{"_id":"62684d32839255755d4c5b3e","slug":"olympic-city-will-be-developed-near-the-airport-like-new-york-s-central-park-noida-news-noi6451816107","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यूयार्क के सेंट्रल पार्क की तरह एयरपोर्ट के पास विकसित होगी ओलंपिक सिटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यूयार्क के सेंट्रल पार्क की तरह एयरपोर्ट के पास विकसित होगी ओलंपिक सिटी
विज्ञापन
नोएडा। मास्टर प्लान-2041 के तहत नोएडा एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र को यमुना प्राधिकरण एरोट्रोपोलिस सिटी के रूप में विकसित करने की योजना बना रहा है। इसे न्यूयार्क के प्रसिद्ध सेंट्रल पार्क की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मंगलवार को 500 हेक्टेयर में ओलंपिक सिटी और ओलंपिक विलेज बनाने को मंजूरी दी गई है। इसमें बैडमिंटन, मुक्केबाजी, कुश्ती-कबड्डी व क्रिकेट स्टेडियम आदि बनेंगे। बड़ी दर्शक दीर्घा के साथ इसे बनाया जाएगा। साथ ही, 52 हेक्टेयर जमीन पर 4500 लोगों के रहने के लिए घर बनेंगे। यहां पर ओलंपिक का आयोजन भी हो सकेगा। इसमें 25 से 130 मीटर चौड़ी सड़कें होंगी।
एरोट्रोपोलिस सिटी प्रोजेक्ट को अभी मार्स कंपनी ने प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया है। अधिकारी इसके सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं। एयरपोर्ट के 10 किमी के दायरे में एरोट्रोपोलिस सिटी विकसित होगी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में पालम एयरपोर्ट के पास एरोसिटी बसाई गई है, लेकिन एरोट्रोपोलिस सिटी को महानगर के रूप में बसाया जाएगा। इसमें ओलंपिक पार्क, ओलंपिक विलेज, गोल्फ कोर्स, सेंट्रल बिजनेस सेंटर, वेयर हाउस, लॉजिस्टिक हब आदि गतिविधियों के लिए भी जगह चिह्नित की गई है। इसे यूरोपीय देशों की तर्ज पर स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करते हुए नीचे दुकानें और ऊपर घर भी बनाए जा सकेंगे। इसके लिए करीब 500 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। इसे मास्टर प्लान-2041 के तहत किया जाएगा।
मास्टर प्लान में हरित क्षेत्र को 5 फीसदी रखा गया है। नए मास्टर प्लान में ग्रीन बफर जोन यमुना नदी, नहर, पोखर, झील, वेटलैंड और वन विभाग के क्षेत्र को जोड़कर विकसित किया जाएगा। इस हरित क्षेत्र को पिकनिक स्पॉट के रूप में भी विकसित किया जाएगा। इसके अलावा यह पूरी तरह प्रदूषण रहित क्षेत्र होगा। विशेषज्ञ कंपनी मार्स की ओर से अपना मॉडल प्रस्तुत किया गया था और इसके सभी पहलुओं पर विचार करने के लिए एक सलाहकार कंपनी को नियुक्त किया जाएगा। अभी मास्टर प्लान-2041 का खाका तैयार किया गया है और इस पर शुरुआती चर्चा हुई है। आगामी समय में इस पर गंभीर रूप से चर्चा होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एरोट्रोपोलिस सिटी प्रोजेक्ट को अभी मार्स कंपनी ने प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया है। अधिकारी इसके सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं। एयरपोर्ट के 10 किमी के दायरे में एरोट्रोपोलिस सिटी विकसित होगी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि दिल्ली में पालम एयरपोर्ट के पास एरोसिटी बसाई गई है, लेकिन एरोट्रोपोलिस सिटी को महानगर के रूप में बसाया जाएगा। इसमें ओलंपिक पार्क, ओलंपिक विलेज, गोल्फ कोर्स, सेंट्रल बिजनेस सेंटर, वेयर हाउस, लॉजिस्टिक हब आदि गतिविधियों के लिए भी जगह चिह्नित की गई है। इसे यूरोपीय देशों की तर्ज पर स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करते हुए नीचे दुकानें और ऊपर घर भी बनाए जा सकेंगे। इसके लिए करीब 500 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। इसे मास्टर प्लान-2041 के तहत किया जाएगा।
विज्ञापन
मास्टर प्लान में हरित क्षेत्र को 5 फीसदी रखा गया है। नए मास्टर प्लान में ग्रीन बफर जोन यमुना नदी, नहर, पोखर, झील, वेटलैंड और वन विभाग के क्षेत्र को जोड़कर विकसित किया जाएगा। इस हरित क्षेत्र को पिकनिक स्पॉट के रूप में भी विकसित किया जाएगा। इसके अलावा यह पूरी तरह प्रदूषण रहित क्षेत्र होगा। विशेषज्ञ कंपनी मार्स की ओर से अपना मॉडल प्रस्तुत किया गया था और इसके सभी पहलुओं पर विचार करने के लिए एक सलाहकार कंपनी को नियुक्त किया जाएगा। अभी मास्टर प्लान-2041 का खाका तैयार किया गया है और इस पर शुरुआती चर्चा हुई है। आगामी समय में इस पर गंभीर रूप से चर्चा होगी।
विज्ञापन