फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   No more questions asked for showing humanity, become a Rahaveer and receive a reward of 2500 rupees.

Noida News: इंसानियत दिखाने पर अब पूछताछ नहीं, बनोगे राहवीर, मिलेगा 25000 का इनाम

Mon, 06 Oct 2025 10:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 06 Oct 2025 10:21 PM IST
विज्ञापन
No more questions asked for showing humanity, become a Rahaveer and receive a reward of 2500 rupees.
सड़क दुर्घटना में घायल को एक घंटे के अंदर पहुंचाया अस्पताल तो सम्मानित और पुरस्कृत करेगी सरकार
विज्ञापन

राहवीर योजना के तहत मिलेगा पुरस्कार, जिले में ऐसे समाजसेवियों को मिलेगा बढ़ावा
इलाज के दौरान अस्पताल में मौत होने जाने के बाद भी मददगार को मिलेगा लाभ

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अगर आप सड़क हादसे में घायल हुए किसी व्यक्ति की मदद करते हैं, तो सरकार आपको राहवीर के रूप में सम्मानित और पुरस्कृत करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार की यह योजना सोमवार से गौतमबुद्ध नगर में भी लागू हो गई है। यह योजना उन आम लोगों के लिए है जो इंसानियत दिखाते हुए किसी घायल को समय पर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर तक पहुंचाते हैं। ऐसे इंसान को पुरस्कार के रूप में 25000 रुपये मिलेंगे।

परिवहन विभाग के एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने बताया कि इस योजना का मकसद लोगों को डर और झिझक छोड़कर आगे आने के लिए प्रेरित करना है। अक्सर जब सड़क पर कोई दुर्घटना होती है, तो कई लोग रुककर देखते हैं लेकिन मदद करने से डरते हैं। कहीं पुलिस पूछताछ में न फंस जाएं या किसी झंझट में न पड़ जाएं। इन सब को देखते हुए अब सरकार ने साफ कहा है कि जो भी व्यक्ति हादसे के पहले एक घंटे (जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है) में घायल को अस्पताल पहुंचाएगा, उसे सरकार की ओर से पुरस्कृत और सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन

डॉ. पांडेय ने बताया कि यदि घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो जाए तब भी मदद करने वाले को सम्मान मिलेगा। बशर्ते अस्पताल यह पुष्टि करें कि मौत का कारण सड़क हादसा था। यानी अब मदद करने वाले को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा, बल्कि समाज में उसकी पहचान एक राहवीर के रूप में बनेगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि गंभीर सड़क दुर्घटना वही मानी जाएगी, जिसमें बड़ी सर्जरी करनी पड़े, घायल तीन दिन से ज्यादा अस्पताल में भर्ती रहे, मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट हो, या इलाज के दौरान मौत हो जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूपी में मृत्यु दर कम करने पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशभर के सभी जिलों में सड़क हादसों से होने वाली मौतों को कम करने के लिए कई प्रयास कर रही है। इसी के तहत लगातार हर जिले के सड़क हादसों की मॉनीटरिंग विभाग की ओर से की जा रही है। शुरुआती छह महीनों में सड़क हादसों में कमी न दिखने पर इसे और प्रभावी बनाया जा रहा है।


दुर्घटनाग्रस्त के लिए हर मिनट अहम
परिवहन विभाग के एआरटीओ प्रशासन सियाराम वर्मा ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद हर एक मिनट किसी घायल की जान बचाने में अहम होता है। अगर आम लोग आगे आएं, तो सैकड़ों जानें बचाई जा सकती हैं। सरकार चाहती है कि आम जनता इस योजना को अपनाएं और बिना किसी डर के मदद करे। जो लोग ऐसा करेंगे, उन्हें सम्मान-पत्र, पुरस्कार और राह-वीर की उपाधि दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed