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Noida News: न्यायालयों में 49 हजार से अधिक केस, समय पर नहीं मिल रहा न्याय
Wed, 22 Oct 2025 12:26 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Wed, 22 Oct 2025 12:26 AM IST
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न्यायालय परिसर सिरसा।
सिरसा। जिला न्यायालयों में लंबित केसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अक्तूबर 2025 को ये संख्या 49 हजार पार कर गई, जबकि जिलेभर में न्यायालयों की संख्या 19 हैं। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि जिला के न्यायालयों पर लंबित केसों का भारी भार है। इनका समय पर निपटारा करना भी बड़ी चुनौती से कम नहीं।
बाद एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष अधिवक्ता लक्की दुग्गल ने बताया कि समय पर केसों का निपटारा न होने से पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी होती है। इसलिए केसों की संख्या के अनुसार जिला में न्यायालयों की नियुक्ति की जाए। जितने ज्यादा न्यायालय होंगे, उतना जल्द ही लोगों को न्याय मिलेगा। बता दें कि जिला में सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद व रानियां में न्यायालय स्थापित हैं। सिरसा में 14, डबवाली में 2, ऐलनाबाद में 2 व रानियां में एक न्यायाधीश नियुक्त है। उक्त सभी न्यायालयों में 49 हजार 768 केस लंबित हैं। इसमें 35,064 क्रिमिनल व 14,705 सिविल केस शामिल हैं।
एक और स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट स्थापित करने की मांग : सत्र न्यायालय में सबसे ज्यादा केस स्पेशल एनडीपीएस फास्ट ट्रैक कोर्ट में लंबित हैं। इस कोर्ट में तीन हजार 627 से अधिक केस लंबित हैं। ऐसे में केसों का फटाफट निपटारा नहीं हो रहा है। इस कोर्ट में हर माह मादक पदार्थ अधिनियम के 70 से 90 केस आते हैं। अधिवक्ता राजीव बत्रा का कहना है कि अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट से एक और स्पेशल कोर्ट स्थापित करने की मांग की है।
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सत्र न्यायालय में 14 हजार केस : सत्र न्यायालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित आठ न्यायाधीश हैं। इन न्यायाधीशों को 14092 केस लंबित हैं। निचली अदालतों में 6 न्यायाधीश नियुक्ति है और इनके पास सुनवाई के लिए 21311 केस पेंडिंग हैं।
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बाद एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष अधिवक्ता लक्की दुग्गल ने बताया कि समय पर केसों का निपटारा न होने से पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी होती है। इसलिए केसों की संख्या के अनुसार जिला में न्यायालयों की नियुक्ति की जाए। जितने ज्यादा न्यायालय होंगे, उतना जल्द ही लोगों को न्याय मिलेगा। बता दें कि जिला में सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद व रानियां में न्यायालय स्थापित हैं। सिरसा में 14, डबवाली में 2, ऐलनाबाद में 2 व रानियां में एक न्यायाधीश नियुक्त है। उक्त सभी न्यायालयों में 49 हजार 768 केस लंबित हैं। इसमें 35,064 क्रिमिनल व 14,705 सिविल केस शामिल हैं।
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एक और स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट स्थापित करने की मांग : सत्र न्यायालय में सबसे ज्यादा केस स्पेशल एनडीपीएस फास्ट ट्रैक कोर्ट में लंबित हैं। इस कोर्ट में तीन हजार 627 से अधिक केस लंबित हैं। ऐसे में केसों का फटाफट निपटारा नहीं हो रहा है। इस कोर्ट में हर माह मादक पदार्थ अधिनियम के 70 से 90 केस आते हैं। अधिवक्ता राजीव बत्रा का कहना है कि अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट से एक और स्पेशल कोर्ट स्थापित करने की मांग की है।
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सत्र न्यायालय में 14 हजार केस : सत्र न्यायालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित आठ न्यायाधीश हैं। इन न्यायाधीशों को 14092 केस लंबित हैं। निचली अदालतों में 6 न्यायाधीश नियुक्ति है और इनके पास सुनवाई के लिए 21311 केस पेंडिंग हैं।