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रास्ते बिगाड़ रहे बच्चों का भविष्य: बरसात में स्कूल के बाहर भर जाता है पानी, छात्र-शिक्षक और अभिभावक सब परेशान

Sat, 29 Jul 2023 10:38 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 29 Jul 2023 10:38 PM IST
सार

अभिभावक मार्ग में कीचड़ होने से बच्चों को स्कूल भेजने से मना कर रहे है। वहीं एक बच्चे ने अपनी मम्मी से बरसात में स्कूल नहीं जाने के लिए कहा है। आगे कहा कि बारिश में दलदल और सूखने पर स्कूल का रास्ता रेगिस्तान बन जाता है। 

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Parents are refusing to send their children to school due to mud on the way.
स्कूल जाने वाला रास्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्रेटर नोएडा। मम्मी जब तक सड़क पर कीचड़ व गंदा पानी भरा है, मैं स्कूल नहीं जाऊंगा। कई छात्र कीचड़ में फिसलकर घायल भी हो गए हैं। केवल देहात ही नहीं शहर के कई स्कूलों के मार्ग पर गंदा पानी और कीचड़ भरी होने से विद्यार्थी स्कूल जाने से मना कर रहे है। सड़क की बदहाली को देखकर कुछ अभिभावकों ने भी बच्चों को स्कूल भेजने से मना किया हुआ है। उनका कहना है कि स्कूल का रास्ते बहाल हो जाने पर ही विद्यार्थियों को स्कूल भेजा जाएगा।

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बारिश में स्कूल का रास्ता हो जाता है खराब
ग्रेटर नोएडा के तिलपता गांव स्थित संतोष कॉलोनी के परिषदीय स्कूल में एक से पांचवीं तक 110 विद्यार्थी अध्यनरत है और 3 महिला शिक्षक है। स्कूल जाने का रास्ता कच्चा होने के कारण बारिश में 1 से 2 फीट तक कीचड़ हो जाती है। जिससे विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी स्कूल तक जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

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प्रशासन नहीं कर रहा कोई कार्रवाई
स्कूल की प्रधानाचार्य और शिक्षक कई बार सड़क निर्माण के लिए ग्रेनो प्राधिकरण में शिकायत कर चुके है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कीचड़ से भरी सड़क से गुजरना बच्चों के साथ ग्रामीणों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई है। विद्यालय की प्रधानाचार्य लोकेश कुमारी ने बताया कि बारिश के बाद सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। जिससे कुछ ही बच्चे ही जैसे तैसे स्कूल में पहुंच पाते है। 

बरसात में स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं परिजन
वहीं सड़क पर गंदा पानी और कीचड़ भरा होने से अभिभावकों ने विद्यार्थियों को रास्ता ठीक नहीं होने तक स्कूल भेजने के लिए मना कर दिया है। रास्ते की हालत इतनी खराब है कि बारिश में दलदल हो जाती है और सूखने पर रेगिस्तान बन जाती है। बारिश होने पर विद्यार्थियों के कपड़े और जूते गंदे हो जाते है। प्रतिदिन बच्चे कीचड़ में गिर कर घायल हो रहे है।

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बारिश के पानी से गंभीर बीमारियों का खतरा
वहीं पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से मच्छर पनप रहे है। जिससे बच्चों को बीमार होने का डर सता रहा है। बृहस्पतिवार को भी अध्यापकों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी को रास्ता बनाने के लिए ज्ञापन दिया है। उनका कहना है कि यह समस्या आज की नहीं है। बीते करीब दस सालों से ये समस्या बनी हुई है। जिसको लेकर प्राधिकरण के संबंधित अफसरों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।

बिसरख ब्लॉक खंड शिक्षा अधिकारी यशपाल सिंह ने कहा कि स्कूल तक जाने का रास्ता कच्चा बना हुआ है। बारिश के कारण रास्ते पर कीचड़ हो गई है। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से कई बार रास्ते बनाने की मांग की जा चुकी है।

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