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Noida News: स्कूलों से बच्चों की दूरी पर बजेगी अधिकारियों की घंटी
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- 60 से 65% उपस्थिति ने बढ़ाई चिंता, जेवर में सबसे कम उपस्थिति, दनकौर ब्लॉक की स्थिति भी चिंताजनक
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले के विद्यालयों में फिलहाल 60 से 65 प्रतिशत विद्यार्थी ही पढ़ने पहुंच रहे हैं। सबसे खराब स्थिति जेवर ब्लॉक की है, जबकि दनकौर में भी उपस्थिति बढ़ाने की जरूरत है। अब लगातार गैरहाजिर रहने वाले बच्चों के अभिभावकों को अधिकारी फोन कर स्कूल नहीं आने की वजह पूछेंगे। साथ ही गांव-गांव जाकर अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा।
इस अभियान में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) और एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) शामिल होंगे। विभाग की ओर से लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद उनके अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों की गैरहाजिरी के कारणों की जानकारी ली जाएगी। अभिभावकों को बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अनुपस्थिति के कारणों की पड़ताल भी की जाएगी।
गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान :
विभाग का उद्देश्य नियमित निगरानी और अभिभावकों से सीधे संवाद के जरिए विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाना है। अधिकारियों का मानना है कि बच्चों की लगातार गैरहाजिरी का असर उनकी पढ़ाई पर पड़ता है। ऐसे में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाकर विद्यार्थियों को नियमित विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि विकसित करना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। अधिकारियों को लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार होगा और उनकी पढ़ाई में निरंतरता आएगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति ने शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले के विद्यालयों में फिलहाल 60 से 65 प्रतिशत विद्यार्थी ही पढ़ने पहुंच रहे हैं। सबसे खराब स्थिति जेवर ब्लॉक की है, जबकि दनकौर में भी उपस्थिति बढ़ाने की जरूरत है। अब लगातार गैरहाजिर रहने वाले बच्चों के अभिभावकों को अधिकारी फोन कर स्कूल नहीं आने की वजह पूछेंगे। साथ ही गांव-गांव जाकर अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा।
इस अभियान में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) और एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) शामिल होंगे। विभाग की ओर से लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद उनके अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों की गैरहाजिरी के कारणों की जानकारी ली जाएगी। अभिभावकों को बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अनुपस्थिति के कारणों की पड़ताल भी की जाएगी।
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गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान :
विभाग का उद्देश्य नियमित निगरानी और अभिभावकों से सीधे संवाद के जरिए विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाना है। अधिकारियों का मानना है कि बच्चों की लगातार गैरहाजिरी का असर उनकी पढ़ाई पर पड़ता है। ऐसे में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाकर विद्यार्थियों को नियमित विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि विकसित करना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। अधिकारियों को लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार होगा और उनकी पढ़ाई में निरंतरता आएगी।