फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Noida-Greno air again bad after three days of relief

तीन दिन की राहत के बाद नोएडा-ग्रेनो की हवा फिर खराब

Wed, 24 Nov 2021 10:06 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 10:06 PM IST
विज्ञापन
Noida-Greno air again bad after three days of relief
नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ली गई तस्वीर में सुबह छाया स्मॉग।
ग्रेटर नोएडा। तीन दिन की राहत के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा फिर खराब हो गई है। बुधवार को दोनों शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) फिर रेड जोन में पहुंच गया है। नोएडा का एक्यूआई 320 और ग्रेनो का एक्यूआई 301 रहा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के अफसरों का कहना है कि अगर हवा बंद रही तो वायु प्रदूषण में इजाफा होगा और एक्यूआई डार्क रेड जोन में जा सकता है। दिवाली के बाद से एनसीआर में प्रदूषण काफी बढ़ गया था। सभी जगह एक्यूआई रेड और डार्क रेड जोन में पहुंच गया था। प्रदूषण कम करने के तमाम इंतजाम किए गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। रविवार से हवा चलना शुरू हुई, जो मंगलवार तक चली।
विज्ञापन

इसका असर प्रदूषण पर दिखा। लंबे समय बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई रेड जोन से बाहर आया। रविवार को ग्रेटर नोएडा और सोमवार को नोएडा का एक्यूआई रेड से ऑरेंज जोन में आ गया था। एक्यूआई के येलो जोन में पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन हवा की रफ्तार कम होने से ऐसा नहीं हो सका। बुधवार को दोनों शहर का वायु प्रदूषण रेड जोन में पहुंच गया है। हालांकि, दोनों शहर देश के सबसे प्रदूषित शहरों की टॉप 5 सूची से बाहर हैं। एनसीआर में दिल्ली, गाजियाबाद, फरीदाबाद के बाद नोएडा, गुरुग्राम की हवा खराब है। ग्रेटर नोएडा सबसे आखिर में है। यूपीपीसीबी के अफसरों का कहना है कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए लगातार निरीक्षण कर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन

चार साल में 1054 मामलों में 5.74 करोड़ का जुर्माना लगाया
प्रदूषण विभाग ने धूल एवं वायु प्रदूषण संबंधी करीब एक हजार शिकायतों पर पिछले 4 साल में 5.74 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जानकारी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के जवाब में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दी है। सभी शिकायतें सोशल मीडिया और समीर एप मिली थीं। शहर निवासी अमित गुप्ता की आरटीआई के जवाब में बताया गया कि 2017 से 2021 तक 1054 शिकायतें मिली हैं। इनमें अधिकतर पर जुर्माना लगाकर 5.74 करोड़ रुपये वसूले गए हैं। इस साल अब तक 106 शिकायतें मिल चुकी हैं। इन पर 70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। हालांकि ,कितना जुर्माना वसूला गया है, इसकी जानकारी अभी प्रदूषण विभाग को नहीं है। वसूली का काम प्रशासन और प्राधिकरण का होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

13 संस्थानों से 3.17 लाख वसूले
प्राधिकरण ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए 10 टीमों को अपने-अपने सर्किल में न सिर्फ पानी का छिड़काव बल्कि साफ-सफाई की जिम्मेदारी दे रखी है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। इसके तहत 13 संस्थानों पर 3.17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा 77 टैंकरों से 144 किमी क्षेत्र में पानी का छिड़काव कराया गया है। 67 मार्गों पर 243 किमी लंबाई में मेकैनिकल स्वीपिंग कराई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed