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स्वच्छ सर्वेक्षण में चमका नोएडा, दो पुरस्कार मिले
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दो पुरस्कार मिलने के बाद खुशी मनाते नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी। अमर उजाला
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नोएडा। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से स्वच्छ अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत शनिवार को स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 के परिणाम घोषित कर दिए गए। इसमें नोएडा को दो पुरस्कार मिले हैं। कूड़ा मुक्त शहर की श्रेणी में नोएडा को पांच स्टार रैंक मिली है। साथ ही, दस लाख से कम आबादी वाले शहरों में नोएडा को स्वच्छता के लिए क्लीनेस्ट सिटी अवार्ड से नवाजा गया है। इस श्रेणी में शहर को चौथा स्थान मिला है।
दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रवीण मिश्र, विशेष कार्याधिकारी इंदुप्रकाश सिंह, अविनाश त्रिपाठी और वरिष्ठ परियोजना अभियंता (जन स्वास्थ्य) एससी मिश्रा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हाथों दोनों पुरस्कार प्राप्त किए।
नोएडा सेक्टर-16ए स्थित फिल्म सिटी की भूमिगत पार्किंग स्थित कैफेटेरिया एवेन्यू में पत्रकारों से बात करते हुए रितु माहेश्वरी ने कहा कि पूरे नोएडा के लिए यह गर्व की बात है। यह सब विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं, फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा), नोएडा फेडरेशन एसोसिएशन (नोफा), इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, जनप्रतिनिधियों और नोएडा नागरिकों की वजह से ही संभव हुआ है। इन सभी के संयुक्त प्रयास से नोएडा को दो-दो पुरस्कार मिले हैं।
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ऊंची छलांग लगाई, 21 कदम आगे बढ़ा नोएडा
स्वच्छ सर्वेक्षण में नोएडा ने बीते चार के साल के दौरान ही अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। इन चार साल के दौरान नोएडा 324वें स्थान से चौथे पर पहुंच गया है। रितु माहेश्वरी ने बताया कि 2018 के स्वच्छ सर्वेक्षण में नोएडा 324वें नंबर पर आया था। 2019 में शहर को 250वां और 2020 में 25वां स्थान मिला था। बीते साल के मुकाबले इस बार 2021 में नोएडा 21 कदम आगे रहा और चौथा स्थान हासिल कर लिया।
राम वी. सुतार को बनाया ब्रांड एंबेसडर
प्राधिकरण ने नंबर वन की रैंक हासिल करने के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए देश के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार पद्मश्री और पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित राम वी. सुतार को नोएडा का स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है।
इस कारण मिला सम्मान
- नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी वॉल पेंटिंग कराकर नियमित गंदे होने वाले स्थानों को स्थायी रूप से सुंदर बनाया।
- शहर में 250 से अधिक कूड़ा स्थलों का सौंदर्यीकरण किया गया। साथ ही, खुले में कूड़ा डालने पर पूर्ण नियंत्रण किया गया।
- समाजसेवी संस्थाओं ने सभी सेक्टरों और गांवों में स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया।
- सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगाम के लिए लोगों को इससे होने वाले भविष्य के खतरों की जानकारी दी गई। विभिन्न सेक्टरों में थैला बैंकों की स्थापना की गई। विभिन्न सेक्टरों में लोगों की ओर से इस दिशा में सराहनीय कार्य करते हुए बर्तन बैंक की स्थापना भी की।
- सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में हिस्सा लेकर सीवर संबंधित कार्यों और सफाई कर्मियों की सुविधाओं को बेहतर किया गया।
- स्वच्छता एप, व्हाट्सएप नंबर, हेल्पलाइन, टोल फ्री नंबर और सफाईगिरी कार्यक्रम द्वारा जन शिकायतों का निर्धारित अवधि में समाधान किया गया।
- नोएडा क्षेत्र के छोटे-बड़े नालों की नियमित रूप से सफाई।
- शहर में 69 सामुदायिक शौचालय, 102 सार्वजनिक शौचालय, महिलाओं के लिए 16 पिंक शौचालय और 119 यूरिनल ब्लॉक्स का निर्माण कराया। शहर को खुले में शौच से पूर्ण मुक्त रखा गया।
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दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रवीण मिश्र, विशेष कार्याधिकारी इंदुप्रकाश सिंह, अविनाश त्रिपाठी और वरिष्ठ परियोजना अभियंता (जन स्वास्थ्य) एससी मिश्रा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हाथों दोनों पुरस्कार प्राप्त किए।
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नोएडा सेक्टर-16ए स्थित फिल्म सिटी की भूमिगत पार्किंग स्थित कैफेटेरिया एवेन्यू में पत्रकारों से बात करते हुए रितु माहेश्वरी ने कहा कि पूरे नोएडा के लिए यह गर्व की बात है। यह सब विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं, फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा), नोएडा फेडरेशन एसोसिएशन (नोफा), इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, जनप्रतिनिधियों और नोएडा नागरिकों की वजह से ही संभव हुआ है। इन सभी के संयुक्त प्रयास से नोएडा को दो-दो पुरस्कार मिले हैं।
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ऊंची छलांग लगाई, 21 कदम आगे बढ़ा नोएडा
स्वच्छ सर्वेक्षण में नोएडा ने बीते चार के साल के दौरान ही अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। इन चार साल के दौरान नोएडा 324वें स्थान से चौथे पर पहुंच गया है। रितु माहेश्वरी ने बताया कि 2018 के स्वच्छ सर्वेक्षण में नोएडा 324वें नंबर पर आया था। 2019 में शहर को 250वां और 2020 में 25वां स्थान मिला था। बीते साल के मुकाबले इस बार 2021 में नोएडा 21 कदम आगे रहा और चौथा स्थान हासिल कर लिया।
राम वी. सुतार को बनाया ब्रांड एंबेसडर
प्राधिकरण ने नंबर वन की रैंक हासिल करने के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए देश के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार पद्मश्री और पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित राम वी. सुतार को नोएडा का स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है।
इस कारण मिला सम्मान
- नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी वॉल पेंटिंग कराकर नियमित गंदे होने वाले स्थानों को स्थायी रूप से सुंदर बनाया।
- शहर में 250 से अधिक कूड़ा स्थलों का सौंदर्यीकरण किया गया। साथ ही, खुले में कूड़ा डालने पर पूर्ण नियंत्रण किया गया।
- समाजसेवी संस्थाओं ने सभी सेक्टरों और गांवों में स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया।
- सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगाम के लिए लोगों को इससे होने वाले भविष्य के खतरों की जानकारी दी गई। विभिन्न सेक्टरों में थैला बैंकों की स्थापना की गई। विभिन्न सेक्टरों में लोगों की ओर से इस दिशा में सराहनीय कार्य करते हुए बर्तन बैंक की स्थापना भी की।
- सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में हिस्सा लेकर सीवर संबंधित कार्यों और सफाई कर्मियों की सुविधाओं को बेहतर किया गया।
- स्वच्छता एप, व्हाट्सएप नंबर, हेल्पलाइन, टोल फ्री नंबर और सफाईगिरी कार्यक्रम द्वारा जन शिकायतों का निर्धारित अवधि में समाधान किया गया।
- नोएडा क्षेत्र के छोटे-बड़े नालों की नियमित रूप से सफाई।
- शहर में 69 सामुदायिक शौचालय, 102 सार्वजनिक शौचालय, महिलाओं के लिए 16 पिंक शौचालय और 119 यूरिनल ब्लॉक्स का निर्माण कराया। शहर को खुले में शौच से पूर्ण मुक्त रखा गया।