जागरूकता के अभाव में कोविड-19 एकमुश्त समाधान योजना ने तोड़ा दम, सिर्फ 900 ले पाए लाभ
- 12000 उद्योग और निजी संस्थान विद्युत निगम के हैं कर्जदार, सिर्फ 900 ले पाए लाभ
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नोएडा में जागरूकता के अभाव में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी कोविड-19 एकमुश्त समाधान योजना ने जिले में दम तोड़ दिया है। कोरोना काल में बिजली का बिल नहीं जमा कर पाने वाले उद्यमी व निजी संस्थान संचालकों के लिए दिसंबर मध्य में योजना शुरू की थी, लेकिन 2 महीने में 12000 कर्जदाराें में से महज 900 उपभोक्ता ही योजना का लाभ ले पाए हैं।
जनपद में कुल उपभोक्ताओं की संख्या 3.25 लाख से अधिक है। इनमें से करीब 35 हजार कनेक्शन वाणिज्यिक, औद्योगिक व निजी संस्थान से जुड़े हैं। कोरोना काल में व्यवसाय ठप होने के कारण हजाराें संस्थान बिल नहीं चुका पाए। इन संस्थानों का बिल लाखों-करोड़ों में होता है।
समय बिल जमा नहीं होने के कारण ब्याज और फिर चक्रवृद्धि ब्याज लगने से एक-एक उद्योग पर लाखों रुपये अतिरिक्त हो गए। विद्युत निगम के आंकड़ाें के मुताबिक, करीब 12000 बिजली उपभोक्ता कोरोना काल में समय से बिल जमा नहीं कर पाए।
इन पर काफी अधिक बकाया है। इनके लिए योजना लागू की गई थी। विभागीय अफसरों के मुताबिक, अब तक करीब 900 उपभोक्ता ही लाभ ले सके हैं। हालांकि, इसके पीछे अधिकारियों का तर्क है कि कुछ उपभोक्ता स्वयं बिल जमा करने पहुंच रहे हैं।
31 जनवरी को योजना का समापन
विद्युत निगम अफसरों के मुताबिक, 31 जनवरी को योजना का समापन हो जाएगा। ऐसे में संभावना कम है कि बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ता योजना का लाभ लेने के लिए पहुंच पाएंगे। कोविड-19 एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत वाणिज्यिक, निजी संस्थान, औद्योगिक बिजली कनेक्शन पर ब्याज माफ किया जाना है।
30 नवंबर तक के बकाया बिल पर उपभोक्ता को 100 फीसदी सरचार्ज की छूट मिलने की बात है। उपभोक्ता को 30 नवंबर तक के मूल बकाये का 30 प्रतिशत और इसके बाद के बिल का पूरा भुगतान करने के बाद योजना का लाभ मिलना था।
योजना के तहत व्यावसायिक संस्थानों के ब्याज माफी होनी है। कम संख्या में उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। हालांकि, कुछ उपभोक्ताओं ने सीधे बिल जमा कराया है। उपभोक्ताओं को इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है।- वीएन सिंह, चीफ इंजीनियर, विद्युत निगम