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Noida News: अब 250 करोड़ तक पहुंचा ऑनलाइन लेनदेन, ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ा
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अब 250 करोड़ तक पहुंचा ऑनलाइन लेनदेन, ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ा
- इससे पहले की तिमाही में 200 करोड़ तक पहुंचा था आंकड़ा, मार्च में 50 करोड़ बढ़ा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ऑनलाइन लेनदेन अब बढ़कर 250 करोड़ तक पहुंच गया है। इससे पहले की तिमाही में यह आंकड़ा 200 करोड़ था जो कि मार्च माह में 50 करोड़ बढ़ा है। वहीं ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन लेनदेन करने वालों की संख्या में भी खासा इजाफा देखने को मिला है। लीड बैंक अधिकारियों के अनुसार सुविधाओं का विस्तार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन बढ़ने का एकमात्र कारण है। जिस तरह तेजी से सुविधाएं बढ़ रही हैं उसी तरह लोग ऑफलाइन लेनदेन को दरकिनार करते जा रहे हैं।
लीड बैंक की ओर से जारी की गई पिछली तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार जहां हर मिनट में छह हजार ट्रांजेक्शन हो रहे थे, वह संख्या अब बढ़कर 7600 पहुंच गई है। जल्द ही यह आंकड़ा 10 हजार को भी छू सकता है। अहम है कि ट्रांजेक्शन बढ़ने का कारण केवल बड़ी सेल ही नहीं है बल्कि आजकल हर छोटी बड़ी दुकानों पर भी ऑनलाइन पेमेंट करने का विकल्प उपलब्ध होना है। ऐसे में सभी वर्गों के लोग इसे ही इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो अब शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी डिजिटल लेनदेन बढ़ गया है। जहां पहले ग्रामीण इलाकों में केवल 50 से 70 करोड़ तक का लेनदेन ऑनलाइन हो रहा था। वहीं, इस तिमाही में यह आंकड़ा 110 करोड़ तक पहुंच गया है। अहम है कि जिले में 35 बैंकों की 600 शाखाओं में वर्तमान में 15 लाख खाताधारक हैं। इनमें से सभी प्रकार की ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने वाले लगभग 10 लाख लोग हैं। कोरोना काल के बाद से ही यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधाएं विस्तार पकड़ रही हैं। लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला बताते हैं कि डिजिटलीकरण के बढ़ते चलन को देखकर कई बैंकों ने अपने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा प्रदान करने के लिए इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग वेबसाइटें लॉन्च की। इंटरनेट बैंकिंग को सबसे आसान और सुविधाजनक माध्यम माना जाता है। इसलिए बैंकों ने इसे आसानी से लोगों तक पहुंचाने के लिए कई एप्लीकेशन भी बनाए हैं। इन एप्लीकेशंस से ही पूरे बैंक का काम घर बैठे ही हो जाता है। लाइनों से बचने के लिए लोग इसका इस्तेमाल अधिक कर रहे हैं।
दिन भर में एक करोड़ रुपये ट्रांजेक्शन
जहां पहले दिन भर में करीब 60 लाख ट्रांजेक्शन हो रही थी वहीं, आंकड़ा अब एक करोड़ को भी पार कर गया है। विदुर भल्ला बताते हैं कि लोग अब एक रुपये से एक लाख रुपये तक की ट्रांजेक्शन ऑनलाइन ही कर रहे हैं। इस वजह से ट्रांजेक्शन की संख्या बढ़ रही है। हो सकता है अगली तिमाही में यह संख्या और भी अधिक बढ़ जाए।
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नेट बैंकिंग और यूपीआई का प्रयोग अधिक
लोग नेट बैंकिंग व यूपीआई से सबसे अधिक डिजीटल पेमेंट कर रहे हैं। ज्यादातर एप्लीकेशंस पर इनसे पेमेंट की सुविधा होने की वजह से लोग सबसे अधिक इसी के जरिए पेमेंट कर रहे हैं। इसके अलावा सबसे अधिक पेमेंट ई कॉमर्स वेबसाइट्स पर की गई है।
