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Noida News: असली-नकली किताबों के फेर में फंसे अभिभावक
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-बाजारों में नहीं मिल रहीं एनसीईआरटी की चौथी, पांचवीं, नौवीं व बारहवीं की किताबें
-फायदा उठाकर कई निजी प्रकाशक बेच रहे हैं एनसीईआरटी के नाम पर नकली बुक्स
-पहचान के लिए बोर्ड ने सुझाव दिया है कि छात्र वाॅटर मार्क देखकर ही पुस्तकें खरीदें
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-पहली, सातवीं, आठवीं, दसवीं, बारहवीं की किताबें बाजार में उपलब्ध
-छठी की किताबें जून तक मिल सकेंगी, तीसरी कक्षा की जल्द मिलेंगी
-अन्य कक्षाओं की किताबों को आने में एक पखवाड़ा लगने के आसार
रश्मि शर्मा
नई दिल्ली। देशभर में स्कूलों में नए सेशन की शुरूआत हुए दस दिन हो गए हैं, लेकिन बच्चों को कई कक्षाओं की एनसीईआरटी की किताबें नहीं मिल रही हैं। ऊपर से इन कक्षाओं की नकली किताबों ने अभिभावकों का सिरदर्द बढ़ा दिया है। कई निजी प्रकाशक एनसीईआरटी के नाम पर अपनी किताबें बेच रहे हैं। मजबूरन अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की किताबों को खरीदना पड़ रहा है। कई अन्य नकली किताबें भी बाजार में हैं। ऐसे में असली-नकली का अंदाजा लगाना अभिभावक व छात्रों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
कुछ निजी स्कूलों की ओर से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि कुछ स्कूलों में एनसीईआरटी पुस्तकों को खरीदने पर ही जोर दिया जा रहा है। बाजारों में पुस्तकों की कमी के साथ नकली पुस्तकें भी बिक रही हैं। अभिभावकों को डर है कि एनसीईआरटी किताब के चक्कर में कहीं नकली पुस्तक न ले जाएं। एनसीईआरटी के अनुसार, यदि किसी अभिभावक को एनसीईआरटी की असली पुस्तक की पहचान करनी हो तो उसे पुस्तक पर वॉटर मार्क देखना चाहिए। इस वॉटरमार्क की पहचान असली किताब पर किन्हीं भी पृष्ठों पर की जा सकती है। इसे धूप में देखा जा सकता है। यदि किताब में वॉटरमार्क नहीं पाया जाता है तो किताब नकली है और उसे न खरीदा जाए।
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जून तक सभी कक्षाओं की किताबें उपलब्ध हो जाएंगी
एनसीईआरटी के अनुसार, बाजार में पहली, सातवीं, आठवीं, दसवीं व बारहवीं की किताबें उपलब्ध करा दी गई हैं। चौथी, पांचवीं, नौवीं व ग्यारहवीं की किताबें अभी प्रिंटिंग मोड में हैं और 15 दिन के अंदर यह बाजारों में उपलब्ध करा दी जाएंगी। तीसरी व छठी कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है। इसलिए इन्हें तैयार करने में समय लग रहा है। मई तक तीसरी की और छठी कक्षा की किताबें जून तक आ जाएंगी। जो किताबें अभिभावकों को बाजारों में नहीं मिल रही हैं, वह एनसीईआरटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अभिभावक वहां से डाउनलोड कर सकते हैं। छठी की किताबें वेबसाइट पर अभी नहीं मिलेंगी।
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कैसे करें असली पुस्तक की पहचान
1.एनसीईआरटी की किताबों को पहचानने का एक तरीका यह है कि यह पाठ्यपुस्तकें वाटरमार्क पेपर पर मुद्रित की जाती है। जो एनसीईआरटी क्रेस्ट(लोगो) को दर्शाती हैं। यह लोगो पुस्तक के हर पन्ने पर मौजूद रहता है।
2. वाटर मार्क पेपर ऐसा होता है जिस धूप में देखने पर उस पर मुद्रित एनसीईआरटी का चिन्ह साफ तौर पर दिखाई देता है।
3. एनसीईआरटी की किताबों में पेपर मिल का नाम व वर्ष भी लिखा होता है।
