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Noida News: अब एक ही जगह मिलेंगी इलाज की सारी सुविधाएं
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अब एक ही जगह मिलेंगी इलाज की सारी सुविधाएं
- जिला अस्पताल सेक्टर-39 की नई इमारत में हुआ शिफ्ट, मरीजों को दो जगह नहीं लगाने होंगे चक्कर
- सेक्टर-30 स्थित पुरानी इमारत में दो दिनों तक जारी रखी जाएगी इमरजेंसी सुविधा
नंबर
519 करोड़ रुपये की लागत से तैयार
8 मंजिला है इमारत
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए मरीज-तीमारदारों को धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिला संयुक्त अस्पताल सेक्टर-39 में बनी नई इमारत में शिफ्ट हो गया है। अब एक ही जगह इलाज की सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हालांकि, शनिवार तक आपातकालीन सुविधा को सेक्टर-30 स्थित अस्पताल की पुरानी इमारत में जारी रखा जाएगा, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
जिले की बीमार स्वास्थ्य सेवाओं की हालत सुधारने के लिए 519 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर-39 में आठ मंजिला इमारत साल 2020 में ही बनकर तैयार हो गई थी। कोविड महामारी की शुरू होने पर इस इमारत को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कोविड अस्पताल बना दिया गया था। इसकी वजह से अस्पताल को शिफ्ट नहीं किया जा सका। इस साल फरवरी में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने एक महीने के अंदर अस्पताल को शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री के आदेश के बाद आननफानन में कुछ विशेषज्ञ ओपीडी नई इमारत में शुरू कर दी गईं, लेकिन इससे मरीजों की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गईं। ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श के बाद पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड, सीटी-स्कैन, ऑपरेशन और भर्ती के लिए सेक्टर-30 के पुराने अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही थी। अस्पताल प्रशासन ने अब इस समस्या को दूर कर दिया है। अस्पताल के सभी विभाग, वार्ड और जांच सुविधाओं को नई इमारत में शिफ्ट कर दिया गया है।
अमर उजाला में खबर छपने पर जारी हुआ बजट
अमर उजाला ने 19 फरवरी के अंक में ‘निर्माण में 519 करोड़ खर्च, 11 करोड़ के चक्कर में अटका इलाज’ शीर्षक प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेते हुए शासन की तरफ से तत्काल बजट की पहली किस्त जारी की गई। इसके बाद फंड की अड़चन दूर होने लगी और शिफ्टिंग का काम शुरू हो पाया। दरअसल, अस्पताल के लिए अलग बिजली की लाइन का काम बजट के अभाव में रुका था।
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एमआरआई की सुविधा भी जल्द मिलेगी
सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में जल्द ही एमआरआई की सुविधा भी मिलने लगेगी। इसे सीटी-स्कैन की तर्ज पर निजी संस्था के सहयोग से शुरू करने की तैयारी है। सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को काफी राहत मिलेगी। डॉक्टर के पर्चे पर लिखवाकर मरीज निशुल्क एमआरआई करा सकेंगे।
ये सुविधाएं देने का प्रयास
- गैस्ट्रो सहित अन्य ओपीडी की सुविधा जो अभी नहीं हैं।
- ट्रामा सेंटर और आधुनिक मशीनों से युक्त आईसीयू।
- एमआरआई के साथ सभी हार्मोनल जांच की सुविधा।
- डायलिसिस के साथ कैंसर की ओपीडी भी शुरू होगी।
नई इमारत में कहां क्या सुविधा
भू-तल : पंजीकरण केंद्र, सभी विशेषज्ञ ओपीडी, एंटी रैबिज वैक्सीनेशन सेंटर और औषधी केंद्र।
पहला तल : आपातकालीन सेवाएं।
दूसरा तल : पैथोलॉजी जांच, रेडियोलॉजी विभाग के अलावा अन्य जांच की सुविधाएं।
तीसरा तल : स्त्री रोग विशेषज्ञ ओपीडी, लेबर रूम, सर्जरी रूम और जच्चा-बच्चा वार्ड।
चौथा तल : सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, नेत्र रोग, ईएनटी की आईपीडी के साथ 70 बेड की सुविधा।
पांचवां तल : सामान्य मेडिसिन वार्ड, सर्जिकल की आईपीडी के साथ 70 बेड की सुविधा।
छठा तल : कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन युक्त 70 बेड के आइसोलेशन वार्ड की सुविधा।
सातवां तल : प्रशासनिक विभाग।
आठवां तल : मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय।
सेक्टर-39 स्थित नई इमारत में अब सभी विभाग शुरू हो चुके हैं। सीटी-स्कैन और डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने वाली कंपनी से भी जल्द नई इमारत में शिफ्ट होने के लिए कहा गया है। कुछ नई सुविधाएं शुरू करने का भी प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. राजेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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- जिला अस्पताल सेक्टर-39 की नई इमारत में हुआ शिफ्ट, मरीजों को दो जगह नहीं लगाने होंगे चक्कर
- सेक्टर-30 स्थित पुरानी इमारत में दो दिनों तक जारी रखी जाएगी इमरजेंसी सुविधा
नंबर
519 करोड़ रुपये की लागत से तैयार
8 मंजिला है इमारत
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए मरीज-तीमारदारों को धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार जिला संयुक्त अस्पताल सेक्टर-39 में बनी नई इमारत में शिफ्ट हो गया है। अब एक ही जगह इलाज की सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हालांकि, शनिवार तक आपातकालीन सुविधा को सेक्टर-30 स्थित अस्पताल की पुरानी इमारत में जारी रखा जाएगा, ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
जिले की बीमार स्वास्थ्य सेवाओं की हालत सुधारने के लिए 519 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर-39 में आठ मंजिला इमारत साल 2020 में ही बनकर तैयार हो गई थी। कोविड महामारी की शुरू होने पर इस इमारत को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का कोविड अस्पताल बना दिया गया था। इसकी वजह से अस्पताल को शिफ्ट नहीं किया जा सका। इस साल फरवरी में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने एक महीने के अंदर अस्पताल को शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री के आदेश के बाद आननफानन में कुछ विशेषज्ञ ओपीडी नई इमारत में शुरू कर दी गईं, लेकिन इससे मरीजों की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गईं। ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श के बाद पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड, सीटी-स्कैन, ऑपरेशन और भर्ती के लिए सेक्टर-30 के पुराने अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही थी। अस्पताल प्रशासन ने अब इस समस्या को दूर कर दिया है। अस्पताल के सभी विभाग, वार्ड और जांच सुविधाओं को नई इमारत में शिफ्ट कर दिया गया है।
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अमर उजाला में खबर छपने पर जारी हुआ बजट
अमर उजाला ने 19 फरवरी के अंक में ‘निर्माण में 519 करोड़ खर्च, 11 करोड़ के चक्कर में अटका इलाज’ शीर्षक प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेते हुए शासन की तरफ से तत्काल बजट की पहली किस्त जारी की गई। इसके बाद फंड की अड़चन दूर होने लगी और शिफ्टिंग का काम शुरू हो पाया। दरअसल, अस्पताल के लिए अलग बिजली की लाइन का काम बजट के अभाव में रुका था।
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एमआरआई की सुविधा भी जल्द मिलेगी
सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में जल्द ही एमआरआई की सुविधा भी मिलने लगेगी। इसे सीटी-स्कैन की तर्ज पर निजी संस्था के सहयोग से शुरू करने की तैयारी है। सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को काफी राहत मिलेगी। डॉक्टर के पर्चे पर लिखवाकर मरीज निशुल्क एमआरआई करा सकेंगे।
ये सुविधाएं देने का प्रयास
- गैस्ट्रो सहित अन्य ओपीडी की सुविधा जो अभी नहीं हैं।
- ट्रामा सेंटर और आधुनिक मशीनों से युक्त आईसीयू।
- एमआरआई के साथ सभी हार्मोनल जांच की सुविधा।
- डायलिसिस के साथ कैंसर की ओपीडी भी शुरू होगी।
नई इमारत में कहां क्या सुविधा
भू-तल : पंजीकरण केंद्र, सभी विशेषज्ञ ओपीडी, एंटी रैबिज वैक्सीनेशन सेंटर और औषधी केंद्र।
पहला तल : आपातकालीन सेवाएं।
दूसरा तल : पैथोलॉजी जांच, रेडियोलॉजी विभाग के अलावा अन्य जांच की सुविधाएं।
तीसरा तल : स्त्री रोग विशेषज्ञ ओपीडी, लेबर रूम, सर्जरी रूम और जच्चा-बच्चा वार्ड।
चौथा तल : सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, नेत्र रोग, ईएनटी की आईपीडी के साथ 70 बेड की सुविधा।
पांचवां तल : सामान्य मेडिसिन वार्ड, सर्जिकल की आईपीडी के साथ 70 बेड की सुविधा।
छठा तल : कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन युक्त 70 बेड के आइसोलेशन वार्ड की सुविधा।
सातवां तल : प्रशासनिक विभाग।
आठवां तल : मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय।
सेक्टर-39 स्थित नई इमारत में अब सभी विभाग शुरू हो चुके हैं। सीटी-स्कैन और डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने वाली कंपनी से भी जल्द नई इमारत में शिफ्ट होने के लिए कहा गया है। कुछ नई सुविधाएं शुरू करने का भी प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. राजेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक