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Noida News: अब लेखक बनेंगे सीबीएसई स्कूलों के छात्र
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-उभरते लेखक प्रोग्राम के तहत छात्रों को लघु कथाएं व कहानियां लिखने का मिलेगा मंच
-बडिंग ऑथर प्रोग्राम के लिए 15 मई तक किया जा सकता है आवेदन
-विद्यार्थियों को वेबिनार के माध्यम से सिखाई जाएगी लेखन की तकनीक
-राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रविष्टियों को बोर्ड द्वारा ई प्रकाशित किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पांचवीं से दसवीं के छात्रों को लेखक बनाएगा। बोर्ड इसके लिए बडिंग ऑथर प्रोग्राम (उभरते लेखक प्रोग्राम) के तहत छात्रों को लघु कथाएं व कहानियां लिखने के लिए एक मंच भी प्रदान करेगा। लघु कथाएं लिखनेे और प्रस्तुत करने पर छात्रों को अपनी अभिव्यक्ति को व्यक्त करने का अवसर मिलेगा। प्रोग्राम के लिए आवेदन करने के बाद बोर्ड की ओर से छात्रों को लेखन की तकनीक वेबिनार के माध्यम से सिखाई जाएंगी। इस प्रोग्राम के तहत जमा की गई प्रविष्टियों में से राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रविष्टियों को सीबीएसई द्वारा ई प्रकाशित किया जाएगा।
इस प्रोग्राम के तहत बच्चों को हिंदी व अंग्रेजी में कहानियां लिखनी होगी। सीबीएसई की ओर से बच्चों में पढ़ाई की आदत को विकसित करने के लिए रीडिंग मिशन चलाया जा रहा है। इसी के तहत इस प्रोग्राम को शुरु किया गया है। बोर्ड ने इस संबंध में स्कूलों को जानकारी भेजी है। प्रोग्राम के तहत तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जिसमें पांचवीं से छठी कक्षा के छात्रों को 500-600 शब्दों में, सातवीं-आठवीं कक्षा के छात्रों को 600-900 शब्दों में, और नौवीं दसवीं के छात्रों को 1000-1500 शब्दों में कहानी लिखनी है। इस प्रोग्राम के लिए बोर्ड ने पांच अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है जो कि 15 मई तक चलेगी।
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01 से 30 जून तक आयोजित होंगी ऑनलाइन वर्कशॉप
इस प्रोग्राम के लिए पंजीकृत छात्रों में लिखने की तकनीक सिखाने के लिए एक जून से तीस जून तक ऑनलाइन वर्कशॉप (वेबिनार) आयोजित की जाएंगी। ऐसे में छात्र ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान अपनी कहानियों को तैयार करेंगे। एक जुलाई से 15 अगस्त तक छात्र अपनी कहानियों को जमा करा सकेंगे। बोर्ड ने सभी स्कूल प्रमुखों को कहा है कि वे अपने स्कूलों में रीडिंग मिशन को बढ़ावा देने के लिए इस अवसर का प्रयोग करें। इसके साथ ही छात्रों के बीच पढ़ने और लिखने के कौशल को बढ़ावा देने के लिए उभरते लेखक कार्यक्रम में छात्रों की अधिकतम भागीदारी को प्रोत्साहित करें।
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-बडिंग ऑथर प्रोग्राम के लिए 15 मई तक किया जा सकता है आवेदन
-विद्यार्थियों को वेबिनार के माध्यम से सिखाई जाएगी लेखन की तकनीक
-राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रविष्टियों को बोर्ड द्वारा ई प्रकाशित किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पांचवीं से दसवीं के छात्रों को लेखक बनाएगा। बोर्ड इसके लिए बडिंग ऑथर प्रोग्राम (उभरते लेखक प्रोग्राम) के तहत छात्रों को लघु कथाएं व कहानियां लिखने के लिए एक मंच भी प्रदान करेगा। लघु कथाएं लिखनेे और प्रस्तुत करने पर छात्रों को अपनी अभिव्यक्ति को व्यक्त करने का अवसर मिलेगा। प्रोग्राम के लिए आवेदन करने के बाद बोर्ड की ओर से छात्रों को लेखन की तकनीक वेबिनार के माध्यम से सिखाई जाएंगी। इस प्रोग्राम के तहत जमा की गई प्रविष्टियों में से राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रविष्टियों को सीबीएसई द्वारा ई प्रकाशित किया जाएगा।
इस प्रोग्राम के तहत बच्चों को हिंदी व अंग्रेजी में कहानियां लिखनी होगी। सीबीएसई की ओर से बच्चों में पढ़ाई की आदत को विकसित करने के लिए रीडिंग मिशन चलाया जा रहा है। इसी के तहत इस प्रोग्राम को शुरु किया गया है। बोर्ड ने इस संबंध में स्कूलों को जानकारी भेजी है। प्रोग्राम के तहत तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जिसमें पांचवीं से छठी कक्षा के छात्रों को 500-600 शब्दों में, सातवीं-आठवीं कक्षा के छात्रों को 600-900 शब्दों में, और नौवीं दसवीं के छात्रों को 1000-1500 शब्दों में कहानी लिखनी है। इस प्रोग्राम के लिए बोर्ड ने पांच अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है जो कि 15 मई तक चलेगी।
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01 से 30 जून तक आयोजित होंगी ऑनलाइन वर्कशॉप
इस प्रोग्राम के लिए पंजीकृत छात्रों में लिखने की तकनीक सिखाने के लिए एक जून से तीस जून तक ऑनलाइन वर्कशॉप (वेबिनार) आयोजित की जाएंगी। ऐसे में छात्र ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान अपनी कहानियों को तैयार करेंगे। एक जुलाई से 15 अगस्त तक छात्र अपनी कहानियों को जमा करा सकेंगे। बोर्ड ने सभी स्कूल प्रमुखों को कहा है कि वे अपने स्कूलों में रीडिंग मिशन को बढ़ावा देने के लिए इस अवसर का प्रयोग करें। इसके साथ ही छात्रों के बीच पढ़ने और लिखने के कौशल को बढ़ावा देने के लिए उभरते लेखक कार्यक्रम में छात्रों की अधिकतम भागीदारी को प्रोत्साहित करें।
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