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एयरपोर्ट मेट्रो की फिजिबिलिटी पर एनएमआरसी की हरी झंडी का इंतजार
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एयरपोर्ट मेट्रो की फिजिबिलिटी पर एनएमआरसी की हरी झंडी का इंतजार
ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट मेट्रो की फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर एनएमआरसी से हरी झंडी का इंतजार है। शासन ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर विस्तृत अध्ययन के लिए एनएमआरसी के पास भेजा है।
दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट को कनेक्टिविटी देने के लिए मेट्रो से जोड़ा जाएगा। ग्रेनो के नॉलेज पार्क दो स्टेशन से एयरपोर्ट तक मेट्रो जाएगी। इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) से तैयार कराई गई है। भारत सरकार का नियम है कि जहां भी मेट्रो संचालित होगी, वहां इकोनॉमिक इंटरेस्ट रेट कम से कम 14 फीसदी होना जरूरी है, ताकि मेट्रो संचालन घाटे का सौदा साबित न हो। नोएडा एयरपोर्ट मेट्रो के लिए यह दर करीब चार फीसदी है, लेकिन एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के मद्देनजर मेट्रो परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। डीएमआरसी की तरफ से तैयार फिजिबिलिटी रिपोर्ट को लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन को भेजा गया था। सरकार ने प्रदेश में मेट्रो परियोजना के क्रियान्वयन के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन को अधिकृत कर रखा है। उसने इस रिपोर्ट को शासन को भेज दिया है। जहां से अब रिपोर्ट एनएमआरसी को भेजी गई है। एनएमआरसी इस रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन करने के साथ इस परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए फंडिंग का विकल्प भी सुझाएगी। बता दें कि एयरपोर्ट मेट्रो 2025 तक ट्रैक पर दौड़ाने की योजना है। इस परियोजना पर 5708 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क टू से एयरपोर्ट टर्मिनल तक मेट्रो के 25 स्टेशन होंगे। परी चौक से टर्मिनल तक ट्रैक की लंबाई 35.64 किमी लंबी होगी। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क दो से मेट्रो यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर ग्रीन बेल्ट पर एलिवेटेड होगी। जेवर के नंगला हुकुम सिंह स्टेशन से मेट्रो भूमिगत हो जाएगी। मेट्रो के 25 स्टेशन में से आठ ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में होंगे और शेष 17 स्टेशन यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में होंगे। दो स्टेशनों के बीच की दूरी एक किमी से लेकर 1.45 किमी होगी। एयरपोर्ट परिसर में करीब 2.7 किमी लंबा मेट्रो ट्रैक होगा।
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ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट मेट्रो की फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर एनएमआरसी से हरी झंडी का इंतजार है। शासन ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर विस्तृत अध्ययन के लिए एनएमआरसी के पास भेजा है।
दरअसल, नोएडा एयरपोर्ट को कनेक्टिविटी देने के लिए मेट्रो से जोड़ा जाएगा। ग्रेनो के नॉलेज पार्क दो स्टेशन से एयरपोर्ट तक मेट्रो जाएगी। इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) से तैयार कराई गई है। भारत सरकार का नियम है कि जहां भी मेट्रो संचालित होगी, वहां इकोनॉमिक इंटरेस्ट रेट कम से कम 14 फीसदी होना जरूरी है, ताकि मेट्रो संचालन घाटे का सौदा साबित न हो। नोएडा एयरपोर्ट मेट्रो के लिए यह दर करीब चार फीसदी है, लेकिन एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी के मद्देनजर मेट्रो परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। डीएमआरसी की तरफ से तैयार फिजिबिलिटी रिपोर्ट को लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन को भेजा गया था। सरकार ने प्रदेश में मेट्रो परियोजना के क्रियान्वयन के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन को अधिकृत कर रखा है। उसने इस रिपोर्ट को शासन को भेज दिया है। जहां से अब रिपोर्ट एनएमआरसी को भेजी गई है। एनएमआरसी इस रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन करने के साथ इस परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए फंडिंग का विकल्प भी सुझाएगी। बता दें कि एयरपोर्ट मेट्रो 2025 तक ट्रैक पर दौड़ाने की योजना है। इस परियोजना पर 5708 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क टू से एयरपोर्ट टर्मिनल तक मेट्रो के 25 स्टेशन होंगे। परी चौक से टर्मिनल तक ट्रैक की लंबाई 35.64 किमी लंबी होगी। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क दो से मेट्रो यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर ग्रीन बेल्ट पर एलिवेटेड होगी। जेवर के नंगला हुकुम सिंह स्टेशन से मेट्रो भूमिगत हो जाएगी। मेट्रो के 25 स्टेशन में से आठ ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में होंगे और शेष 17 स्टेशन यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में होंगे। दो स्टेशनों के बीच की दूरी एक किमी से लेकर 1.45 किमी होगी। एयरपोर्ट परिसर में करीब 2.7 किमी लंबा मेट्रो ट्रैक होगा।
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