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Noida News: कई रूटों पर बसें बंद होने से यात्री परेशान
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-सुशासन दिवस पर सम्मानित रोडवेज विभाग एक माह के भीतर खराब हालत में
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। सुशासन दिवस पर 25 दिसंबर को सम्मानित होने वाला नूंह जिले का रोडवेज विभाग महज एक माह के भीतर ही बेहद खराब हालातों में पहुंच गया है। स्थिति यह है कि चंडीगढ़ समेत कई महत्वपूर्ण रूटों की बस सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, जबकि जो बसें संचालित हो रही हैं, वे भी तय समय से काफी देरी से चल रही हैं। इससे आम जनता, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्री अखलाक अहमद, खालिद, सोनू प्रजापत, मंसूर अली, ललित, कर्ण, अमन, लक्की, रिजवान, पवन कुमार, रूपेश व सोनिया ने बताया कि फिरोजपुर झिरका, नूंह, नगीना सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई के लिए प्रतिदिन सोहना, गुरुग्राम व अन्य जिलों में जाते हैं। इसके अलावा जिले के अनेक कर्मचारी भी रोजाना दूसरे जिलों व स्थानों पर अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में नूंह से चंडीगढ़, गुरुग्राम और नूंह से पलवल जाने वाली बसों का लचर संचालन विद्यार्थियों और कर्मचारियों दोनों को समय पर उनके गंतव्य तक नहीं पहुंचा पा रहा है।
लोगों का कहना है कि मौजूदा समय में नूंह रोडवेज विभाग की समय-सारिणी पूरी तरह से डगमगा गई है। बसें 20 से 40 मिनट तक देरी से चल रही हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों और कर्मचारियों को कार्यालयों में देर से पहुंचना पड़ रहा है। इससे मानसिक तनाव बढ़ रहा है और कई बार उपस्थिति से जुड़ी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं। इसके अतिरिक्त नूंह से मथुरा जाने वाली बस सेवा बंद होने से धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले श्रद्धालु और रिश्तेदारी में आने-जाने वाले लोग भी खासे परेशान हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी:
नूंह रोडवेज डिपो के डीआई भरतलाल ने बताया कि नूंह डिपो में दूसरे जिलों से डेपुटेशन पर आए चालक अब अपने मूल डिपो वापस भेज दिए गए हैं, क्योंकि उनका कार्यकाल पूरा हो चुका है। चालक कमी के कारण कई रूटों पर बस सेवाएं बंद करनी पड़ी हैं और कुछ रूटों पर बसों के संचालन में देरी हो रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। सुशासन दिवस पर 25 दिसंबर को सम्मानित होने वाला नूंह जिले का रोडवेज विभाग महज एक माह के भीतर ही बेहद खराब हालातों में पहुंच गया है। स्थिति यह है कि चंडीगढ़ समेत कई महत्वपूर्ण रूटों की बस सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, जबकि जो बसें संचालित हो रही हैं, वे भी तय समय से काफी देरी से चल रही हैं। इससे आम जनता, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्री अखलाक अहमद, खालिद, सोनू प्रजापत, मंसूर अली, ललित, कर्ण, अमन, लक्की, रिजवान, पवन कुमार, रूपेश व सोनिया ने बताया कि फिरोजपुर झिरका, नूंह, नगीना सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई के लिए प्रतिदिन सोहना, गुरुग्राम व अन्य जिलों में जाते हैं। इसके अलावा जिले के अनेक कर्मचारी भी रोजाना दूसरे जिलों व स्थानों पर अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में नूंह से चंडीगढ़, गुरुग्राम और नूंह से पलवल जाने वाली बसों का लचर संचालन विद्यार्थियों और कर्मचारियों दोनों को समय पर उनके गंतव्य तक नहीं पहुंचा पा रहा है।
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लोगों का कहना है कि मौजूदा समय में नूंह रोडवेज विभाग की समय-सारिणी पूरी तरह से डगमगा गई है। बसें 20 से 40 मिनट तक देरी से चल रही हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों और कर्मचारियों को कार्यालयों में देर से पहुंचना पड़ रहा है। इससे मानसिक तनाव बढ़ रहा है और कई बार उपस्थिति से जुड़ी समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं। इसके अतिरिक्त नूंह से मथुरा जाने वाली बस सेवा बंद होने से धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले श्रद्धालु और रिश्तेदारी में आने-जाने वाले लोग भी खासे परेशान हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी:
नूंह रोडवेज डिपो के डीआई भरतलाल ने बताया कि नूंह डिपो में दूसरे जिलों से डेपुटेशन पर आए चालक अब अपने मूल डिपो वापस भेज दिए गए हैं, क्योंकि उनका कार्यकाल पूरा हो चुका है। चालक कमी के कारण कई रूटों पर बस सेवाएं बंद करनी पड़ी हैं और कुछ रूटों पर बसों के संचालन में देरी हो रही है।