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साढ़े चार लाख वर्गमीटर जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर प्राधिकरण निकालेगा स्कीम
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4.5 लाख वर्ग मीटर जमीन को छोटे-छोटे प्लॉट काटकर बेचेगा प्राधिकरण
नोएडा। सेक्टर-25 ए और 32 में नोएडा प्राधिकरण 4.5 लाख वर्ग मीटर में वाणिज्यिक जमीन को विकसित करने के लिए स्कीम निकालेगा। इस पूरे प्लॉट को प्राधिकरण छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर बेचेगा। इसे वेव बिल्डर से प्राधिकरण ने वापस लिया है। यहां मॉल, होटल, रेस्तरां और दुकानें बन सकेंगी। दरअसल, मार्च 2011 में वेव बिल्डर को 6,14,000 वर्ग मीटर जमीन का आवंटन किया गया था। विकसित न कर पाने की हालत में वेव ने प्रोजेक्ट सेटेलमेंट पॉलिसी के अंतर्गत 2016 में जमीन वापसी का प्रस्ताव रखा। हालांकि, उस दौरान तकनीकी वजहों से वापसी का काम नहीं हो पाया। फिर पीएसपी के तहत वेव ने 4.5 लाख वर्ग मीटर जमीन वापसी के लिए आवेदन किया। इसी जमीन को अब नोएडा प्राधिकरण ने वापस लिया है। वहीं, वेव की ओर से प्राधिकरण को सरेंडर डीड करना बाकी है।
छोटे प्लॉट बेचने में नहीं होगी परेेशानी
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि एक साथ 4.5 लाख वर्ग मीटर वाणिज्यिक जमीन को बेचना मौजूदा समय में आसान नहीं है। करीब 9 टुकड़े कर इसे बेचने की कोशिश की जाएगी। इस वजह से कई अन्य निवेशकों को भी मौका मिलेगा। साथ ही उनको एक साथ ज्यादा रकम नहीं लगानी पड़ेगी।
7000 करोड़ से ज्यादा का राजस्व मिलेगा
अगर प्राधिकरण इस जमीन को बेचने में सफल हो जाता है तो उसके पास 7000 करोड़ से भी ज्यादा का राजस्व आ जाएगा, जो कि अभी फंसा हुआ है। नोएडा प्राधिकरण इस जमीन को बेचने की भरसक कोशिश करेगा। यह जमीन नोएडा के केंद्र में है और इसे लेने के लिए निवेशक आकर्षित हो सकते हैं।
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नियोजन विभाग तैयार करेगा कार्य योजना
अब प्राधिकरण का नियोजन विभाग इस जमीन को बेचने के लिए कार्य योजना तैयार करेगा। इसके अंतर्गत विभाग बताएगा कि इस जमीन के कितने टुकड़े होंगे। ताकि, यह आसानी से बिक जाए। इसके अलावा फिर से एक नक्शा बनाया जाएगा।
पहले करना पड़ेगा विकसित
अधिकारियों का कहना है कि जमीन के टुकड़े कर बेचने लायक बनाने से पहले इसे विकसित करने का काम करना होगा। यानी अगर एक साथ कई निवेशकों को आकर्षित करना है तो इस पूरे प्लॉट को बांटने के बाद यहां सड़क, बिजली सहित अन्य संसाधनों का काम पूरा करना होगा। तभी यह बिक्री के लायक होगा।
2500 करोड़ बकाया, दिया नोटिस
प्राधिकरण ने वेव मेगा सिटी सेंटर प्राइवेट लिमिटेड को 2500 करोड़ रुपए से ज्यादा के बकाए की वसूली के लिए नोटिस दिया है। बताया गया है कि एक लाख वर्ग मीटर से ज्यादा की बची हुई जमीन के प्रीमियम और ब्याज की धनराशि को मिलाकर 2500 करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि देय है। लिहाजा इसे चुकाने के लिए बिल्डर को एक्शन लेना होगा। ऐसा नहीं होने पर प्राधिकरण ने प्लॉट को निरस्त कर जमा धनराशि जब्त करने की बात कही है। इसके अलावा वेव के पास 56,400 वर्ग मीटर के प्लॉट का एक और टुकड़ा है। इस पर भी प्राधिकरण का बकाया है। इसे भी चुकाने के लिए नोटिस दिया गया है।
जमीन वापस लेने की दी सूचना
नोएडा प्राधिकरण ने वेव बिल्डर को 4.5 लाख वर्ग मीटर जमीन अपनी सूची में शामिल करने को लेकर एक पत्र लिखा है। जिसमें बताया गया है कि बोर्ड से प्रस्ताव पास होने के बाद प्राधिकरण ने उस जमीन को अपनी उपलब्धता सूची में शामिल कर लिया है। अब इस पर प्राधिकरण अपने तरीके से कार्रवाई करेगा।
