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सचिन-सीमा की कहानी: पाकिस्तान से आई महिला ने 20 से ज्यादा बार काटी थी कलाई, कस्टडी में भी साथ रहने की जिद
Wed, 05 Jul 2023 02:13 PM IST
शाहरुख खान
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 05 Jul 2023 02:13 PM IST
सार
सीमा हैदर और सचिन का प्यार सरहद ही नहीं हद से गुजर गया। सचिन को विश्वास दिलाने के लिए सीमा ने 20 से अधिक बार कलाई काटी थी। कस्टडी में भी साथ रहने की जिद करते रहे। सीमा ने कहा कि पाकिस्तान नहीं जाऊंगी।
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सीमा हैदर और सचिन की प्रेम कहानी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस की अब तक जांच और सीमा हैदर व सचिन के दावा उनकी मोहब्बत की एक ऐसी कहानी बयां कर रहा है जो केवल हिंदुस्तान-पाकिस्तान की सरहद ही नहीं हद से गुजर गई थी। पति की बेरुखी से आहत सीमा अपने ही नहीं बल्कि चार बच्चों के जीवन के लिए भी चिंतित थी, लेकिन पाकिस्तान में उसे कोई ऐसा जीवनसाथी नहीं मिल पाया जो हर मुश्किल व मर्यादाओं को दरकिनार कर साथ दे सके।
इस वजह से सचिन के साथ रहने का निर्णय कर लिया। सचिन ने भी सीमा को पाने के लिए खुद ही नहीं बल्कि पिता को भी मुसीबत में डाल दिया। सीमा को लेकर पुलिस टीम डीसीपी कार्यालय में काली फिल्म लगी कार में लेकर पहुंची, जबकि काली फिल्म पर रोक है और पुलिस लगातार ऐसी कारों का चालान करती है।
पुलिस ने सीमा को कार से बाहर निकालने से इन्कार कर दिया। इस वजह से मीडियाकर्मियों ने कार के अंदर ही उससे बात करनी शुरू की। सीमा ने शुरुआत से ही सचिन के साथ जीवनभर रहने की अपील की। सचिन भी उसके साथ रहने की जिद पर अड़ा रहा। सीमा ने कहा कि वह कभी पाकिस्तान नहीं जाना चाहती, उसने हाथ जोड़कर हिंदुस्तान जिंदाबाद भी कहा।
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इस दौरान सीमा के दोनों हाथ की कलाई में कई कट के निशान दिखाई दिए। पता चला कि सीमा को सचिन को विश्वास दिलाने के लिए 20 से अधिक बार कलाई पर कट लगाए थे कि वह उसके लिए कुछ भी कर सकती है। इसके अलावा न केवल उसने अपनी जमीन बेची बल्कि आभूषण भी साथ लेकर आई।
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इस वजह से सचिन के साथ रहने का निर्णय कर लिया। सचिन ने भी सीमा को पाने के लिए खुद ही नहीं बल्कि पिता को भी मुसीबत में डाल दिया। सीमा को लेकर पुलिस टीम डीसीपी कार्यालय में काली फिल्म लगी कार में लेकर पहुंची, जबकि काली फिल्म पर रोक है और पुलिस लगातार ऐसी कारों का चालान करती है।
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पुलिस ने सीमा को कार से बाहर निकालने से इन्कार कर दिया। इस वजह से मीडियाकर्मियों ने कार के अंदर ही उससे बात करनी शुरू की। सीमा ने शुरुआत से ही सचिन के साथ जीवनभर रहने की अपील की। सचिन भी उसके साथ रहने की जिद पर अड़ा रहा। सीमा ने कहा कि वह कभी पाकिस्तान नहीं जाना चाहती, उसने हाथ जोड़कर हिंदुस्तान जिंदाबाद भी कहा।
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इस दौरान सीमा के दोनों हाथ की कलाई में कई कट के निशान दिखाई दिए। पता चला कि सीमा को सचिन को विश्वास दिलाने के लिए 20 से अधिक बार कलाई पर कट लगाए थे कि वह उसके लिए कुछ भी कर सकती है। इसके अलावा न केवल उसने अपनी जमीन बेची बल्कि आभूषण भी साथ लेकर आई।
सचिन की आमदनी कम थी। इस वजह से वह उसका हाथ बंटाने के लिए घर पर कोई व्यापार या फिर नौकरी के लिए भी तैयार थी। सचिन ने पिता को सारी सच्चाई बता दी थी, लेकिन उन्होंने कह दिया था कि जब तक दोनों की कानूनी रूप से शादी नहीं हो जाती तब तक वह सीमा को अपने घर में नहीं रख सकते।
कानूनी रूप से सीमा को अपना बनाने के लिए सचिन वकीलों से सलाह ले रहा था। इसी दौरान पुलिस को सीमा के रबूपुरा में होने की भनक लग गई।
फर्जी बना लिए आधार कार्ड, पहले भी की बार्डर पार की कोशिश
आरोपियों से फर्जी तीन आधार कार्ड बरामद हुए हैं। सचिन और सीमा ने अपने व एक बच्चे का किसी अन्य आधार कार्ड से एडिट कर तीनों आधार कार्ड बनवाए थे। इन कार्ड में सीमा ने सचिन को अपना पति दर्शाया है। इसके अलावा सीमा ने सात महीने पहले भी पाकिस्तान सीमा से बार्डर पार कर भारत आने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षाबलों की चौकसी के कारण नाकाम हो गई थी।
आरोपियों से फर्जी तीन आधार कार्ड बरामद हुए हैं। सचिन और सीमा ने अपने व एक बच्चे का किसी अन्य आधार कार्ड से एडिट कर तीनों आधार कार्ड बनवाए थे। इन कार्ड में सीमा ने सचिन को अपना पति दर्शाया है। इसके अलावा सीमा ने सात महीने पहले भी पाकिस्तान सीमा से बार्डर पार कर भारत आने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षाबलों की चौकसी के कारण नाकाम हो गई थी।
बच्चों के रखे हिंदुस्तानी नाम
पड़ोसियों को शक न हो, इसलिए सचिन और सीमा ने बच्चों के हिंदुस्तानी नाम रखे थे। वहीं, वकील को उनकी बातों पर शक होने का एक बड़ा कारण यह भी था कि बच्चे सीमा को दीदी कह रहे थे। हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने सीमा के चारों बच्चों को कोल्ड ड्रिंक पिलाई, बिस्कुट और खाना खिलाया।
पड़ोसियों को शक न हो, इसलिए सचिन और सीमा ने बच्चों के हिंदुस्तानी नाम रखे थे। वहीं, वकील को उनकी बातों पर शक होने का एक बड़ा कारण यह भी था कि बच्चे सीमा को दीदी कह रहे थे। हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने सीमा के चारों बच्चों को कोल्ड ड्रिंक पिलाई, बिस्कुट और खाना खिलाया।
सीमा और सचिन को भी ढाबे से मंगाया खाना खिलाया गया। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर सीमा के चारों बच्चों को भी उसके साथ जेल भेजा है। छह साल तक के बच्चों को मां के साथ जेल भेजा जाता है लेकिन उन्हें घर जैसा माहौल दिया जाता है। सीमा का बड़ा बेटा सात वर्ष का है। उसे भी मां के साथ भेजा गया है।
अमर उजाला के खुलासे के बाद नेपाल तक बढ़ी चौकसी
अमर उजाला के खुलासे के बाद नेपाल सीमा व यमुना एक्सप्रेसवे पर संबंधित थानों की पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। वहीं, नेपाल आने-जाने वाली बसों की भी पुलिस नियमित चेकिंग कराने का दावा कर रही है। डीसीपी ने बताया कि संबंधित एजेंसियों को नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ाने के लिए पत्र भी लिखा जा रहा है।
अमर उजाला के खुलासे के बाद नेपाल सीमा व यमुना एक्सप्रेसवे पर संबंधित थानों की पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। वहीं, नेपाल आने-जाने वाली बसों की भी पुलिस नियमित चेकिंग कराने का दावा कर रही है। डीसीपी ने बताया कि संबंधित एजेंसियों को नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ाने के लिए पत्र भी लिखा जा रहा है।