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- इससे पहले की तिमाही में 200 करोड़ तक पहुंचा था आंकड़ा, मार्च में 50 करोड़ बढ़ा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ऑनलाइन लेनदेन अब बढ़कर 250 करोड़ तक पहुंच गया है। इससे पहले की तिमाही में यह आंकड़ा 200 करोड़ था जो कि मार्च माह में 50 करोड़ बढ़ा है। वहीं ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन लेनदेन करने वालों की संख्या में भी खासा इजाफा देखने को मिला है। लीड बैंक अधिकारियों के अनुसार सुविधाओं का विस्तार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन बढ़ने का एकमात्र कारण है। जिस तरह तेजी से सुविधाएं बढ़ रही हैं उसी तरह लोग ऑफलाइन लेनदेन को दरकिनार करते जा रहे हैं।
लीड बैंक की ओर से जारी की गई पिछली तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार जहां हर मिनट में छह हजार ट्रांजेक्शन हो रहे थे, वह संख्या अब बढ़कर 7600 पहुंच गई है। जल्द ही यह आंकड़ा 10 हजार को भी छू सकता है। अहम है कि ट्रांजेक्शन बढ़ने का कारण केवल बड़ी सेल ही नहीं है बल्कि आजकल हर छोटी बड़ी दुकानों पर भी ऑनलाइन पेमेंट करने का विकल्प उपलब्ध होना है। ऐसे में सभी वर्गों के लोग इसे ही इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो अब शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी डिजिटल लेनदेन बढ़ गया है। जहां पहले ग्रामीण इलाकों में केवल 50 से 70 करोड़ तक का लेनदेन ऑनलाइन हो रहा था। वहीं, इस तिमाही में यह आंकड़ा 110 करोड़ तक पहुंच गया है। अहम है कि जिले में 35 बैंकों की 600 शाखाओं में वर्तमान में 15 लाख खाताधारक हैं। इनमें से सभी प्रकार की ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने वाले लगभग 10 लाख लोग हैं। कोरोना काल के बाद से ही यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधाएं विस्तार पकड़ रही हैं। लीड बैंक मैनेजर विदुर भल्ला बताते हैं कि डिजिटलीकरण के बढ़ते चलन को देखकर कई बैंकों ने अपने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा प्रदान करने के लिए इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग वेबसाइटें लॉन्च की। इंटरनेट बैंकिंग को सबसे आसान और सुविधाजनक माध्यम माना जाता है। इसलिए बैंकों ने इसे आसानी से लोगों तक पहुंचाने के लिए कई एप्लीकेशन भी बनाए हैं। इन एप्लीकेशंस से ही पूरे बैंक का काम घर बैठे ही हो जाता है। लाइनों से बचने के लिए लोग इसका इस्तेमाल अधिक कर रहे हैं।
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दिन भर में एक करोड़ रुपये ट्रांजेक्शन
जहां पहले दिन भर में करीब 60 लाख ट्रांजेक्शन हो रही थी वहीं, आंकड़ा अब एक करोड़ को भी पार कर गया है। विदुर भल्ला बताते हैं कि लोग अब एक रुपये से एक लाख रुपये तक की ट्रांजेक्शन ऑनलाइन ही कर रहे हैं। इस वजह से ट्रांजेक्शन की संख्या बढ़ रही है। हो सकता है अगली तिमाही में यह संख्या और भी अधिक बढ़ जाए।
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नेट बैंकिंग और यूपीआई का प्रयोग अधिक
लोग नेट बैंकिंग व यूपीआई से सबसे अधिक डिजीटल पेमेंट कर रहे हैं। ज्यादातर एप्लीकेशंस पर इनसे पेमेंट की सुविधा होने की वजह से लोग सबसे अधिक इसी के जरिए पेमेंट कर रहे हैं। इसके अलावा सबसे अधिक पेमेंट ई कॉमर्स वेबसाइट्स पर की गई है।