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Noida News: हाई प्रोफाइल मामलों में नोएडा पुलिस फिसड्डी साबित
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हाई प्रोफाइल मामलों में नोएडा पुलिस फिसड्डी साबित
- एल्विश यादव, रवि काना, विवेक बिंद्रा से लेकर कॉल सेंटर सरगना की नहीं हुई अब तक गिरफ्तारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बड़े व हाईप्रोफाइल मामलों में नोएडा कमिश्नरेट पुलिस अपनी कार्रवाई को अंजाम तक नहीं पहुंचा पा रही है। सांपो के जहर सप्लाई के मामले में आरोपी यूट्यूबर एल्विश यादव प्रकरण हो या पत्नी के साथ मारपीट करने का आरोपी मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा का मामला। स्क्रैप माफिया रवि काना हो या फर्जी कॉल सेंटर का सरगना साजिद। इनमें से किसी की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। इसके पीछे मामले का हाईप्रोफाइल होना या पुलिस की जांच में खामियां होने की बात कही जा रही है। मामला चाहे जो भी हो, पुलिस हाईप्रोफाइल मामले में फिसड्डी साबित हो रही है।
नोएडा-ग्रेनो से जुड़े हाईप्रोफाइल मामलों में सबसे पहले बड़े आरोपियों के पास वकीलों की फौज होती है। मजबूत लीगल टीम के आगे पुलिस एक तरह से बैकफुट पर आ जाती है। वहीं, कहीं न कहीं राजनीतिक दबाव भी इस तरह के मामलों में अहम रोल निभाता है। पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का कहना है कि पुलिस को किसी भी मामले में अपनी जांच में पुख्ता साक्ष्य संकलन करना चाहिए। अगर साक्ष्य नहीं होगा तो केस कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि हाईप्रोफाइल मामलों में भी पुलिस को तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। पुलिस अधिकारियों को स्वतंत्र तरीके से जांच करने से न्याय का रास्ता आसान होता है।
1. एल्विश यादव मामला: रेव पार्टी में सांपों के जहर सप्लाई करने के मामले में आरोपी एल्विश यादव समेत पांच संपेरों के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-49 में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने संपेरों को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन अब तक एल्विश यादव को गिरफ्तार नहीं कर पाई। एल्विश एक बार पुलिस के सामने वकीलों की फौज के साथ पेश हुआ था। उसके बाद पुलिस उससे पुलिस पूछताछ तक नहीं कर पाई।
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2. विवेक बिंद्रा मामला: मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-126 में पत्नी के साथ मारपीट करने का मुकदमा दर्ज है। इस मामले में पुलिस अब तक विवेक बिंद्रा को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि वह सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय है। विवेक पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी के साथ जमकर मारपीट की थी और इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में विवेक की मां से लेकर सोसाइटी के गार्डों से पूछताछ हुई थी।
3. स्क्रैप माफिया रवि काना: स्क्रैप माफिया व गैंगस्टर रवि काना के गिरोह पर कमिश्नरेट पुलिस ने शिकंजा तो कस दिया लेकिन अब तक वह पुलिस गिरफ्त से दूर है। रवि काना पर पहले कोतवाली सेक्टर-39 में गैंगरेप व बीटा टू में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज है। कमिश्नरेट पुलिस ने रवि काना की अवैध कमाई से अर्जित कई प्रॉपर्टी को सीज किया है। लेकिन रवि काना अब तक फरार है। रवि काना के फरारी व पुलिस से बचे रहने को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं।
4. कॉल सेंटर सरगना साजिद शाहिदी: अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का सरगना साजिद शाहिदी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पिछले सप्ताह पुलिस ने सेक्टर-59 में एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया था। यहां से पुलिस ने 25 लोगों को गिरफ्तार किया था लेकिन सरगना साजिद शाहिदी का अब तक कुछ पता नहीं चला। साजिद का भी अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन बताया जाता है।
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- एल्विश यादव, रवि काना, विवेक बिंद्रा से लेकर कॉल सेंटर सरगना की नहीं हुई अब तक गिरफ्तारी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बड़े व हाईप्रोफाइल मामलों में नोएडा कमिश्नरेट पुलिस अपनी कार्रवाई को अंजाम तक नहीं पहुंचा पा रही है। सांपो के जहर सप्लाई के मामले में आरोपी यूट्यूबर एल्विश यादव प्रकरण हो या पत्नी के साथ मारपीट करने का आरोपी मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा का मामला। स्क्रैप माफिया रवि काना हो या फर्जी कॉल सेंटर का सरगना साजिद। इनमें से किसी की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। इसके पीछे मामले का हाईप्रोफाइल होना या पुलिस की जांच में खामियां होने की बात कही जा रही है। मामला चाहे जो भी हो, पुलिस हाईप्रोफाइल मामले में फिसड्डी साबित हो रही है।
नोएडा-ग्रेनो से जुड़े हाईप्रोफाइल मामलों में सबसे पहले बड़े आरोपियों के पास वकीलों की फौज होती है। मजबूत लीगल टीम के आगे पुलिस एक तरह से बैकफुट पर आ जाती है। वहीं, कहीं न कहीं राजनीतिक दबाव भी इस तरह के मामलों में अहम रोल निभाता है। पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का कहना है कि पुलिस को किसी भी मामले में अपनी जांच में पुख्ता साक्ष्य संकलन करना चाहिए। अगर साक्ष्य नहीं होगा तो केस कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि हाईप्रोफाइल मामलों में भी पुलिस को तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। पुलिस अधिकारियों को स्वतंत्र तरीके से जांच करने से न्याय का रास्ता आसान होता है।
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1. एल्विश यादव मामला: रेव पार्टी में सांपों के जहर सप्लाई करने के मामले में आरोपी एल्विश यादव समेत पांच संपेरों के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-49 में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने संपेरों को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन अब तक एल्विश यादव को गिरफ्तार नहीं कर पाई। एल्विश एक बार पुलिस के सामने वकीलों की फौज के साथ पेश हुआ था। उसके बाद पुलिस उससे पुलिस पूछताछ तक नहीं कर पाई।
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2. विवेक बिंद्रा मामला: मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-126 में पत्नी के साथ मारपीट करने का मुकदमा दर्ज है। इस मामले में पुलिस अब तक विवेक बिंद्रा को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि वह सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय है। विवेक पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी के साथ जमकर मारपीट की थी और इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में विवेक की मां से लेकर सोसाइटी के गार्डों से पूछताछ हुई थी।
3. स्क्रैप माफिया रवि काना: स्क्रैप माफिया व गैंगस्टर रवि काना के गिरोह पर कमिश्नरेट पुलिस ने शिकंजा तो कस दिया लेकिन अब तक वह पुलिस गिरफ्त से दूर है। रवि काना पर पहले कोतवाली सेक्टर-39 में गैंगरेप व बीटा टू में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज है। कमिश्नरेट पुलिस ने रवि काना की अवैध कमाई से अर्जित कई प्रॉपर्टी को सीज किया है। लेकिन रवि काना अब तक फरार है। रवि काना के फरारी व पुलिस से बचे रहने को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं।
4. कॉल सेंटर सरगना साजिद शाहिदी: अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का सरगना साजिद शाहिदी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पिछले सप्ताह पुलिस ने सेक्टर-59 में एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया था। यहां से पुलिस ने 25 लोगों को गिरफ्तार किया था लेकिन सरगना साजिद शाहिदी का अब तक कुछ पता नहीं चला। साजिद का भी अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन बताया जाता है।