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Noida Airport: नोएडा एयरपोर्ट पर पहली सफल लैंडिंग, हर निगाह बनी ऐतिहासिक क्षण की साक्षी; वाटर कैनन से दी सलामी
Mon, 09 Dec 2024 02:34 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 09 Dec 2024 02:34 PM IST
सार
नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर सोमवार को विमान की सफल लैंडिंग हुई। इस दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री मौजूद रहे। इससे पहले रनवे को वाटर कैनन से सलामी दी गई।
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विमान ने की पहली सफल लैंडिंग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नोएडा एयरपोर्ट के लिए सोमवार को बड़ा दिन रहा। नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर विमान की सफल लैंडिंग हुई। नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर सोमवार दोपहर 1.31 बजे पहली बार विमान ने सफल लैंडिंग कर इतिहास रच दिया। दिल्ली से उड़ान भरकर पहला व्यावसायिक 10 मिनट में नोएडा एयरपोर्ट के फ्लाइंग जोन में पहुंच गया था और उपकरणों सहित अन्य संसाधनों की जांच के लिए डेढ़ घंटे तक एयरपोर्ट के आसपास मंडराता रहा।
इस सफल लैंडिंग के साथ ही एयरपोर्ट के इतिहास में ढाई दशक की कवायद के बाद एक और सफलता जुड़ गई। फिलहाल, इस बड़ी उपलब्धि से पहले रनवे को वाटर कैनन से सलामी दी गई। इंडिगो के ए 320 विमान ने रनवे पर सफल लैंडिंग के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के साथ प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे के ट्रायल के लिए डीजीसीए से 15 दिसंबर तक की समयसीमा तय की गई है। पहले 30 नवंबर को ट्रायल रन की तारीख नियत की गई थी। मगर, डीजीसीए टीम के निरीक्षण के चलते यह आगे बढ़ गई। कैलिब्रेशन ट्रायल के बाद रनवे का ट्रायल 9 दिसंबर को हुआ।
अबतक एयरपोर्ट पर कैट-1 और कैट-3 उपकरण स्थापित हो चुके हैं, जो कोहरे में विमान की ऊंचाई और दृश्यता की जानकारी देते हैं। एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) को स्थापित किया जा चुका है, जिसकी एयरक्राफ्ट बीच किंग एयर 360 ईआर के जरिए 10 से 14 अक्तूबर तक जांच की जा चुकी है।
घने कोहरे और अंधेरे में भी होगी आसान लैडिंग
एयरपोर्ट पर 3900 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा पहला रनवे बनकर पूरी तरह से तैयार है। रनवे पर मार्किंग और लाइटिंग का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा कैट-1 और कैट-3 उपकरण स्थापित हो चुके हैं, जो कोहरे में विमान की ऊंचाई और दृश्यता की जानकारी देते हैं।
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इस सफल लैंडिंग के साथ ही एयरपोर्ट के इतिहास में ढाई दशक की कवायद के बाद एक और सफलता जुड़ गई। फिलहाल, इस बड़ी उपलब्धि से पहले रनवे को वाटर कैनन से सलामी दी गई। इंडिगो के ए 320 विमान ने रनवे पर सफल लैंडिंग के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के साथ प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे के ट्रायल के लिए डीजीसीए से 15 दिसंबर तक की समयसीमा तय की गई है। पहले 30 नवंबर को ट्रायल रन की तारीख नियत की गई थी। मगर, डीजीसीए टीम के निरीक्षण के चलते यह आगे बढ़ गई। कैलिब्रेशन ट्रायल के बाद रनवे का ट्रायल 9 दिसंबर को हुआ।
अबतक एयरपोर्ट पर कैट-1 और कैट-3 उपकरण स्थापित हो चुके हैं, जो कोहरे में विमान की ऊंचाई और दृश्यता की जानकारी देते हैं। एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) को स्थापित किया जा चुका है, जिसकी एयरक्राफ्ट बीच किंग एयर 360 ईआर के जरिए 10 से 14 अक्तूबर तक जांच की जा चुकी है।
घने कोहरे और अंधेरे में भी होगी आसान लैडिंग
एयरपोर्ट पर 3900 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा पहला रनवे बनकर पूरी तरह से तैयार है। रनवे पर मार्किंग और लाइटिंग का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा कैट-1 और कैट-3 उपकरण स्थापित हो चुके हैं, जो कोहरे में विमान की ऊंचाई और दृश्यता की जानकारी देते हैं।
एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) को स्थापित किया जा चुका है। नोएडा एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर में तैयार हो रहा है, इसकी यात्री क्षमता प्रति वर्ष 1.2 करोड़ होगी। लेकिन चार चरणों में इसका विस्तार किया जाएगा। 2050 तक एयरपोर्ट पूरी तरह संचालित होने पर हर साल सात करोड़ यात्रियों की आवाजाही क्षमता को पूरा करेगा।
एयरपोर्ट की उपलब्धियों पर एक नजर
- आईएलएस कैलिब्रेशन का कार्य 10 से 14 अक्तूबर तक हो चुका है।
- कैलिब्रेशन का सर्टिफिकेट भी यापल को प्राप्त हो चुका है।
- फ्लाइट ट्रालय का अप्रूवल डीजीसीए से प्राप्त हो चुका है।
- 9 दिसंबर को रनवे पर ट्रायल रन किया गया।
- एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए आवेदन इसी माह में होगा।
- एआईपी पब्लिकेशन 6 फरवरी को होगा।
- छह फरवरी के बाद फ्लाइट के लिए टिकट बुकिंग सेवा शुरू हो जाएगी।
- 17 अप्रैल तक एयरपोर्ट से कामर्शियल फ्लाइट शुरू हो जाएगी।
- आईएलएस कैलिब्रेशन का कार्य 10 से 14 अक्तूबर तक हो चुका है।
- कैलिब्रेशन का सर्टिफिकेट भी यापल को प्राप्त हो चुका है।
- फ्लाइट ट्रालय का अप्रूवल डीजीसीए से प्राप्त हो चुका है।
- 9 दिसंबर को रनवे पर ट्रायल रन किया गया।
- एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए आवेदन इसी माह में होगा।
- एआईपी पब्लिकेशन 6 फरवरी को होगा।
- छह फरवरी के बाद फ्लाइट के लिए टिकट बुकिंग सेवा शुरू हो जाएगी।
- 17 अप्रैल तक एयरपोर्ट से कामर्शियल फ्लाइट शुरू हो जाएगी।