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ग्रेनो वेस्ट मेट्रो पर सफर करने के लिए अभी करें इंतजार
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नोएडा ( सुशील पांडेय)। एक्वा लाइन के नोएडा सेक्टर-51 स्टेशन से ग्रेेनो के सेक्टर-2 तक प्रस्तावित ग्रेनो वेस्ट मेट्रो पर सफर करने के लिए करीब दस लाख लोगों को अभी इंतजार करना होगा। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की मंजूरी में देरी होने से चौथी बार निकला टेंडर निरस्त कर दिया गया है। टेंडर अब तभी निकलेगा जब इसकी डीपीआर को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलेगी। इसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।
नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) की ओर से ग्रेनो वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण की कवायद की जा रही है। इसके लिए तीन बार टेंडर निकाला जा चुका था। चौथी बार के टेंडर में तीन एजेंसियों के आने के बाद यह उम्मीद बंधी थी कि एजेंसी का चयन हो जाएगा। इसके बाद डीपीआर की मंजूरी के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। मंजूरी में देरी की वजह से टेंडर निरस्त कर दिया गया। अब यह निर्णय लिया गया है कि डीपीआर मंजूरी के बाद ही टेंडर निकाला जाएगा। डीपीआर की मंजूरी और टेंडर निकालने के बाद दो माह का समय लगेगा। इसके बाद भी काफी लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। ऐसे में निर्माण कार्य में देरी होगी।
अभी पीआईबी के सामने होगा प्रस्तुतिकरण
अभी ग्रेनो वेस्ट मेट्रो की डीपीआर का प्रस्तुतिकरण पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) के सामने होगा। इसमें कैबिनेट के सभी सदस्य होंगे। इसके बाद भारत सरकार के साथ बैठक होगी। फिर कैबिनेट नोट बनेगा, तब वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलेगी। आखिर में पीएमओ से मंजूरी के बाद हरी झंडी मिलेगी।
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एनपीजी से मिली हरी झंडी
नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की बैठक में प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। इसमें देश की ऐसी प्रत्येक परियोजनाओं पर मंथन होता है, जो 500 करोड़ से अधिक की होती हैं। बैठक में यह देखा जाता है कि इस परियोजना के शुरू करने पर किसी अन्य विभाग की दूसरी परियोजनाओं को कोई हानि तो नहीं हो रही है। इसमें सभी बिंदुओं को बड़े ही ध्यान से देखा जाता है। किसी प्रकार की चूक की गुंजाइश नहीं होने पर मंजूरी मिलती है।
ग्रेनो सेक्टर-2 तक पहले चरण का शुरू होगा काम
कॉरिडोर पर ग्रेनो वेस्ट की ओर जाने के लिए सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो ट्रैक और स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है। इसका काम दो चरणों में होगा। पहले चरण में सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 तक कॉरिडोर का निर्माण होगा, जिसमें पांच स्टेशन होंगे। यह स्टेशन नोएडा सेक्टर-122, नोएडा सेक्टर-123, ग्र्रेटर नोएडा सेक्टर-4, ईकोटेक-12और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 होंगे। इस कॉरिडोर की लंबाई 9.605 किलोमीटर होगी।
चौथी बार के टेंडर में बढ़ा बजट
बढ़े हुए बजट के साथ एनएमआरसी ने एलिवेटेड वायाडक्ट और पांच एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण के लिए चौथी बार टेंडर निकाला था। इसमें निर्माण की अनुमानित लागत 563 करोड़ आंकी गई। इससे पहले 491.99 करोड़ रुपए आंकी गई थी। चौथी बार में तीन एजेंसियों ने टेंडर डाला था। पूरे कॉरिडोर का बजट 2456 करोड़ रुपये है।
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ग्रेनो वेस्ट मेट्रो की डीपीआर का प्रस्तुतिकरण होगा। इसकी मंजूरी होनी बाकी है। इसके बाद ही ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का काम शुरू हो पाएगा। - रितु माहेश्वरी, एमडी, एनएमआरसी
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नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) की ओर से ग्रेनो वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण की कवायद की जा रही है। इसके लिए तीन बार टेंडर निकाला जा चुका था। चौथी बार के टेंडर में तीन एजेंसियों के आने के बाद यह उम्मीद बंधी थी कि एजेंसी का चयन हो जाएगा। इसके बाद डीपीआर की मंजूरी के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। मंजूरी में देरी की वजह से टेंडर निरस्त कर दिया गया। अब यह निर्णय लिया गया है कि डीपीआर मंजूरी के बाद ही टेंडर निकाला जाएगा। डीपीआर की मंजूरी और टेंडर निकालने के बाद दो माह का समय लगेगा। इसके बाद भी काफी लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। ऐसे में निर्माण कार्य में देरी होगी।
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अभी पीआईबी के सामने होगा प्रस्तुतिकरण
अभी ग्रेनो वेस्ट मेट्रो की डीपीआर का प्रस्तुतिकरण पब्लिक इंवेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) के सामने होगा। इसमें कैबिनेट के सभी सदस्य होंगे। इसके बाद भारत सरकार के साथ बैठक होगी। फिर कैबिनेट नोट बनेगा, तब वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलेगी। आखिर में पीएमओ से मंजूरी के बाद हरी झंडी मिलेगी।
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एनपीजी से मिली हरी झंडी
नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) की बैठक में प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। इसमें देश की ऐसी प्रत्येक परियोजनाओं पर मंथन होता है, जो 500 करोड़ से अधिक की होती हैं। बैठक में यह देखा जाता है कि इस परियोजना के शुरू करने पर किसी अन्य विभाग की दूसरी परियोजनाओं को कोई हानि तो नहीं हो रही है। इसमें सभी बिंदुओं को बड़े ही ध्यान से देखा जाता है। किसी प्रकार की चूक की गुंजाइश नहीं होने पर मंजूरी मिलती है।
ग्रेनो सेक्टर-2 तक पहले चरण का शुरू होगा काम
कॉरिडोर पर ग्रेनो वेस्ट की ओर जाने के लिए सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो ट्रैक और स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है। इसका काम दो चरणों में होगा। पहले चरण में सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 तक कॉरिडोर का निर्माण होगा, जिसमें पांच स्टेशन होंगे। यह स्टेशन नोएडा सेक्टर-122, नोएडा सेक्टर-123, ग्र्रेटर नोएडा सेक्टर-4, ईकोटेक-12और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 होंगे। इस कॉरिडोर की लंबाई 9.605 किलोमीटर होगी।
चौथी बार के टेंडर में बढ़ा बजट
बढ़े हुए बजट के साथ एनएमआरसी ने एलिवेटेड वायाडक्ट और पांच एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण के लिए चौथी बार टेंडर निकाला था। इसमें निर्माण की अनुमानित लागत 563 करोड़ आंकी गई। इससे पहले 491.99 करोड़ रुपए आंकी गई थी। चौथी बार में तीन एजेंसियों ने टेंडर डाला था। पूरे कॉरिडोर का बजट 2456 करोड़ रुपये है।
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ग्रेनो वेस्ट मेट्रो की डीपीआर का प्रस्तुतिकरण होगा। इसकी मंजूरी होनी बाकी है। इसके बाद ही ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का काम शुरू हो पाएगा। - रितु माहेश्वरी, एमडी, एनएमआरसी