नोएडा एयरपोर्ट: प्लॉट और मुआवजे के लिए लगा रहे तिकड़म, शादीशुदा लड़कियां खुद को बता रहीं अविवाहित
कुछ लोग 5वीं पास की फर्जी मार्कशीट बनवाकर पेश कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों ने तो शादीशुदा लड़कियों को अविवाहित बताकर दावा प्रस्तुत किया है।
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नोएडा एयरपोर्ट से प्रभावित 6 गांव के किसान अधिगृहीत जमीन से मिलने वाले भूखंड और मुआवजे के लिए लोग तरह-तरह की तिकड़म अपना रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों को पात्र लोगों को मुआवजा देने के लिए कई स्तर से जांच करानी पड़ रही है।
इस दौरान कई केस ऐसे मिले हैं, जिसमें कुछ समय पहले जिन लड़कियों की शादी हो चुकी है, उन्होंने स्वयं को अविवाहित बताते हुए मुआवजे और भूखंड के लिए दावा किया है। वहीं, नाबालिग बच्चों को बालिग दिखाने के लिए तरह-तरह के प्रमाणपत्र पेश कर कुछ लोग मुआवजा लेने की जुगत में लगे हैं।
एयरपोर्ट प्रभारी उपजिलाधिकारी रजनीकांत मिश्र ने बताया एयरपोर्ट से प्रभावित किसान परिवारों को विस्थापन के दौरान जेवर बांगर में आवासीय प्लॉट और नौकरी या उसके बदले 5.5 लाख रुपये देना प्रस्तावित है। कुछ लोग अपने नाम से मिलते-जुलते रिश्तेदारों के बच्चों के शैक्षिक प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर रहे हैं।
कुछ लोग 5वीं पास की फर्जी मार्कशीट बनवाकर पेश कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों ने तो शादीशुदा लड़कियों को अविवाहित बताकर दावा प्रस्तुत किया है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों की जांच के बाद ऐसे ज्यादातर लोगों के दावे खारिज कर दिए गए।
रिश्तेदारों के शैक्षिक प्रमाणपत्र लगा दिए
जमीन अधिग्रहण के समय नाबालिग बच्चों के लिए लोगों ने रिश्तेदारों से 10वीं की मार्कशीट मंगाकर उनके बालिग होने का दावा प्रस्तुत किया। ऐसे मामले आने पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने बोर्ड की ऑनलाइन साइट पर जांच की तो पता चला कि बच्चे का नाम तो सही है, लेकिन माता-पिता का नाम बदला हुआ है। जिसके बाद ऐसे आवेदकों के आवेदन निरस्त कर दिए गए।
5वीं पास की फर्जी मार्कशीट भी पेश की
कुछ लोगों ने स्वयं को बालिग बताने के लिए 5वीं पास की फर्जी मार्कशीट प्रस्तुत कर दी। जिसमें आवेदकों ने असली मार्कशीट की कॉपी को स्कैन कराते हुए उसमें बदलाव कर दिया, लेकिन स्कूल के रिकॉर्ड में मामला फर्जी निकला। ऐसे लोगों को भी प्लॉट और मुआवजे की दौड़ से अलग कर दिया गया।
एयरपोर्ट से प्रभावित किसान परिवार के सभी बालिग सदस्यों को नौकरी या उसके बदले 5.5 लाख रुपये और भूखंड दिया जाना था। इसके लिए आवेदन मांगे गए, लेकिन कुछ लोगों ने गलत तरीके से शैक्षिक प्रमाणपत्र और विवाहित होने के बाद भी अविवाहित बताते हुए दावे किए थे। जांच में सच्चाई सामने आने के बाद ऐसे सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है।- रजनीकांत मिश्र, एयरपोर्ट प्रभारी व उपजिलाधिकारी जेवर