4. एनसीईआरटी की किताबों के मुकाबले नकली किताबों की प्रिंटिंग में भी खामियां देखने को मिल सकती हैं।
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-फायदा उठाकर कई निजी प्रकाशक बेच रहे हैं एनसीईआरटी के नाम पर नकली बुक्स
-पहचान के लिए बोर्ड ने सुझाव दिया है कि छात्र वाॅटर मार्क देखकर ही पुस्तकें खरीदें
-पहली, सातवीं, आठवीं, दसवीं, बारहवीं की किताबें बाजार में उपलब्ध
-छठी की किताबें जून तक मिल सकेंगी, तीसरी कक्षा की जल्द मिलेंगी
-अन्य कक्षाओं की किताबों को आने में एक पखवाड़ा लगने के आसार
रश्मि शर्मा
नई दिल्ली। देशभर में स्कूलों में नए सेशन की शुरूआत हुए दस दिन हो गए हैं, लेकिन बच्चों को कई कक्षाओं की एनसीईआरटी की किताबें नहीं मिल रही हैं। ऊपर से इन कक्षाओं की नकली किताबों ने अभिभावकों का सिरदर्द बढ़ा दिया है। कई निजी प्रकाशक एनसीईआरटी के नाम पर अपनी किताबें बेच रहे हैं। मजबूरन अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की किताबों को खरीदना पड़ रहा है। कई अन्य नकली किताबें भी बाजार में हैं। ऐसे में असली-नकली का अंदाजा लगाना अभिभावक व छात्रों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
कुछ निजी स्कूलों की ओर से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि कुछ स्कूलों में एनसीईआरटी पुस्तकों को खरीदने पर ही जोर दिया जा रहा है। बाजारों में पुस्तकों की कमी के साथ नकली पुस्तकें भी बिक रही हैं। अभिभावकों को डर है कि एनसीईआरटी किताब के चक्कर में कहीं नकली पुस्तक न ले जाएं। एनसीईआरटी के अनुसार, यदि किसी अभिभावक को एनसीईआरटी की असली पुस्तक की पहचान करनी हो तो उसे पुस्तक पर वॉटर मार्क देखना चाहिए। इस वॉटरमार्क की पहचान असली किताब पर किन्हीं भी पृष्ठों पर की जा सकती है। इसे धूप में देखा जा सकता है। यदि किताब में वॉटरमार्क नहीं पाया जाता है तो किताब नकली है और उसे न खरीदा जाए।
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जून तक सभी कक्षाओं की किताबें उपलब्ध हो जाएंगी
एनसीईआरटी के अनुसार, बाजार में पहली, सातवीं, आठवीं, दसवीं व बारहवीं की किताबें उपलब्ध करा दी गई हैं। चौथी, पांचवीं, नौवीं व ग्यारहवीं की किताबें अभी प्रिंटिंग मोड में हैं और 15 दिन के अंदर यह बाजारों में उपलब्ध करा दी जाएंगी। तीसरी व छठी कक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है। इसलिए इन्हें तैयार करने में समय लग रहा है। मई तक तीसरी की और छठी कक्षा की किताबें जून तक आ जाएंगी। जो किताबें अभिभावकों को बाजारों में नहीं मिल रही हैं, वह एनसीईआरटी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अभिभावक वहां से डाउनलोड कर सकते हैं। छठी की किताबें वेबसाइट पर अभी नहीं मिलेंगी।
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कैसे करें असली पुस्तक की पहचान
1.एनसीईआरटी की किताबों को पहचानने का एक तरीका यह है कि यह पाठ्यपुस्तकें वाटरमार्क पेपर पर मुद्रित की जाती है। जो एनसीईआरटी क्रेस्ट(लोगो) को दर्शाती हैं। यह लोगो पुस्तक के हर पन्ने पर मौजूद रहता है।
2. वाटर मार्क पेपर ऐसा होता है जिस धूप में देखने पर उस पर मुद्रित एनसीईआरटी का चिन्ह साफ तौर पर दिखाई देता है।
3. एनसीईआरटी की किताबों में पेपर मिल का नाम व वर्ष भी लिखा होता है।
4. एनसीईआरटी की किताबों के मुकाबले नकली किताबों की प्रिंटिंग में भी खामियां देखने को मिल सकती हैं।