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Noida News: जिले के 2800 बुजुर्गों की पेंशन रोकी, नवंबर से नहीं मिला सामाजिक सुरक्षा भत्ता
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-वृद्धावस्था, विधवा सहित अन्य पेंशन योजनाओं के लाभार्थी परेशान
राहुल राज
पलवल। जिले में करीब 2800 बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन अचानक रोक दी गई है। जिसके कारण वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थी पिछले कई महीनों से परेशान हैं। पेंशन बंद होने के कारण बुजुर्गों को दवाइयों, भोजन और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लाभार्थियों का कहना है कि पेंशन ही उनकी आय का एकमात्र सहारा है। इसके रुकने से उन्हें दूसरों पर निर्भर होना पड़ रहा है। बुजुर्गों समाज कल्याण विभाग, बैंक और अन्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है। बुजुर्गों का आरोप है कि आय सत्यापन, दस्तावेजों के अपडेट और तकनीकी खामियों का हवाला देकर बड़ी संख्या में पेंशन रोक दी गई है। लाभार्थियों का कहना है कि उन्हें नवंबर महीने से पेंशन नहीं मिल रही है।
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किसे मिलता है वृद्धावस्था सम्मान भत्ता-
बुढ़ापा पेंशन का लाभ लेने के लिए व्यक्ति का हरियाणा का स्थायी नागरिक होना अनिवार्य है। योजना के तहत लाभार्थी की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। इसके साथ ही पति-पत्नी की संयुक्त वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। नियमों के अनुसार जो व्यक्ति सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हो चुके हैं या जिनके नाम पर भविष्य निधि (पीएफ) खाता है, वे इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे।
सीएम ने बढ़ाई थी वृद्धावस्था सम्मान भत्ता की राशि-
हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुढ़ापा पेंशन की राशि बढ़ाने की घोषणा की थी। प्रदेश के बुजुर्गों को हर महीने 3000 रुपये की जगह 3200 रुपये पेंशन मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बढ़ी हुई पेंशन की राशि 1 नवंबर 2025 से पेंशनधारकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार के इस फैसले से महंगाई के दौर में बुजुर्गों को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद थी। लेकिन पेंशन रुकने से बुजुर्गों की समस्या गहराती जा रही है।
क्या कहते है लोग
मैं किसान हूं और मेरे पास करीब दो मील जमीन है। बड़ी मुश्किल से तो मेरा खर्च चलता है। सरकारी पोर्टल पर मेरी आय पांच लाख रुपए दिखा रखी है, इसी आधार पर मेरी पेंशन रोक दी गई है। पेंशन बंद होने से आर्थिक संतुलन बिगड़ गया है।
- सोहनलाल, नागल जट गांव, हथीन
मुझे विधवा पेंशन मिलती थी, जो पिछले एक साल से बंद है। कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। 3000 रुपये की पेंशन बंद होने के कारण बच्चों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
- गीता, फिरोजपुर, पलवल
पेंशन पिछले दो महीनों से रुकी हुई है। हर महीने 3000 रुपये मिलते थे, जो दवा और घरेलू खर्च में काम आते थे। अब पेंशन बंद होने से इलाज तक कराना मुश्किल हो गया है।
- हाशिम, जेरौली गांव, हथीन
पिछले पांच वर्षों से पेंशन मिल रही थी, लेकिन तीन महीने पहले अचानक आना बंद हो गई। बिना किसी प्रकार की सूचना या कारण बताए पेंशन रोक दी गई, जिससे वह बेहद परेशान हैं। कई बार विभाग के चक्कर काट गई है फिर भी पेंशन नहीं बना है।
- सोना, कुसलीपुर, पलवल
क्या कहते है अधिकारी
दस्तावेजों की कमी के चलते कई लाभार्थियों की पेंशन रोकी गई है। सभी संबंधित लोगों को आवश्यक दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कुछ लाभार्थियों की आय अधिक होने के कारण भी पेंशन अस्थायी रूप से बंद की गई है। जो लाभार्थी पात्र पाए जाएंगे, उन्हें पेंशन का लाभ अवश्य दिया जाएगा।
-विरेंद्र यादव, जिला कल्याण अधिकारी पलवल