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नकली दवा और रेमडेसिविर बेचने वाले आरोपियों पर लगेगा एनएसए
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नोएडा। महामारी के दौरान नकली दवा और रेमडेसिविर बेचने वाले रचित घई पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की कार्रवाई पुलिस ने कर दी है। अब गिरोह के 7 अन्य आरोपियों पर भी अगले सप्ताह रासुका लगाया जाएगा। इसके अलावा आला अधिकारियों ने महामारी के दौरान कालाबाजारी और नकली दवा बेचने वालों की जानकारी मांगी है। जिससे इन पर भी रासुका की कार्रवाई के लिए निर्णय लिया जा सके।
अपर आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार ने बताया कि पिछले दिनों रेमडेसिविर की 106 वॉयल रचित घई से बरामद हुई थीं। जांच में सभी नकली निकलीं। महामारी में लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले रचित घई पर रासुका की कार्रवाई की जा चुकी है। सेक्टर-58 कोतवाली पुलिस से गिरोह के अन्य आरोपियों की भी जानकारी मांगी गई है, ताकि उन पर भी रासुका लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान नकली दवा बेचने और कालाबाजारी करने वाले मामलों की रिपोर्ट थानावार मांगी गई है। जिससे अन्य आरोपियों पर भी निर्णय लिया जा सके । उन्होंने कहा कि जो लोग अपने लाभ के लिए दूसरे के जीवन से खिलवाड़ करे, ऐसे व्यक्ति को दया का पात्र नहीं माना जा सकता है। ऐसे आरोपियों पर रासुका लगाया जाएगा।
शूटिंग रेंज के कोविड केयर सेंटर को प्राधिकरण ने किया बंद
सेक्टर-21ए स्थित स्टेडियम के शूटिंग रेंज में निर्मित अस्थायी कोविड केयर सेंटर को प्राधिकरण ने बंद कर दिया है। अब यहां नए मरीजों के भर्ती नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को अंतिम मरीज को भी डिस्चार्ज कर दिया गया। बीते एक सप्ताह से यहां कोई नया मरीज आया भी नहीं था। भविष्य में जरूरत के हिसाब से अस्पताल को उपयोग में लाया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि कोविड केयर सेंटर से सभी मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। लिहाजा अस्पताल में शुरू की गई सेवाओं को बंद कर दिया गया है। भविष्य में जरूरत के हिसाब से सेंटर का इस्तेमाल किया जाएगा।
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उनका कहना है कि तीसरी लहर की आशंका है। ऐसे में इस सेटअप को यहां से हटाया नहीं जाएगा। जब लगेगा कि इसकी जरूरत नहीं है तो यहां के संसाधनों को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। कोरोना की दूसरी लहर में प्राधिकरण ने 50 ऑक्सीजन बेड के साथ कोविड केयर सेंटर को किया था। यहां ऑक्सीजन प्लांट की भी स्थापना की गई थी, ताकि मरीजों की जान बचाई जा सके। बीते एक सप्ताह से ज्यादा समय से यहां नया मरीज आया है। कई दूसरे अस्पतालों में भी ऑक्सीजन बेड सहित आईसीयू बेड आदि खाली हो चुके हैं। ऐसे में अब इस सेंटर की जरूरत महसूस नहीं की जा रही है। यहां पहले भी गंभीर मरीजों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं थी।
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अपर आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार ने बताया कि पिछले दिनों रेमडेसिविर की 106 वॉयल रचित घई से बरामद हुई थीं। जांच में सभी नकली निकलीं। महामारी में लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले रचित घई पर रासुका की कार्रवाई की जा चुकी है। सेक्टर-58 कोतवाली पुलिस से गिरोह के अन्य आरोपियों की भी जानकारी मांगी गई है, ताकि उन पर भी रासुका लगाया जा सके। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान नकली दवा बेचने और कालाबाजारी करने वाले मामलों की रिपोर्ट थानावार मांगी गई है। जिससे अन्य आरोपियों पर भी निर्णय लिया जा सके । उन्होंने कहा कि जो लोग अपने लाभ के लिए दूसरे के जीवन से खिलवाड़ करे, ऐसे व्यक्ति को दया का पात्र नहीं माना जा सकता है। ऐसे आरोपियों पर रासुका लगाया जाएगा।
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शूटिंग रेंज के कोविड केयर सेंटर को प्राधिकरण ने किया बंद
सेक्टर-21ए स्थित स्टेडियम के शूटिंग रेंज में निर्मित अस्थायी कोविड केयर सेंटर को प्राधिकरण ने बंद कर दिया है। अब यहां नए मरीजों के भर्ती नहीं किया जाएगा। शुक्रवार को अंतिम मरीज को भी डिस्चार्ज कर दिया गया। बीते एक सप्ताह से यहां कोई नया मरीज आया भी नहीं था। भविष्य में जरूरत के हिसाब से अस्पताल को उपयोग में लाया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि कोविड केयर सेंटर से सभी मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। लिहाजा अस्पताल में शुरू की गई सेवाओं को बंद कर दिया गया है। भविष्य में जरूरत के हिसाब से सेंटर का इस्तेमाल किया जाएगा।
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उनका कहना है कि तीसरी लहर की आशंका है। ऐसे में इस सेटअप को यहां से हटाया नहीं जाएगा। जब लगेगा कि इसकी जरूरत नहीं है तो यहां के संसाधनों को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा। कोरोना की दूसरी लहर में प्राधिकरण ने 50 ऑक्सीजन बेड के साथ कोविड केयर सेंटर को किया था। यहां ऑक्सीजन प्लांट की भी स्थापना की गई थी, ताकि मरीजों की जान बचाई जा सके। बीते एक सप्ताह से ज्यादा समय से यहां नया मरीज आया है। कई दूसरे अस्पतालों में भी ऑक्सीजन बेड सहित आईसीयू बेड आदि खाली हो चुके हैं। ऐसे में अब इस सेंटर की जरूरत महसूस नहीं की जा रही है। यहां पहले भी गंभीर मरीजों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं थी।