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नोएडा एयरपोर्ट: 25 वर्षो में कार्गों क्षमता को पांच मिलियन टन से ज्यादा करने का लक्ष्य, एनसीआर के उद्योग भरेंगे उड़ान
Sun, 21 Nov 2021 10:25 AM IST
शाहरुख खान
मनोज कुमार शर्मा, अमर उजाला, जेवर
मनोज कुमार शर्मा, अमर उजाला, जेवर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 21 Nov 2021 10:25 AM IST
सार
जेवर एयरपोर्ट पर आधुनिक तकनीक से लैस कार्गो टर्मिनल बनेगा। इससे एनसीआर के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। नोएडा एयरपोर्ट के कार्गो की क्षमता 5 मिलियन टन होगी।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एनसीआर के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एयरपोर्ट पर आधुनिक तकनीक से लैस कार्गो टर्मिनल बनेगा। इसका निर्माण और संचालन नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) करेगी। यहां फल, सब्जी, मीट और मिठाई के लिए स्टोरेज रूम भी होंगे।
साथ ही, एनसीआर, ईस्टर्न पेरिफेरल व यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे के शहरों के उद्योगों को जोड़ते हुए 25 वर्षों में कार्गो क्षमता को 5 मिलियन टन से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में आयात-निर्यात के लिए एकमात्र विकल्प दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी एयरपोर्ट का कार्गो है।
नोएडा एयरपोर्ट की योजना तैयार करते समय पता चला था कि नोएडा और गाजियाबाद दिल्ली एयरपोर्ट की कार्गो क्षमता का 51 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में नोएडा एयरपोर्ट पर कार्गो टर्मिनल बनाने का फैसला किया गया।
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एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 2023 में कार्गो टर्मिनल को 0.5 मिलियन टन के साथ शुरू करने का लक्ष्य है जिसे बढ़ाकर 2030 में 1.4 मिलियन व 2035 में दो मिलियन टन और 2045 में 3 से 5 मिलियन टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए टर्मिनल पर सभी अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों को एयरपोर्ट से सीधे जोड़ने पर काम शुरू कर दिया गया है।
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साथ ही, एनसीआर, ईस्टर्न पेरिफेरल व यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे के शहरों के उद्योगों को जोड़ते हुए 25 वर्षों में कार्गो क्षमता को 5 मिलियन टन से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में आयात-निर्यात के लिए एकमात्र विकल्प दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी एयरपोर्ट का कार्गो है।
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नोएडा एयरपोर्ट की योजना तैयार करते समय पता चला था कि नोएडा और गाजियाबाद दिल्ली एयरपोर्ट की कार्गो क्षमता का 51 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में नोएडा एयरपोर्ट पर कार्गो टर्मिनल बनाने का फैसला किया गया।
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एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 2023 में कार्गो टर्मिनल को 0.5 मिलियन टन के साथ शुरू करने का लक्ष्य है जिसे बढ़ाकर 2030 में 1.4 मिलियन व 2035 में दो मिलियन टन और 2045 में 3 से 5 मिलियन टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए टर्मिनल पर सभी अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ एनसीआर के औद्योगिक क्षेत्रों को एयरपोर्ट से सीधे जोड़ने पर काम शुरू कर दिया गया है।
100 से 150 किलोमीटर के दायरे में हैं प्रसिद्ध उद्योग
एयरपोर्ट के 100 से 150 किलोमीटर के दायरे में प्रसिद्ध उत्पाद बनते हैं। इनकी देश-विदेश में मांग है। ऐसे में मेरठ से क्रिकेट बैट, सहारनपुर की लकड़ी, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन, खुर्जा की पॉटरी, अलीगढ़ के ताले, आगरा के चमड़े व पेठा उद्योग को एयरपोर्ट से सीधे जोड़ते हुए निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
एयरपोर्ट के 100 से 150 किलोमीटर के दायरे में प्रसिद्ध उत्पाद बनते हैं। इनकी देश-विदेश में मांग है। ऐसे में मेरठ से क्रिकेट बैट, सहारनपुर की लकड़ी, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन, खुर्जा की पॉटरी, अलीगढ़ के ताले, आगरा के चमड़े व पेठा उद्योग को एयरपोर्ट से सीधे जोड़ते हुए निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।