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नोएडा। सेक्टर-25 ए और 32 में नोएडा प्राधिकरण 4.5 लाख वर्ग मीटर में वाणिज्यिक जमीन को विकसित करने के लिए स्कीम निकालेगा। इस पूरे प्लॉट को प्राधिकरण छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर बेचेगा। इसे वेव बिल्डर से प्राधिकरण ने वापस लिया है। यहां मॉल, होटल, रेस्तरां और दुकानें बन सकेंगी। दरअसल, मार्च 2011 में वेव बिल्डर को 6,14,000 वर्ग मीटर जमीन का आवंटन किया गया था। विकसित न कर पाने की हालत में वेव ने प्रोजेक्ट सेटेलमेंट पॉलिसी के अंतर्गत 2016 में जमीन वापसी का प्रस्ताव रखा। हालांकि, उस दौरान तकनीकी वजहों से वापसी का काम नहीं हो पाया। फिर पीएसपी के तहत वेव ने 4.5 लाख वर्ग मीटर जमीन वापसी के लिए आवेदन किया। इसी जमीन को अब नोएडा प्राधिकरण ने वापस लिया है। वहीं, वेव की ओर से प्राधिकरण को सरेंडर डीड करना बाकी है।
छोटे प्लॉट बेचने में नहीं होगी परेेशानी
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि एक साथ 4.5 लाख वर्ग मीटर वाणिज्यिक जमीन को बेचना मौजूदा समय में आसान नहीं है। करीब 9 टुकड़े कर इसे बेचने की कोशिश की जाएगी। इस वजह से कई अन्य निवेशकों को भी मौका मिलेगा। साथ ही उनको एक साथ ज्यादा रकम नहीं लगानी पड़ेगी।
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7000 करोड़ से ज्यादा का राजस्व मिलेगा
अगर प्राधिकरण इस जमीन को बेचने में सफल हो जाता है तो उसके पास 7000 करोड़ से भी ज्यादा का राजस्व आ जाएगा, जो कि अभी फंसा हुआ है। नोएडा प्राधिकरण इस जमीन को बेचने की भरसक कोशिश करेगा। यह जमीन नोएडा के केंद्र में है और इसे लेने के लिए निवेशक आकर्षित हो सकते हैं।
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नियोजन विभाग तैयार करेगा कार्य योजना
अब प्राधिकरण का नियोजन विभाग इस जमीन को बेचने के लिए कार्य योजना तैयार करेगा। इसके अंतर्गत विभाग बताएगा कि इस जमीन के कितने टुकड़े होंगे। ताकि, यह आसानी से बिक जाए। इसके अलावा फिर से एक नक्शा बनाया जाएगा।
पहले करना पड़ेगा विकसित
अधिकारियों का कहना है कि जमीन के टुकड़े कर बेचने लायक बनाने से पहले इसे विकसित करने का काम करना होगा। यानी अगर एक साथ कई निवेशकों को आकर्षित करना है तो इस पूरे प्लॉट को बांटने के बाद यहां सड़क, बिजली सहित अन्य संसाधनों का काम पूरा करना होगा। तभी यह बिक्री के लायक होगा।
2500 करोड़ बकाया, दिया नोटिस
प्राधिकरण ने वेव मेगा सिटी सेंटर प्राइवेट लिमिटेड को 2500 करोड़ रुपए से ज्यादा के बकाए की वसूली के लिए नोटिस दिया है। बताया गया है कि एक लाख वर्ग मीटर से ज्यादा की बची हुई जमीन के प्रीमियम और ब्याज की धनराशि को मिलाकर 2500 करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि देय है। लिहाजा इसे चुकाने के लिए बिल्डर को एक्शन लेना होगा। ऐसा नहीं होने पर प्राधिकरण ने प्लॉट को निरस्त कर जमा धनराशि जब्त करने की बात कही है। इसके अलावा वेव के पास 56,400 वर्ग मीटर के प्लॉट का एक और टुकड़ा है। इस पर भी प्राधिकरण का बकाया है। इसे भी चुकाने के लिए नोटिस दिया गया है।
जमीन वापस लेने की दी सूचना
नोएडा प्राधिकरण ने वेव बिल्डर को 4.5 लाख वर्ग मीटर जमीन अपनी सूची में शामिल करने को लेकर एक पत्र लिखा है। जिसमें बताया गया है कि बोर्ड से प्रस्ताव पास होने के बाद प्राधिकरण ने उस जमीन को अपनी उपलब्धता सूची में शामिल कर लिया है। अब इस पर प्राधिकरण अपने तरीके से कार्रवाई करेगा।