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ऑनलाइन कवि सम्मेलन : काव्य मंच 'मैं और वो' दे रहे नए कवियों को बढ़ावा, कोरोना में भी दर्शकों का कर रहा मनोरंजन
Tue, 18 May 2021 07:48 PM IST
सुशील कुमार कुमार
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Tue, 18 May 2021 07:48 PM IST
सार
दर्शकों के प्यार से 'मैं और वो' आज एक जाना माना काव्य मंच बन गया है। इसके माध्यम से नए कवियों को मौका दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान याक्षी यश ने मिले पुरस्कारों को लेकर कहा कि इन्हें मैं अपने श्रोताओं को समर्पण करती हूं।
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कवयित्री याक्षी यश।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नोएडा में रविवार को ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कवयित्री याक्षी यश(Yakshi Yash) की कविता ने डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों को प्रोत्साहित और मनोरंजन किया। दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई शहरों के कवियों को एक नया मंच देने वाला काव्य मंच 'मैं और वो' कोरोना काल में भी लोगों का मनोरंजन कर रहा है।
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दर्शकों के प्यार से 'मैं और वो' आज एक जाना माना काव्य मंच बन गया है। इसके माध्यम से नए कवियों को मौका दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान याक्षी यश ने मिले पुरस्कारों को लेकर कहा कि इन्हें मैं अपने श्रोताओं को समर्पण करती हूं। उन्होंने उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं उत्तराखंड सरकार का भी आभर व्यक्त किया। राष्ट्रीय कविता चयन समिति के समस्त जजों का भी शुक्रिया अदा किया।
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याक्षी यश मूल रूप से रुड़की की रहने वाली हैं, जो उत्तरांचल का नाम रोशन कर रही हैं। याक्षी यश के करियर की शुरुआत स्कूल प्रोग्राम से हुई, जहां उन्होंने अपने दिल में छिपे हुआ डर को बाहर निकाला और स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अपनी कविता सुनाई।
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याक्षी यश का कहना है कि वह ग्यारह वर्ष की आयु में छोटी-छोटी कविताएं लिखा करती थीं। इसके बाद वे हॉस्टल में पढ़ने चली गई। अपनी लिखी नज्म व कविताओं को अपने दोस्तों एव गुरुजनों को पढ़कर सुनाया। बारहवीं कक्षा में ही उन्होंने नज्म की दो किताबें लिखीं, आरजू तेरी है प्रथम, आरजू तेरी है द्वितीय।