासेड़ा में जमा हुए थे। तब महात्मां गांधी ने अपना ऐतिहासिक भाषण दिया। उस समय कहा था कि आज मेरे कहने में वह शक्ति नहीं रही, जो पहले हुआ करती थी। यहां जो कुछ हो रहा है, उसे सुनकर मेरा दिल रंज से भर जाता है। चारों ओर आगजनी, लूटपाट, कत्लेआम, मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों को तोड़ना एक पागलपन है, इसे रोका नहीं गया, तो दोनों जातियों का सर्वनाश हो जाएगा। गांधी के आश्वासन और विचारों का मुसलमानों पर इतना असर हुआ की उन्होंने पाकिस्तान जाने का अपना इरादा बदल दिया था।
कांग्रेस सरकार नें घासेड़ा को आदर्श गांव का दर्जा देने का कोई फायदा नहीं हुआ है। आज भी गांव के लोग पीने के पानी, रास्ते और मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे है। स्टेडियम का निर्माण, स्कूल को मॉडल स्कूल का दर्जा, गांधी पार्क व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निर्माण होना था। - खालिद हुसैन, संगठन फलाह-ए-मेवात यूथ क्लब घासेड़ा
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महात्मा गांधी के साथ मेवात से ऐतिहासिक यादें जुड़ी हुई है। आज सरकार को जरूरत हैं कि वह संपूर्ण मेवात का विकास कराएं। - समैया खान, घासेड़ा
हमारे बुजुर्ग गांधी के आश्वासन पर यहां रूके थे। आज गांव में मूलभूत सुविधाओं का भार अभाव है। सरकार को इस और ध्यान देने की जरूरत है। - हाजी अब्दुल रहीम
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भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में घासेड़ा गांव के लिए कुछ भी नहीं किया है। नीति आयोग की रिपोर्ट में नूंह जिला देश में सबसे पिछड़ा है। लेकिन सरकार इस और कोई ध्यान नहीं दे रही है। - आफताब अहमद, विधायक नूंह

मेवात के फजरूदीन बेसर, डाक्टर बशीर अहमद, अख्तर चंदेनी, साबिर सरपंच मालब, आबिद सरपंच सलंबा का कहना है कि गांधी जी के सुरक्षा व समान विकास का आश्वासन देने के बाद यहां के मुसलमान रूक गए थे। अगर उस समय नहीं रूकते तो हरियाणा और राजस्थान में एक भी मुसलमान नहीं होता। मुसलमानों पर गांधी जी का सबसे बड़ा अहसान है, जिन्होने पाकिस्तान जाने से रोका आज हिंदुस्तान में मुसलमान अमन और सम्मान की जिंदगी जी रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने पिता रणबीर सिंह हुड्डा व महात्मा गांधी द्वारा दिए गए वचन के चलते ही 2 अक्तुबर 2007 को घासेड़ा का नाम गांधी ग्राम घासेड़ा रखकर आर्दश गांव घोषित किया और करीब 10 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए जारी किए थे। लेकिन वर्षों बाद आज भी गांव के हालात नहीं बदले हैं गांव में सुविधाओं का भारी अभाव है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने भी घासेड़ा गांव में गांधी के नाम पर स्टैच्यू, पार्क व लाइब्रेरी बनाने की घोषण की है जोकि अभी ठंडे बस्ते में हैं।
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