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नोएडा एयरपोर्ट : ग्रामीणों ने सर्वे करने पहुंची टीम को लौटाया
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जेवर के नंगला हुकुम सिंह गांव में ग्रामीणों के साथ वार्ता करते अफसर।
- फोटो : Grnoida
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जेवर/रबूपुरा। नोएडा एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए अधिगृहीत की जाने वाली जमीन का सोशल इंपैक्ट एसेसमेंट सर्वे (एसआईए) चल रहा है। दूसरे चरण में जेवर के नगला हुकम सिंह गांव की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। सोमवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की टीम सर्वे के लिए दूसरी बार गांव पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने सर्वे कराने से मना कर दिया। इसके बाद टीम बिना सर्वे किए ही लौट गई। वहीं, ग्रामीणों ने गांव को विस्थापित नहीं किए जाने की शर्त मानने पर ही सर्वे में हिस्सा लेने की बात कही है।
एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए जेवर के रन्हेरा बीरमपुर, कुरैब, नगला जाहानू, नगला हुकम सिंह की 1339 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। वहीं, रन्हेरा, कुरैब, नगला जाहानू और नगला हुकम सिंह गांव को विस्थापित किया जाना है। पुनर्वास और विस्थापन नीति बनाने के लिए गांव में सर्वे किया जा रहा है। रन्हेरा, कुरैब, नगला जहानू गांव में सर्वे का लगभग 75 प्रतिशत काम निपटा लिया गया है। बता दें कि लगभग डेढ़ माह पूर्व भी नगला हुकम सिंह गांव में सर्वे के लिए टीम पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों ने गांव का विस्थापन नहीं किए जाने की मांग रखते हुए सर्वे से बहिष्कार कर दिया था।
सोमवार को अपर जिलाधिकारी बलराम सिंह, तहसीलदार जेवर विनय भदौरिया सर्वे टीम के साथ ग्रामीणों से मुलाकात करने के लिए गांव स्थित इंटर कॉलेज पहुंचे। जहां ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। किसानों ने कहा कि यदि प्रशासन गांव का विस्थापन नहीं करने का लिखित आश्वासन दे तो वह जमीन देने को तैयार हैं, अन्यथा सर्वे में हिस्सा नहीं लेंगे। वहीं, अधिकारियों ने कहा कि सर्वे में ग्रामीणों के आर्थिक व सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों की गणना की जाती है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि किसानों के साथ वार्ता हुई। किसानों के सवालों का जवाब दिया गया। किसानों को समझाया गया कि सर्वे फायदेमंद साबित होगा। सर्वे में जो घटना होती है, उन्हीं के आधार पर आगे नीतियां तैयार की जाती है।
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एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए जेवर के रन्हेरा बीरमपुर, कुरैब, नगला जाहानू, नगला हुकम सिंह की 1339 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। वहीं, रन्हेरा, कुरैब, नगला जाहानू और नगला हुकम सिंह गांव को विस्थापित किया जाना है। पुनर्वास और विस्थापन नीति बनाने के लिए गांव में सर्वे किया जा रहा है। रन्हेरा, कुरैब, नगला जहानू गांव में सर्वे का लगभग 75 प्रतिशत काम निपटा लिया गया है। बता दें कि लगभग डेढ़ माह पूर्व भी नगला हुकम सिंह गांव में सर्वे के लिए टीम पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों ने गांव का विस्थापन नहीं किए जाने की मांग रखते हुए सर्वे से बहिष्कार कर दिया था।
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सोमवार को अपर जिलाधिकारी बलराम सिंह, तहसीलदार जेवर विनय भदौरिया सर्वे टीम के साथ ग्रामीणों से मुलाकात करने के लिए गांव स्थित इंटर कॉलेज पहुंचे। जहां ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। किसानों ने कहा कि यदि प्रशासन गांव का विस्थापन नहीं करने का लिखित आश्वासन दे तो वह जमीन देने को तैयार हैं, अन्यथा सर्वे में हिस्सा नहीं लेंगे। वहीं, अधिकारियों ने कहा कि सर्वे में ग्रामीणों के आर्थिक व सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों की गणना की जाती है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि किसानों के साथ वार्ता हुई। किसानों के सवालों का जवाब दिया गया। किसानों को समझाया गया कि सर्वे फायदेमंद साबित होगा। सर्वे में जो घटना होती है, उन्हीं के आधार पर आगे नीतियां तैयार की जाती है।
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