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सड़क, मेट्रो, रैपिड रेल और हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे नोएडा एयरपोर्ट
Fri, 13 Dec 2019 05:40 AM IST
नोएडा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2019 05:40 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : ट्विटर
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नोएडा एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों को जेवर तक पहुंचाने का खाका तैयार हो गया है। सरकारी एजेंसी राइट्स ने नोएडा व दिल्ली एयरपोर्ट को आपस में जोड़ने के लिए चार तरह के विकल्प सुझाए हैं। नोएडा एयरपोर्ट से 2023 में उड़ान शुरू करने का लक्ष्य है। इसे देखते हुए नोएडा एयरपोर्ट से दिल्ली व एनसीआर की कनेक्टिविटी के लिए कोशिशें तेज हो गई हैं। इसका खाका तैयार करने का जिम्मा राइट्स को दिया गया था। संस्था ने इसकी रिपोर्ट यमुना प्राधिकरण को सौंप दी है।
रिपोर्ट में कनेक्टिविटी के लिए पहला विकल्प मेट्रो का है। इसमें बताया गया है कि एयरोसिटी से तुगलकाबाद तक एक्सप्रेस लाइन बन रही है। दिल्ली के तुगलकाबाद से नोएडा के सेक्टर-142 तक की दूरी करीब 15 किलोमीटर है। सेक्टर-142 से ग्रेनो के नॉलेज पार्क होते हुए जेवर तक मेट्रो बना देने से बेहतर कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। इस रूट की 68 किलोमीटर लंबाई होगी। इस रूट से 50 से 60 मिनट में सफर हो जाएगा।
दूसरा, विकल्प रैपिड रेल का है। दिल्ली के सराय काले खां से न्यू अशोक नगर होते हुए मेरठ तक रैपिड रेल पर काम शुरू हो चुका है। न्यू अशोक नगर से नोएडा एयरपोर्ट तक रैपिड रेल की भी सुविधा दी जा सकती है। इसकी लंबाई करीब 65 किलोमीटर होगा। यह कम समय में यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचा देगी।
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तीसरा, विकल्प दिल्ली एयरपोर्ट से नोएडा एयरपोर्ट के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की है। इससे भी यात्रियों को आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।
चौथा, विकल्प मार्गों को आपस में जोड़ने से संबंधित है। राइट्स के अनुसार खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे को बनाने से दिल्ली-पलवल एक्सप्रेसवे से और रेवाड़ी-पलवल एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को भी जोड़ने का सुझाव दिया गया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को डीएनडी से सोहना तक और बढ़ाने की योजना है। इस पर एनएचएआई काम कर रही है। इस एक्सप्रेसवे को भी एयरपोर्ट से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए बहादुरगढ़ बाईपास से जेवर तक सड़क बनाई जा सकती है।
सही मायने में अब आपस जुड़ेगा एनसीआर
नोएडा एयरपोर्ट से न सिर्फ देश व विदेश का हवाई सफर आसान हो जाएगा, बल्कि यहां तक पहुंचाने के लिए रेल व सड़क के जरिये जिस तरह से प्लान बन रहा है उससे एनसीआर में कनेक्टिविटी बहुत बेहतर हो जाएगी। बहुत कम समय में एनसीआर के किसी भी शहर में पहुंचा जा सकेगा। जानकार मानते हैं कि एयरपोर्ट के आने से एनसीआर के शहर सही मायने में आपस में जुड़ सकेंगे।
राइट्स ने नोएडा एयरपोर्ट से दिल्ली-एनसीआर को जोड़ने का प्लान सौंप दिया है। इस पर यमुना प्राधिकरण और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड से चर्चा करके प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। वहां से अनुमति लेकर इन विकल्पों पर काम शुरू होगा।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण
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रिपोर्ट में कनेक्टिविटी के लिए पहला विकल्प मेट्रो का है। इसमें बताया गया है कि एयरोसिटी से तुगलकाबाद तक एक्सप्रेस लाइन बन रही है। दिल्ली के तुगलकाबाद से नोएडा के सेक्टर-142 तक की दूरी करीब 15 किलोमीटर है। सेक्टर-142 से ग्रेनो के नॉलेज पार्क होते हुए जेवर तक मेट्रो बना देने से बेहतर कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। इस रूट की 68 किलोमीटर लंबाई होगी। इस रूट से 50 से 60 मिनट में सफर हो जाएगा।
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दूसरा, विकल्प रैपिड रेल का है। दिल्ली के सराय काले खां से न्यू अशोक नगर होते हुए मेरठ तक रैपिड रेल पर काम शुरू हो चुका है। न्यू अशोक नगर से नोएडा एयरपोर्ट तक रैपिड रेल की भी सुविधा दी जा सकती है। इसकी लंबाई करीब 65 किलोमीटर होगा। यह कम समय में यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचा देगी।
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तीसरा, विकल्प दिल्ली एयरपोर्ट से नोएडा एयरपोर्ट के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की है। इससे भी यात्रियों को आसानी से पहुंचाया जा सकेगा।
चौथा, विकल्प मार्गों को आपस में जोड़ने से संबंधित है। राइट्स के अनुसार खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे को बनाने से दिल्ली-पलवल एक्सप्रेसवे से और रेवाड़ी-पलवल एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को भी जोड़ने का सुझाव दिया गया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को डीएनडी से सोहना तक और बढ़ाने की योजना है। इस पर एनएचएआई काम कर रही है। इस एक्सप्रेसवे को भी एयरपोर्ट से जोड़ा जा सकता है। इसके लिए बहादुरगढ़ बाईपास से जेवर तक सड़क बनाई जा सकती है।
सही मायने में अब आपस जुड़ेगा एनसीआर
नोएडा एयरपोर्ट से न सिर्फ देश व विदेश का हवाई सफर आसान हो जाएगा, बल्कि यहां तक पहुंचाने के लिए रेल व सड़क के जरिये जिस तरह से प्लान बन रहा है उससे एनसीआर में कनेक्टिविटी बहुत बेहतर हो जाएगी। बहुत कम समय में एनसीआर के किसी भी शहर में पहुंचा जा सकेगा। जानकार मानते हैं कि एयरपोर्ट के आने से एनसीआर के शहर सही मायने में आपस में जुड़ सकेंगे।
राइट्स ने नोएडा एयरपोर्ट से दिल्ली-एनसीआर को जोड़ने का प्लान सौंप दिया है। इस पर यमुना प्राधिकरण और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड से चर्चा करके प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। वहां से अनुमति लेकर इन विकल्पों पर काम शुरू होगा।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण